शरीर के लिए जरूरी होते हैं ये 18 विटामिन्स और मिनरल्स, शरीर में न होने दें इनकी कमी

Vitamins and Minerals in Hindi: आज हम आपको कुछ ऐसे विटामिन्स और मिनरल्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी माने जाते हैं।

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Apr 11, 2022Updated at: Apr 14, 2022
शरीर के लिए जरूरी होते हैं ये 18 विटामिन्स और मिनरल्स, शरीर में न होने दें इनकी कमी

Important Vitamins and Minerals for Body: स्वस्थ रहने के लिए शरीर में जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स का पर्याप्त मात्रा में होना बहुत जरूरी होता है। शरीर में विटामिन्स और मिनरल्स की कमी तरह-तरह के रोगों का कारण बन सकता है। अकसर आपने विटामिन डी, विटामिन सी, विटामिन ई, कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम जैसे विटामिन्स और मिनरल्स के बारे में सुना होगा। हम लोग OMH के campaign  'focus of the month' में आपको रोजाना Healthy Living पर एक खास मुद्दे से रूबरू करवा रहे हैं। इस लेख में हम आपको ऐसे 18 विटामिन्स और मिनरल्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो एक स्वस्थ शरीर के लिए बहुत जरूरी माने जाते हैं। चलिए आरोग्य डाइट और न्यूट्रीशन क्लीनिक की डायटीशियन डॉक्टर सुगीता मुटरेजा से विस्तार से जानते हैं शरीर के लिए कौन-कौन से विटामिन्स और मिनरल्स जरूरी होते हैं। 

1. विटामिन ए (Vitamin A)

विटामिन ए वसा में घुलनशील होता है। विटामिन ए आंखों के लिए बहुत जरूरी होता है। इसके अलावा विटामिन ए इम्यूनिटी और सेल्स बढ़ाने का भी काम करता है। विटामिन ए कोशिकाओं में एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है, कोशिकाओं की मरम्मत में मदद करता है।

विटामिन ए के सोर्स (vitamin a sources in hindi)

गाजर, शकरकंद, टमाटर, पालक, ब्रोकली में विटामिन ए काफी अच्छी मात्रा में होता है। इसके अलावा सीताफल, केल, लाल शिमला मिर्च, आम, मछली का तेल और दूध में भी विटामिन ए होता है। अंडा भी विटामिन ए का अच्छा सोर्स है।

vitamin b

2. विटामिन बी1

विटामिन बी1 यानी थियामिन। विटामिन बी1  मस्तिष्क के लिए जरूरी माना जाता है। थियामिन एक प्रकार का विटामिन है,  जो शरीर को ऊर्जा देने, मेटाबॉलिज्म और कोशिका वृद्धि के लिए जरूरी होता है। गर्भवती, स्तनपान कराने वाली महिलाओं को विटामिन बी1 की अधिक जरूरत होती है। वजन कम होना, याद्दाश्त कम होना और मांसपेशियों में कमजोरी शरीर में विटामिन बी1 की कमी के लक्षण होते हैं।

विटामिन बी 1 के स्रोत (vitamin b1 sources)

थियामिन प्राकृतिक रूप से मांस, मछली और साबुत अनाज में पाया जाता है। इसके अलावा बीन्स, दाल, हरी मटर, चावल, सूरजमुखी के बीज और दही भी विटामिन बी1 या थियामिन के अच्छे सोर्स हैं। 

3. विटामिन बी2

विटामिन बी2 यानी राइबोफ्लेविन। विटामिन बी2 लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने, रक्त में ऑक्सीजन ले जाने, खून की कमी को दूर करने के कार्य में सहायक होता है। विटामिन बी2 एनीमिया से भी बचाता है। विटामिन बी2 आयरन के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। होठों के किनारों में सूजन, ड्राय लिप्स, जीभ का काला पड़ना, गले में दर्द, थकान, गले में खराश, आखों में जलन, आंखों में खुजली और जीभ में सूजन शरीर में विटामिन बी2 की कमी के लक्षणों में शामिल हैं।

विटामिन बी2 के स्रोत (vitamin b2 sources)

विटामिन बी2 ऑर्गन मीट, अंडे, लीन मीट और सब्जियों में अधिक होता है। शाकाहारी लोगों में विटामिन बी2 या राइबोफ्लेविन की कमी हो सकती है।

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4. विटामिन बी3 (Vitamin B 3)

विटामिन बी3 शरीर में भोजन को ऊर्जा में बदलने और इसे स्टोर करने का कार्य करता है। विटामिन बी3 तंत्रिकाओं के कार्य में भी सहायक होता है। यह त्वचा, ऊतकों और पाचन तंत्र के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। विटामिन बी3 की कमी को पेलाग्रा कहा जाता है। मानसिक समस्याएं, मनोभ्रंश, पाचन संबंधी समस्याएं विटामिन बी3 की कमी के लक्षण हो सकते हैं।

विटामिन बी3 के स्रोत (vitamin b3 sources)

विटामिन बी3 यानी नियासिन। टूना मछली नियामिन से भरपूर होता है। इसके अलावा अगर आप शाकाहारी हैं, तो आप एवोकाडो, मूंगफली, साबुत अनाज, मशरूम, आलू और हरी मटर से विटामिन बी3 प्राप्त कर सकते हैं।

5. विटामिन बी6 (Vitamin B 6)

विटामिन बी6 शारीरिक और मानसिक कार्यों के लिए जरूरी होता है। विटामिन बी6 मेटाबॉलिज्म, तंत्रिका कार्यों, आंखों, त्वचा और लिवर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी होता है। यह शारीरिक ऊर्जा के स्तर को भी बढ़ाने का काम करता है। मांसपेशियों में कमजोरी, चिड़चिड़ापन, अवसाद, घबराहट, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी आना विटामिन बी 6 की कमी के लक्षण हैं। 

विटामिन बी6 के स्रोत (vitamin b6 sources)

केला विटामिन बी6 का एक बेहतरीन सोर्स है। इसके अलावा दूध, सैल्मन, टूना और अंडे में भी विटामिन बी6 होता है। अगर आप शाकाहारी हैं , तो गाजर, पालक, शकरकंद, हरी मटर और एवोकाडो से विटामिन बी6 ले सकते हैं।  

6.विटामिन के (Vitamin K)

पत्तेदार साग विटामिन K से भरपूर होते हैं। विटामिन के एक पोषक तत्व है, जो स्वस्थ हड्डियों को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। यह प्रोटीन के उत्पादन के लिए एंजाइम के रूप में कार्य करता है, जो रक्त के थक्के और हड्डियों के चयापचय दोनों में सहायता करता है। कोलार्ड, शलजम के साग, पालक और केल में विटामिन K प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। 

7. विटामिन बी 12 (Vitamin B 12)

विटामिन बी 12 शरीर में रेड ब्लड सेल्स के निर्माण के लिए बहुत जरूरी होता है। यह फोलिक एसिड को शरीर तक पहुंचाने में मदद करता है। शरीर में विटामिन बी 12 की कमी होने पर आपको मानसिक समस्याओं, हड्डी और जोड़ों में दर्द से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। थकान, कमजोरी, कब्ज, वजन कम होना, भूख न लगना, अवसाद, मनोभ्रंश, हाथों और पैरों में सुन्नता विटामिन बी12 की कमी के लक्षण हो सकते हैं। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकार वाले लोगों में विटामिन बी12 की कमी अधिक होती है।

विटामिन बी12 के स्त्रोत (vitamin b12 sources in hindi)

खमीर, टूना, फोर्टिफाइड अनाज, मछली, मांस, डेयरी उत्पाद और अंडे में  विटामिन बी 12 काफी अच्छी मात्रा में होता है। इसके अलावा दूध और दूध से बने पदार्थों में भी विटामिन बी12 काफी अधिक होता है। ये सभी विटामिन बी 12 के अच्छे सोर्स हैं।

8. विटामिन सी (Vitamin C)

विटामिन सी एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर की इम्यूनिटी के लिए जरूरी होता है। विटामिन सी स्वस्थ हड्डियों, त्वचा और मांसपेशियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसलिए आपको अपनी डाइट में विटामिन सी को जरूर शामिल करना चाहिए। सूजन, मसूड़ों से खून आना, घाव भरने में देरी विटामिन सी की कमी के कारण हो सकता है।

विटामिन सी सोर्सेज (vitamin c sources)

विटामिन सी खट्टे फलों से मिलता है। संतरा, कीवी, नींबू, संतरे का रस, काली मिर्च, स्ट्रॉबेरीज, ब्रोकली और आलू में विटामिन सी भरपूर होता है। 

9. कैल्शियम (Calcium)

कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए बहुत जरूरी होता है। कैल्शियम हड्डियों और दांतों के लिए जरूरी होता है। हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए अपनी डाइट में कैल्शियम जरूर शामिल करें।

कैल्शियम के सोर्स (Calcium Sources)

दूध, पनीर और दूध से बनी चीजों में कैल्शियम भरपूर होता है। ब्रोकोली और हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे केल में भी कैल्शियम होता है। कैल्शियम की पूर्ति के लिए आप अपनी डाइट में कैल्शियम रिच फूडस को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

10. विटामिन डी (Vitamin D)

यह शरीर को कोशिका वृद्धि को नियंत्रित करने, सूजन से लड़ने और प्रतिरक्षा कार्य को बढ़ाने का कार्य करता है। यह शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकता है। स्वस्थ हड्डियों को बनाए रखने और ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में मदद करने के लिए कैल्शियम के साथ काम करता है। 

विटामिन डी के सोर्स (Vitamin D Sources)

धूप विटामिन डी का एक बेहतरीन सोर्स है। विटामिन डी एक मोटा घुलनशील विटामिन है। सैल्मन, मैकेरल और टूना में विटामिन डी होता है। अंडे की जर्दी, फोर्टिफाइड दूध और संतरे के रस में विटामिन डी भी हो सकता है। 

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vitamin E

11. विटामिन ई (Vitamin E)

विटामिन ई एक एंटीऑक्सीडेंट विटामिन है, जो कोशिकाओं को मुक्त कणों से बचाता है। विटामिन ई के अच्छे स्रोतों में गेहूं के बीज का तेल, सूरजमुखी के बीज, बादाम, हेज़लनट्स और मूंगफली शामिल हैं। नट बटर विटामिन ई के अच्छे स्रोत हैं। 

12. फोलिक एसिड (Folic Acid)

फोलेट एक बी विटामिन है। हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स, मीट, पोल्ट्री, बीन्स, फल, समुद्री भोजन, अंडे, अनाज, पालक, शतावरी और ब्रसेल्स स्प्राउट्स में प्राकृतिक स्रोत पाए जाते हैं। फोलिए एसिड  मस्तिष्क और स्पाइना बिफिडा में जन्म दोषों को भी रोकता है। 

13. आयोडीन (Iodine)

आयोडीन एक ट्रेस खनिज है, जो थायरॉयड ग्रंथि के समुचित कार्य के लिए महत्वपूर्ण है। आयोडीन के प्राकृतिक स्रोतों में समुद्री शैवाल, कॉड, दही और दूध शामिल हैं। टेबल नमक और ब्रेड अक्सर खनिज से समृद्ध होते हैं। 

14. आयरन (Iron)

आयरन एक खनिज है, जो शरीर के लिए जरूरी है क्योंकि यह हीमोग्लोबिन का एक घटक है। प्रोटीन जो फेफड़ों से ऑक्सीजन लेता है और इसे ऊतकों तक पहुंचाता है। स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने के लिए आपको पर्याप्त आयरन की आवश्यकता होती है। आयरन की कमी से आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया नामक स्थिति पैदा हो जाती है। फोर्टिफाइड ब्रेकफास्ट अनाज, सफेद बीन्स, डार्क चॉकलेट में आयरन होता है।

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15. मैग्नीशियम (Magnesium )

मैग्नीशियम एक खनिज है, जिसका उपयोग शरीर में 300 से अधिक एंजाइम प्रतिक्रियाओं में किया जाता है। आपको प्रोटीन और डीएनए बनाने, रक्त शर्करा और रक्तचाप को नियंत्रित करने, ऊर्जा का निर्माण करने और उचित तंत्रिका और मांसपेशियों के कार्य को प्रोत्साहित करने के लिए  मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है। मतली, उल्टी, कमजोरी, थकान और भूख न लगना मैग्नीशियम की कमी से के लक्षण हैं। बादाम, काजू और मूंगफली में मैग्नीशियम अच्छी मात्रा में होता है। इसके अलावा पालक, बीन्स और एवोकाडो में भी मैग्नीशियम होता है। 

16. पोटैशियम (Potassium )

पोटेशियम एक मिनरल है, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट के रूप में कार्य करता है। यह ब्लड प्रेसर और लिवर के कार्य को भी नियंत्रित करता है। हृदय, मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को ठीक से काम करने के लिए पोटैशियम की आवश्यकता होती है। आलू, आलूबुखारा, शकरकंद, गाजर, केला, हरी पत्तेदार सब्जियां, खरबूजा और टमाटर पोटैशियम के अच्छे स्रोत हैं। 

17. सेलेनियम

सेलेनियम एक ट्रेस मिनरल है, जो आपके शरीर को थायरॉयड ग्रंथि और प्रतिरक्षा प्रणाली के समुचित कार्य के लिए आवश्यक है। सेलेनियम एक एंटीऑक्सिडेंट है, जो कोशिकाओं और ऊतकों को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाता है। ब्राजील नट्स, सीफूड, ऑर्गन मीट, मीट और अंडे सेलेनियम के अच्छे सोर्स हैं। 

18. जिंक

जिंक एक खनिज है, जो आपके स्वाद और गंध की इंद्रियों को बनाए रखने के लिए जरूरी है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जरूरी है और घाव भरने के लिए आपके शरीर को इसकी जरूरत होती है। दस्त, बालों का झड़ना, नपुंसकता, वजन कम होना, घाव का धीरे-धीरे ठीक होना और मानसिक जिंक की कमी के लक्षण हो सकते हैं। 

जिंक खनिजों में से एक है, जो आपकी आंखों की रक्षा करने में मदद करता है। समुद्री भोजन, बेक्ड बीन्स और दही जिंक के अच्छे सोर्स हैं। 

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