मिर्गी पैदा करने वाला जीन मिला

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 12, 2013

मिर्गी का जीनमिर्गी के कारणों को लेकर अभी तक समाज में कई तरह की भ्रांतियां मौजूद थीं। इसके सही कारणों को लेकर अभी तक वैज्ञानिक किसी पुख्ता नतीजे तक नहीं पहुंच पाए थे। लेकिन, अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस बीमारी के सही कारणों से पर्दा उठने ही वाला है। ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने अमेरिकी टीम के सहयोग से उन्नत जीन तकनीक का इस्तेमाल कर नए जीन और आनुवंशिक उत्परिवर्तन की खोज की है, जिससे बचपन में गंभीर मिर्गी के कारणों का पता चलने में आसानी होगी।

 

मेलबर्न विश्वविद्यालय में मिर्गी अनुसंधान केन्द्र के निदेशक और प्रमुख शोधकर्ता सैम बेर्कोविक ने कहा कि यह शोध उन माता पिता और परिवारों की चिंता का समाधान देता है, जिन्हें इस बात का बिलकुल अंदाजा नहीं होता कि आखिर उनके बच्चों को यह रोग कहां से लगा। इससे इस बीमारी का इलाज करने में भी काफी मदद मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है। माता-पिता के लिए यह बात सबसे अधिक परेशान करने वाली होती है कि उन्हें अपने बच्चे की बीमारी का कारण न पता हो। वे अक्सर ये मानते हैं कि उन्होंने ही कुछ गलत किया होगा, जिसकी सजा उनके बच्चों को मिल रही है।

 

इस नवीन तकनीक का इस्ते माल कर मिर्गी के चार हजार मरीजों और उनके रिश्तेदारों के डीएनए का विश्लेषण किया गया। इस अध्ययन को Epi4Ks कहा गया। Epi4Ks साझा डीएनए श्रेणी और रोगियों की जानकारी दर्जनों अनुसंधान संस्थानों के बीच प्राप्त होती हैं। शोधकर्ताओं ने ऐसे 264 बच्चों के अनुवांशिक गुणसूत्रों का उनके माता-पिता के साथ मिलान किया, जिन्हें मिर्गी की शिकायत नहीं थी। माता-पिता और बच्चों के गुणसूत्रों में अंतर का विश्लेषण कर इस बीमारी की आशंका के बारे में अंदाजा लगाया गया।




 

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