1 मई से शुरू हो रहा है तीसरे फेज का कोरोना टीकाकरण, एक्सपर्ट से जानें वैक्सीन से जुड़े आपके सभी सवालों के जवाब

कोरोना वैक्सीन को लेकर कई भ्रांतियां हैं। इन सभी भ्रांतियों को डॉक्टर तंवर ने खत्म किया है और बताया है कि वैक्सीन लेना जरूरी है। 

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: Apr 30, 2021Updated at: Apr 30, 2021
1 मई से शुरू हो रहा है तीसरे फेज का कोरोना टीकाकरण, एक्सपर्ट से जानें वैक्सीन से जुड़े आपके सभी सवालों के जवाब

कोरोना से बचाव का उपाय वैक्सीन है। अभी तक देखा गया है जिन लोगों ने पहले और दूसरे चरण में वैक्सीन लगवाई उन्हें कोरोना का खतरा कम हुआ। दरअसल वैक्सीन कोरोना के प्रभाव को कम कर देती है। जिन लोगों ने कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाई है उन पर कोरोना ज्यादा बुरी तरह से असर डालता है। इसलिए विशेषज्ञों की राय है कि कोरोना वैक्सीन लगवाना जरूरी है। भारत में 1 मई से कोरोना वैक्सीन का तीसरा फेज शुरू होने वाला है। इस फेज में 18 साल से ऊपर वाले लोग शामिल होंगे। हालांकि देश में वैक्सीन की कमी के चलते दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों ने शनिवार से शुरू होने वाले वैक्सीनेशन प्रोग्राम को टाल दिया है। वैक्सीन की कमी के चलते यह फैसला लिया गया है। कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज को लेकर भी लोगों में कई सवाल हैं। आपके हर सवाल का जवाब ओन्ली माई हेल्थ देगा। आज हमारे साथ  दिल्ली के अपोलो अस्पताल में डॉ. एम.एस. कंवर (सीनियर कंसल्टेंट रेस्पिरेटरी मेडिसिन, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप डिसऑर्डर) वैक्सीन के तीसरे फेज से जुड़े हर सवाल का जवाब देंगे।

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क्या कोविड वैक्सीन का सेंकेंड डोज लेना जरूरी है?

डॉक्टर का कहना है कि पहली डोज के बाद दूसरी डोज लेना जरूरी है।  दूसरी डोज पहली डोज के तीन महीने के बाद लगवानी चाहिए। 

क्या दो लोगों को एक साथ क्वारिंटिन कर सकते हैं?

इस पर डॉक्टर ने कहा कि कर सकते हैं। पर सभी को मास्क पहनना होगा। क्वारिंटीन होने पर भी मास्क पहनना जरूरी है।

अगर किसी को कोविड के लक्षण हैं, क्या उन्हें वैक्सीन लेने से पहले आरटीपीसीआर टेस्ट कराना चाहिए?

इस सवाल के जवाब में डॉक्टर कंवर ने कहा कि अगर आपको कोविड के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो सबसे पहले आप खुद को आइसोलेट कीजिए। लक्षण दिखने के 3 हफ्ते तक वैक्सीन के बारे में नहीं सोचें। अगर कोरोना जांच में यह पुष्ट हो गया कि आपको कोरोना है तब तीन महीने के बाद वैक्सीन लगवानी चाहिए।

पीरियड्स के दौरान कोविड की वैक्सीन नहीं लेनी चाहिए?

यह सच नहीं है। यह एक भ्रांति है। वैक्सीन सभी के लिए जरूरी है।

प्रेग्नेंसी, प्रेग्नेंसी की प्लानिंग या ब्रेस्टफीडिंग वाली महिलाएं वैक्सीन ले सकती हैं?

हां, ले सकती हैं। डॉक्टर कहते हैं कि कोरोना की कौन सी पीक कब आएगी कुछ कहा नहीं जा सकता। कौन सा म्युटेन कब आएगा यह भी नहीं कहा जा सकता। ऐसे में कोरोना के चक्कर में कोई अपनी आम जिंदगी जीना थोड़े छोड़ेगा। अभी कोरोना की पीक चल रही है तो यह घटेगा भी। आगे कब बढ़ेगा उस पर कुछ कहा नहीं जा सकता। तो ऐसे में वैक्सीन लेने से नहीं रुकना है। वैक्सीन से ज्यादा ये सोचें कि आपकी वजह से किसी को संक्रमण न फैले। इसलिए बच्चा कंसीव करने में कोई दिक्तत नहीं है।

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कोविड वैक्सीन से इंफर्टिलिटी कम हो जाती है?

कोरोना वैक्सीन की शुरूआत के समय लोगों में यह जानकारी पहुंची कि कोरोना वैक्सीन लगने से इंफर्टिलिटी कम हो जाती है। इस पर डॉक्टर कंवर का कहना है कि यह सच नहीं है। वैक्सीन का इंफर्टिलिटि से कोई लेना देना नहीं है। 

वैक्सीन के लिए बाहर जाना चाहिए?

डॉक्टर ने कहा जी हां। अभी घऱ-घर वैक्सीन नहीं लग रही है। इसलिए वैक्सीन लेने के लिए जब भी आप घर से बाहर जाएं तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। ज्यादा लोगों से टच न हों। उन्होंने कहा कि घर में जो भी सामान बाहर से आ रहा है उसे अच्छे से सैनिटाइज करें। 

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कोविड का शॉट लगने के बाद भी कोविड हो रहा है, इससे लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर नकारात्मक छवि बन रही है?

डॉक्टर ने कहा कि जब कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगती है तब इम्युनिटी बनने में 10 से 12 दिन लगते हैं। इस बीच में आपको कोरोना हो सकता है, क्योंकि अभी तक आपका शरीर कोरोना से लड़ने के लिए डिफेंस सिस्टम बना रहा होता है। दूसरी चीज में दोनों शॉट लग चुके उसके बाद भी कोविड हो गया, तब भी हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा। लेकिन जिनको कोविड प्रोटेक्शन मिल जाती है। उन्हें हॉस्पिटल मे भर्ती होने की संभावना कम होती है। वैक्सीन कोविड की गंभीरता को कम करती है। 

अगर आरटीपीसीआर टेस्ट नहीं हुआ है, पर लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो क्या कोरोना का इलाज शुरू कर देना चाहिए?

इस सवाल के जवाब में डॉक्टर ने कहा कि हां, इलाज शुरू कर देना चाहिए। अगर आपके हल्के या गंभीर जैसे भी लक्षण हैं, तब भी इलाज शुरू करना है। आरटीपीसीआऱ नेगेटिव आने के बाद भी कोरोना लक्षण दिखाई देते हैं तब भी आपको कोरोना का इलाज शुरू कर देना चाहिए।

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कितना जरूरी है वैक्सीन लेने के बाद कोविड नियम को फॉलो करना?

डॉक्टर का कहना है कि वैक्सीन लगने के बाद भी कोरोना हो सकता है, पर उसकी गंभीरत कम होगी। इसलिए वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क, सैनिटाइजेशन, हाइजीन, सोशल डिस्टेंसिंग सभी का ध्यान रखना है। 

अब 18 से ऊपर वाले लोगों को वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी, लेकिन अगर उनमें से किसी को बीमारी जैसे डायबीटिज, किडनी, हार्ट है तो वे वैक्सीन लगवा सकते हैं?

हां। डॉक्टर ने कहा कि हां लगवानी चाहिए। कोरोना की वैक्सीन कोरोना से बचाती है। किसी और बीमारी पर कोई प्रभाव नहीं डालती है। 

क्या अस्थमा के मरीजों के लिए कोविड की वैक्सीन सेफ है?

हां। इसमें कोई दोराय नहीं है कि इन मरीजों को वैक्सीन नहीं लेना चाहिए। वैक्सीन आपके अस्थमा, डायबिटिज, किडनी, हार्ट किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाएगी। 

कौन सी वैक्सीन अच्छी है?

इसका जवाब बहुत कठिन है। कौन सी वैक्सीन बहुत अच्छी है, इसका असर साल भर में मालूम होता है। एक दिन में नहीं। किस वैक्सीन से कितनी प्रोटेक्शन मिली, इसकी लंबी स्टडी करनी पड़ती है, एक दिन में जवाब नहीं मिलता है। 

वैक्सीन लगवाने के बाद कौन से लक्षण दिखाई देते हैं?

शरीर में दर्द होना, जहां इंजेक्शन लगा है वहां दर्द होना, हल्का बुखार होना, ये लक्षण दिखाई देते हैं। पर यह कुछ दिन में ठीक हो जाते हैं।

हमने वैक्सीन का शॉट लिया पर कोई लक्षण दिखाई नहीं दिया, क्या वैक्सीन का असर नहीं हो रहा है?

डॉक्टर ने कहा कि जो लोग यह सवाल करते हैं, उन्हें यह कैसे मालूम कि वैक्सीन काम कर रही है या नहीं। वैक्सीन अपना काम कर रही होती है। 

ओन्ली माई हेल्थ के इस फेसबुक लाइव में डॉक्टर तंवर ने कहा कि वैक्सीन को दरकिनार नहीं करना चाहिए। वैक्सीन लगवाना जरूरी है। अभी वैक्सीन की कमी चल रही है। इसलिए कई राज्यों में अभी नहीं लग रही है। जिस तरीके से भारत में वैक्सीनेशन होना चाहिए था उस तरह से नहीं हो रहा है, लेकिन जिन लोगों को वैक्सीन मिल रही है उन्हें जरूर लगवानी चाहिए।

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