तरबूज का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए भी है बहुत फायदेमंद, प्रेग्नेंसी की कई गंभीर मुश्किलें होती हैं दूर

तरबूज का सेवन गर्मियों में गर्भवती महिलाओं के लिए भी बहुत फायदेमंद है। तरबूज खाकर प्रेग्नेंसी के दौरान आने वाली कई गंभीर समस्याओं को रोका जा सकता है।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: May 29, 2020Updated at: May 29, 2020
तरबूज का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए भी है बहुत फायदेमंद, प्रेग्नेंसी की कई गंभीर मुश्किलें होती हैं दूर

तरबूज गर्मियों (Watermelon in Summers) में आने वाला सबसे हेल्दी फल माना जा सकता है। तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है, जिसके कारण ये शरीर को ठंडा रखता है। पानी के अलावा तरबूज में मौजूद फाइबर पेट और पाचन को दुरुस्त रखता है। तरबूज का 91% हिस्सा पानी होता है, इसलिए इसे सबसे बेहतरीन हाइड्रेटिंग फ्रूट (Hydrating Fruit) माना जाता है। यही नहीं, गर्मी के मौसम में आने वाला रस से भरा तरबूज गर्भवती महिलाओं के लिए भी बहुत फायदेमंद है। गर्भावस्था (प्रेग्नेंसी) में महिलाओं को खानपान की विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ऐसे में अगर तरबूज मौजूद है, तो आप इसे बेझिझक खा सकती हैं क्योंकि तमाम रिसर्च ये बताती हैं कि तरबूज का सेवन प्रेग्नेंसी में फायदेमंद होता है। आइए आपको बताते हैं प्रेग्नेंसी के दौरान तरबूज खाने के ढेर सारे लाभ।

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मिलते हैं ढेर सारे जरूरी पोषक तत्व

तरबूज में ढेर सारे पोषख तत्व होते हैं, जो आपके शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 1 कप तरबूज (लगभग 150 ग्राम) खाने पर आपको सिर्फ 46 कैलोरीज मिलती हैं। इसके अलावा इसमें 1 ग्राम से भी कम फैट, 12 ग्राम कार्ब्स और 1 ग्राम प्रोटीन मिलता है। इसके अलावा तरबूज विटामिन C, कॉपर, पैंटोथेनिक एसिड, विटामिन A आदि का भी बहुत अच्छा स्रोत है। तरबूज में ल्यूटिन और लाइकोपीन नाम के दो एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखते हैं और अंगों को डैमेज होने से बचाते हैं। कुछ रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार ये एंटीऑक्सीडेंट्स प्रेग्नेंसी में प्री-मेच्योर डिलीवरी का खतरा भी कम करती हैं।

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प्रीएक्लेम्पसिया का खतरा होता है कम

प्रीएक्लेम्पसिया एक ऐसी बीमारी है, जिसमें गर्भवती महिला का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, शरीर में सूजन बढ़ जाता है और पेशाब के रास्ते से प्रोटीन शरीर से बाहर निकलने लगता है। ये स्थिति या बीमारी बहुत खतरनाक हो सकती है क्योंकि इसके कारण शिशु के कमजोर होने या गर्भपात होने का खतरा रहता है। मगर रिसर्च बताती हैं कि तरबूज में मौजूद लाइकोपीन एंटीऑक्सीडेंट के कारण प्रीएक्लेम्पसिया का खतरा कम हो जाता है। लाइकोपीन के कारण ही तरबूज का रंग लाल होता है और ये एंटीऑक्सीडेंट लाल रंग के अन्य फलों और सब्जियों में भी पाया जाता है।

शरीर में फ्लुइड (तरल पदार्थों) का बना रहता है बैलेंस

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में खून की जरूरत बढ़ जाती है, ताकि महिला के स्वयं के शरीर के साथ-साथ आहार नाल से जुड़े शिशु के शरीर में भी पोषक तत्वों और जरूरी ऑक्सीजन को पहुंचाया जा सके। इस दौरान महिलाओं के लिक्विड डाइट अधिक से अधिक लेना फायदेमंद होता है ताकि शरीर में फ्लुइड का बैलेंस बना रहे। ऐसे में तरबूज का सेवन फायदेमंद होता है क्योंकि इस फल का 91% हिस्सा पानी है। ये शरीर में फ्लुइड को बढ़ाता है, जिससे ब्लड और एम्नियोटिक फ्लुइड्स को सर्कुलेशन में आसानी रहती है।

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प्रेग्नेंसी के दौरान बवासीर और कब्ज से बचाता है

प्रेग्नेंसी के दौरान बवासीर (hemorrhoids during pregnancy) एक बेहद सामान्य स्थिति है, जो बहुत सारी महिलाओं को होती है। इसके अलावा कब्ज की समस्या भी बहुत सारी महिलाओं को होती है। इन दोनों समस्याओं का कारण है शरीर में होने वाले बदलाव, पानी की कमी और लगातार बढ़ते गर्भ का दबाव। लंबे समय तक ये समस्या शिशु के विकास में बाधा बनती है और कई बार समय से पहले डिलीवरी का खथरा भी पैदा करती है। तरबूज में फाइबर होता है, जिसके कारण आंतों की गंदगी को साफ कर देता है और मल को मुलायम बनाता है। इससे प्रेग्नेंसी के दौरान दोनों ही समस्याओं- बवासीर और कब्ज- से छुटकारा मिलता है।

ये समस्याएं हैं तो न करें तरबूज का सेवन

तरबूज मीठा फल है। इसमें फाइबर जरूर होता है, मगर कार्बोहाइड्रेट की मात्रा फाइबर से कहीं ज्यादा होती है। इसलिए जिन महिलाओं को पहले से डायबिटीड की समस्या है या गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज यानी जेस्टेशनल डायबिटीज (gestational diabetes) हो गया है, उन्हें बहुत अधिक मात्रा में तरबूज का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा यह भी ध्यान रखें कि सामान्य तापमान पर 2 घंटे से ऱके गए तरबूज को नहीं खाना चाहिए। इसके बजाय तरबूज को ठंडा करके और तुरंत काटकर ही खाना चाहिए।

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