क्या हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाता है दर्द निवारक दवाओं का ज्यादा सेवन? डॉक्टर से जानें

दर्द निवारक दवाइयों का अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। चलिए डॉक्टर से जानते हैं इसके बारे में

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: May 26, 2021
क्या हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाता है दर्द निवारक दवाओं का ज्यादा सेवन? डॉक्टर से जानें

क्या आप दर्दनिवारक दवाइयों (Painkillers) का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं? शरीर में दर्द होने पर बिना डॉक्टर की सलाह लिए पेनकिलर ले लेते हैं? अगर हां, तो ऐसे में आपको सतर्क होने की जरूरत है। अत्यधिक और बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर लेना स्वास्थ के लिए बेहद नुकसानदायक (Painkiller Harmful for Health) हो सकता है। दर्द निवारक दवाइयों के सेवन से दिल और किडनी (Heart and Kidney) पर बुरा असर पड़ता है। यहां तक कि पेन किलर का ज्यादा सेवन से हार्ट अटैक का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। इसलिए जितना हो सके आपको इनसे खुद को दूर ही रखना चाहिए।

दरअसल, ज्यादा मात्रा में दर्द निवारक दवाइयों के सेवन से दिल संबंधी बीमारियां होने का बहुत खतरा रहता है (Painkiller Increase Heart Attack Risk)। कई लोग शरीर में थोड़ा सा दर्द होने पर खुद ही पेन किलर ले लेते हैं। ऐसे में अगर आप लंबे समय तक पेन किलर की हाई डोज लेते रहेंगे, तो इससे दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ सकती है। ऐसे में आपको इससे बचना जरूरी। 

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क्या कहते हैं डॉक्टर

वॉकहार्ट अस्पताल, मुंबई सेंट्रल के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर नईम हसनफट्टा (Dr Naeem Hasanphatta, Consultant cardiologist, Wockhardt Hospital, Mumbai Central) बताते हैं कि ज्यादा मात्रा में दर्द निवारक दवाइयों का सेवन करने से हार्ट अटैक का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। दर्द निवारक दवाइयों से न सिर्फ हार्ट अटैक बल्कि इससे हार्ट फेल्योर, हाइपरटेंशन, स्ट्रोक, ब्रेन में क्लॉट्स जमा होने जैसी कई दिक्कते भी हो सकती है। ऐसे में आपको दर्द निवारक दवाइयों का सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। इतना ही नहीं ज्यादा मात्रा में पेनकिलर लेने से पेट में अल्सर और किडनी फेल्योर की समस्या भी हो सकती है। डॉक्टर नईम बताते हैं कि आपको अपने दर्द से राहत पाने के लिए कभी भी नॉन स्टेरॉइडल एंटी इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (Non Steroidal Anti Inflammatory Drugs) का सेवन नहीं करना चाहिए।  

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एनएसएईडी ऐसे ड्रग्स हैं, जिनमें एनाल्जिक और एंटी-पायरेटिक (Analgic and Anti-Pyretic) का प्रभाव होता है। इसके सेवन से दिल से जुड़े कई तरह के रोग होने लगते हैं। यह हार्ट अटैक और मौत का कारण भी हो सकता है। इसलिए आपको हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही दवाइयों का सेवन करना चाहिए, डॉक्टर आपकी कंडीशन को देखते हुए दवाई प्रिस्क्राइब करते हैं, जो नुकसान नहीं पहुंचाती है। दर्द निवारक दवाइयों का अत्याधिक मात्रा में सेवन करने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक से मौत का खतरा लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।

  • - एनएसएईडी (NSAIDs) दवाइयों को कभी भी बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।
  • - अधिक पेन किलर हार्ट अटैक और स्ट्रोक (Heart Attack and Stroke) का कारण बन सकता है।
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हार्ट अटैक के संकेत (Heart Attack Signs)

डॉक्टर नईम बताते हैं कि अगर आप अधिक मात्रा में पेन किलर लेते हैं, तो इससे आपको हृदय से संबंधित परेशानियां हो सकती है। इसमें ज्यादातर लोगों को हार्ट अटैक का खतरा रहता है। पेन किलर ज्यादा लेने से आपको हार्ट अटैक की समस्या हो सकती है। आप पेन किलर लेते हैं और अगर आपको नीचे बताए गए ये संकेत नजर आ रहे हैं, तो तुरंत ही पेन किलर लेना बंद कर दें। क्योंकि ये हार्ट अटैक के संकेत हो सकते हैं, जो ज्यादा मात्रा में दर्द निवारक दवाइयां लेने से आपको हो सकता है। 

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  • - असामान्य हार्ट बीट (Abnormal Heart Beat)
  • - हाथ और पैरों में सूजन लाना (Swelling in Hands and Feet)
  • - सिर दर्द (Headache)
  • - लगातार खांसी (Cough)
  • - सांस लेने में दिक्कत होना (Difficulty in Breathing)
  • - सीने में जलन होना (Chest Irritation)

अगर आपको भी ढेर सारी दर्द निवारक दवाइयां खाने की आदत हैं, तो इस आदत को तुरंत छोड़ दें। क्योंकि पेन किलर हार्ट अटैक के खतरे को न्यौता देता है, ऐसे में जितना हो सके इन दवाइयों से दूरी बनाकर ही रखनी चाहिए। अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित भी हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर ही दवाइयों का सेवन करें।

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