जवानी में दिमाग को बूढ़ा होने से रोकती है लो कार्ब डाइट, जानें इससे होने वाले 4 अन्य फायदे

एक नए अध्ययन में सामने आया है कि लोग कार्ब डाइट दिमाग को बूढ़ा होने से रोक सकती है। 

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Mar 06, 2020
जवानी में दिमाग को बूढ़ा होने से रोकती है लो कार्ब डाइट, जानें इससे होने वाले 4 अन्य फायदे

कार्ब के फायदे और नुकसान को लेकर लंबे वक्त से बहस होती चली आ रही है। बहुत ही कम कार्ब वाली कीटो डाइट बीते कुछ वर्षों से लोगों के बीच वजन कम करने को लेकर काफी चर्चा में रही है लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कार्ब हमारे शरीर का एक जरूरी ईंधन स्त्रोत है। हाल ही में हुए एक नए अध्ययन में कार्ब को लेकर चल रही बहस को लेकर आग में घी डालने जैसा काम किया है। स्टोनी ब्रूक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि लो कार्ब डाइट मस्तिष्क को बूढ़ा होने से रोक सकती है और दिमाग को तेज बना सकती है।

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पीएनएएस में प्रकाशित इस अध्ययन में पाया गया कि न्यूरोबायलॉजिकल बदलाव एजिंग से जुड़े हुए हैं, जैसा कि पहले माना गया था ये उससे कही कम पाए गए हैं। ये संकेत 47 के उम्र में देखे जाने वाले लोगों के ठीक समान है। लेकिन शोधकर्ताओं का मानना है कि कुछ मामूली डायटरी बदलाव कर ऐसा किया जा सकता है, विशेषरूप से रिफाइनड कार्बोहाइड्रेट के सेवन को कम कर।

इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 18 से 88 साल की उम्र के बीच के 1000 लोगों का न्यूरोइमेजिंग स्कैन किया। उसके बाद शोधकर्ताओं ने इन लोगों को साधारण डाइट और लो कार्ब डाइट लेने को कहा। जिसके एक सप्ताह बाद उनके मस्तिष्क की गतिविधियों की जांत की गई। प्रतिभागियों ने अपनी डाइट में मीट और मछली के साथ सलाद व हरी पत्तेदार सब्जियों का सावन किया। उनकी डाइट में किसी प्रकार का अनाज, चावल, शुगर, स्टार्च वाली सब्जियां शामिल नहीं थी।

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स्टोनी ब्रूक यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर और अध्ययन की मुख्य लेखक लिलेन आर. मुजिका-पैरोडी का कहना है, ''इस जांच में हमें अच्छी और बुरी दोनों प्रकार की जानकारियां मिली।'' उन्होंने बताया कि बुरी जानकारी ये है कि जैसे हम पहले सोचा करते थे कि हमारा मस्तिष्क इस उम्र में आकर बूढ़ा होता है ऐसा नहीं है। हमें मस्तिष्क के पहले बूढ़ा होने के पहले संकेत मिले हैं। हालांकि अच्छी खबर ये है कि हम डाइट के प्रभाव से इसे रोक सकते हैं और इस स्थिति को बदल सकते हैं।

उन्होंने कहा, ''हमें लगता है कि जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ती जाती है हमारा मस्तिष्क ग्लूकोज को प्रभावी तरीके से मेटाबोलाइज करने की क्षमता खोना शुरू कर देता है, जिसके कारण न्यूरोन धीरे-धीरे मरना शुरू हो जाते हैं और हमारा मस्तिष्क काम करना बंद कर देता है।''

शोधकर्ता कहती हैं कि इस लिए हमने ये जांच करने की कोशिश की क्या कीटोन के रूप में मस्तिष्क को ईंधन देना सही रहेगा या फिर लो कार्ब डाइट और कीटोन सप्लीमेंट को पीकर मस्तिष्क को अच्छी ऊर्जा दी जा सकती है। केवल उम्र दराज लोगों में ही नहीं युवकों के मस्तिष्क को भी ऊर्जा देने का काम करते हैं।

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लो कार्ब डाइट लेने के फायदे

वजन घटाने में फायदेमंद

अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो लो-कार्ब डाइट आपके लिए बहुत फायदेमंद है। वजन कम करने के लिए कम कार्ब का सेवन करना जरूरी होता है और ये लो कार्ब वाली डाइट आपके लिए बेहद फायदेमंद है।

शरीर को मिलती है ऊर्जा

कार्ब ऊर्जा देने का काम करते हैं और शरीर को काम करने के लिए इसी की आवश्यकता होती है। एक ग्राम कार्ब का सेवन करने से 4 कैलोरी मिलती है। दरअसल हमारा शरीर कार्ब को ग्लूकोज में बदलकर ही हमें ऊर्जा देने का काम करता है।

ह्रदय रोगों को रखता है दूर

लो कार्ब डाइट लेने से ह्रदय रोगों का खतरा कम हो जाता है। ताजे फल और सब्जियां , साबुत अनाज जैसे चोकर और जौं का सेवन कर सकते हैं क्योंकि इनमें फाइबर युक्त कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं।

बवासीर रोग में मिलता है आराम

बवासीर से पीड़ित रोगियों के लिए कार्ब का सेवन बहुत ही ज्यादा आवश्यक है क्योंकि कार्ब के कम सेवन से ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है | शरीर में बढ़ा हुआ ग्लूकोज का स्तर ब्लड शुगर और डायबिटीज का भी कारण बन सकता है।

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