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पौधे से तोड़ा गया एलोवेरा या रंगीन जेल? आयुर्वेदाचार्य से जानें आपकी स्किन के लिए कौन सा है सबसे सेफ

Fresh Aloe Vera Vs Market Gel: एलोवेरा को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि इसे ताजा ही इस्तेमाल करें या फिर मार्केट में मिलने वाले एलोवेरा जेल को भी लगाया जा सकता है? इस बारे में हमने आयुर्वेदाचार्य से बात की और उन्होंने ताजे और मार्केट में मिलने वाले जेल के फायदे और नुकसान दोनों के बारे में विस्तार से बात की।   
पौधे से तोड़ा गया एलोवेरा या रंगीन जेल? आयुर्वेदाचार्य से जानें आपकी स्किन के लिए कौन सा है सबसे सेफपौधे से तोड़ा गया एलोवेरा या रंगीन जेल? आयुर्वेदाचार्य से जानें आपकी स्किन के लिए कौन सा है सबसे सेफ

Fresh Aloe Vera Vs Market Gel: आजकल हर्बल प्रोडेक्ट्स का इस्तेमाल करना काफी पॉपुलर हो गया है। इसमें एलोवेरा सबसे ऊपर है। कई लोग एलोवेरा को चेहरे पर लगाते हैं, कई लोग बालों में, तो कोई सनबर्न या जलन में, लेकिन एक सवाल अक्सर मन में आता है कि घर पर निकाला गया ताजा एलोवेरा जेल बेहतर है या बाजार में मिलने वाला पैक्ड जेल? इस बारे में हमने फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल के सीनियर आयुर्वेदिक पंचकर्मा कंसल्टेंट डॉ. चेतन शर्मा (Dr. Chetan Sharma, Sr. Ayurveda Panchakarma Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad & Noida) से बात की। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार एलोवेरा सिर्फ एक कॉस्मेटिक प्लांट नहीं है, बल्कि एक औषधीय पौधा है। सुश्रुत संहिता और भावप्रकाश जैसे प्राचीन ग्रंथों में इसे कुमारी कहा गया है और इसका इस्तेमाल स्किन, बालों और डाइजेशन से जुड़ी कई समस्याओं में करने को मिलता है। अब ताजा एलोवेरा इस्तेमाल करना चाहिए या मार्केट का जेल, इन दोनों के अपने फायदे और नुकसान है।

ताजा एलोवेरा का इस्तेमाल

डॉ. चेतन कहते हैं, “एलोवेरा का असर इस बात पर बहुत निर्भर करता है कि वह ताजा है या प्रोसेस्ड। दरअसल, ताजा एलोवेरा सीधे पौधे की पत्ती से निकाला जाता है। इसमें कोई प्रिजरवेटिव, खुशबू या रंग नहीं होता और आयुर्वेद में ताजा एलोवेरा को शीतल, स्निग्ध और रसप्रधान माना गया है। सबसे जरूरी बात यह है कि एलोवेरा में प्राण तत्व जीवित रहता है, जो स्किन और हेयर हेल्थ के लिए बहुत जरूरी माना जाता है। इसलिए यह स्किन और बालों, दोनों के लिए फायदेमंद है।”

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स्किन के लिए फायदेमंद

ताजे एलोवेरा के स्किन को लेकर फायदेमंद है।

  1. स्किन की जलन, रैश और एक्ने में मदद करता है, जिसे आयुर्वेद में पित्त शमन करना है।
  2. एलोवेरा नेचुरल मॉइस्चराइजर है जो पोर्स को ब्लॉक नहीं करता।
  3. एलोवेरा सनबर्न, एलर्जी और खुजली में जल्दी राहत देता है।
  4. जिन लोगों की स्किन जल्दी लाल हो जाती है, उनके लिए ताजा एलोवेरा बहुत फायदेमंद होता है।

बालों के लिए फायदेमंद

  1. ताजा एलोवेरा बालों में लगाने पर स्कैल्प की ड्राइनेस कम होती है।
  2. डैंड्रफ और खुजली में राहत मिलती है।
  3. ताजा एलोवेरा से बालों की जड़ों को न्यूट्रिशन मिलता है।
  4. ताजा एलोवेरा स्कैल्प को ठंडक मिलती है और हेयर रूट्स को मजबूत बनाने में मदद करता है।

ताजा एलोवेरा के क्या नुकसान है?

डॉ. चेतन कहते हैं, “वैसे तो ताजा एलोवेरा के कई फायदे हैं, लेकिन इसके कई नुकसान भी हैं। दरअसल, हर जगह एलोवेरा का पौधा उपलब्ध नहीं होता। कई बार गलत तरीके से जेल निकालने पर खुजली या इरिटेशन हो सकती है और एलोवेरा के जेल को ज्यादा देर तक स्टोर नहीं किया जा सकता।"

मार्केट में मिलने वाले एलोवेरा जेल का इस्तेमाल

डॉ. चेतन कहते हैं, “आजकल बाजार में दर्जनों एलोवेरा जेल मिलते हैं, लेकिन इनमें एलोवेरा के अलावा और भी कई चीजें मिली होती हैं, जिसमें प्रिजरवेटिव, खुशबू, कलर और कई बार अल्कोहल शामिल होता है। इस वजह से यह जेल लंबे समय तक खराब नहीं होता। आयुर्वेद इसे संस्कृत रूप मानता है, यानी प्रोसेस्ड फॉर्म। इस प्रोसेस में मूल गुण कम हो जाते हैं और प्राण तत्व लगभग समाप्त हो जाता है। यही वजह है कि इसका असर ताजा एलोवेरा जैसा नहीं होता।

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मार्केट वाले एलोवेरा जेल के फायदे

डॉ. चेतन ने बताया कि मार्केट वाले एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करना आसान होता है, यह लंबे समय तक खराब नहीं होता और जो लोग ट्रैवल करते हैं या जिनके पास पौधा नहीं है, उनके लिए यह एक आसान ऑप्शन है।

मार्केट वाले एलोवेरा जेल का नुकसान

डॉ. चेतन कहते हैं कि मार्केट वाले एलोवेरा में असल एलोवेरा बहुत कम होता है, इसलिए सेंसिटिव स्किन वालों में एलर्जी का रिस्क ज्यादा रहता है और लंबे समय तक इस्तेमाल से स्किन ड्राई या डल हो सकती है। कई लोग शिकायत करते हैं कि शुरुआत में जेल अच्छा लगता है, लेकिन कुछ समय बाद स्किन पर असर कम होने लगता है।

कौन-सा जेल बेहतर है?

डॉ. चेतन कहते हैं, “अगर आपके पास एलोवेरा का पौधा है और आप सही तरीके से जेल निकालना जानते हैं, तो ताजा एलोवेरा जेल हमेशा बेहतर ऑप्शन है। अगर आपको मार्केट का जेल लेना पड़े, तो इंग्रेडिएंट लिस्ट जरूर पढ़ें, अल्कोहल फ्री हो, हाई एलोवेरा वाला जेल हो और जेल में ज्यादा खुशबू न हो। इसके अलावा, ताजा एलोवेरा हफ्ते में दो से तीन बार ही इस्तेमाल करें। पहली बार इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करें और अगर किसी को गंभीर स्किन या हेयर प्रॉब्लम में केवल जेल पर निर्भर न रहें, बल्कि डॉक्टर से सलाह लें।”

निष्कर्ष

डॉ. चेतन ने जोर देते हुए कहा कि आयुर्वेद हमेशा नेचुरल, ताजा और कम प्रोसेस्ड इस्तेमाल करने की सलाह देता है। इसलिए ताजे एलोवेरा को स्किन और बालों के लिए ज्यादा असरदार माना गया है। अगर मार्केट वाला जेल चुनना है, तो इंग्रेडिएंट देखकर ही चुनाव करें।

FAQ

  • अगर मैं रात भर अपने चेहरे पर एलोवेरा जेल छोड़ दूं तो क्या होगा?

    रात भर चेहरे पर एलोवेरा जेल लगाने से स्किन को नमी, न्यूट्रिशन और ठंडक मिलती है, जिससे मुंहासे, दाग-धब्बे, झुर्रियां कम होती हैं और सुबह स्किन चमकदार व ताजा दिखती है। हालांकि, ऑयली स्किन वाले लोगों को एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए। अगर जेल में केमिकल हों तो एलर्जी हो सकती है, इसलिए पैच टेस्ट जरूरी है।
  • चेहरे पर एलोवेरा कब नहीं लगाना चाहिए?

    अगर एलोवेरा लगाने के बाद किसी भी तरह की असहजता महसूस हो, तो इसका मतलब है कि एलोवेरा अच्छी तरह आब्जर्ब नहीं हो रहा है और इसे हटाने की जरूरत हो सकती है।
  • कच्चा एलोवेरा चेहरे पर कैसे लगाएं?

    स्किन की नमी को बढ़ाने के लिए सबसे पहले अपने चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से धो लें। इसके बाद, एक छोटी मात्रा में एलोवेरा जेल लें और इसे अपने चेहरे पर समान रूप से लगाएं। इसे हल्के हाथों से मसाज करें, ताकि यह अच्छी तरह से स्किन में समाहित हो जाए।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 10, 2026 07:03 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Jan 10, 2026 07:03 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetan Sharma