उम्र बढ़ने पर क्यों कमजोर होने लगती हैं मांसपेशियां? जानें ओल्ड एज में मसल लॉस के 5 कारण और बचाव का तरीका

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे शरीर की मांसपेशियां कमजोर होती जाती हैं। इसके अलावा कई समस्याएं भी हैं, जो मसल लॉस का कारण बनते हैं।

Kunal Mishra
Written by: Kunal MishraPublished at: Apr 01, 2021Updated at: Apr 01, 2021
उम्र बढ़ने पर क्यों कमजोर होने लगती हैं मांसपेशियां? जानें ओल्ड एज में मसल लॉस के 5 कारण और बचाव का तरीका

अच्छी मसल और स्वस्थ शरीर (Healthy Body) हर किसी की चाह होती है। लेकिन अनियमित दिनचर्या और असंतुलित खान-पान (Imbalance Diet) के कारण कई लोगों की मसल्स में समय से पहले ही समस्याएं आने लगती हैं। जिससे मसल लॉस (Muscle Loss) होने की भी संभावनाएं रहती हैं। ओल्ड एज में मसल लॉस होना (Muscle Loss in old Age) एक प्राकृतिक कारण है। लेकिन कई लोगों में यह ओल्ड एज तक पहुंचने से पहले भी यह समस्या हो जाती है। ओल्ड एज में मसल लॉस होने को सार्कोपेनिया भी कहा जाता है। 50 वर्ष की उम्र के बाद अमूमन लोगों में बोन डेन्सिटी कम होने के साथ-साथ स्किन इलास्टिसिटी (Sarcopenia) भी कम हो जाती है। इसके वैसे तो बहुत से कारण हैं जैसे संतुलित आहार का सेवन न करना, धूम्रपान और शराब आदि का सेवन करना। कई बार लोग वजन घटाने के लिए तरह-तरह के सप्लीमेंट्स (Supplements) का प्रयोग करते हैं, जिनसे वजन घटने के साथ-साथ मसल लॉस होना भी शुरू हो जाता है। कई लोग मसल लॉस और फैट लॉस को लेकर कंफ्यूज रहते हैं, लेकिन यह एक दूसरे से काफी अलग हैं।

मसल्स नहीं दिखने के कारण मसल लॉस को आसानी से पहचाना नहीं जाता है। ऐसा इसलिए होता है कि हमारी मसल्स के चारों तरफ एक मोटी परत बनी होती है, जिस कारण मसल्स कम दिखती हैं। लेकिन ओल्ड एज में जब हमारी स्किन इलास्टिसिटी (Skin Elasticity) कम हो जाती है तो मसल्स के चारों तरफ की परत अपना आकार बदलना शुरू कर देती हैं और मसल लॉस को आसानी से पहचाना जा सकता है। इसलिए बढ़ापे में मसल लॉस से बचना चाहते हैं तो अपनी मस्लस की स्ट्रेंथ (Muscle Strength) बढ़ाने के लिए फिजिकल एक्टीविटीज को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं। इस लेख के माध्यम से आज हम आपको बताएंगे मसल लॉस होने के कुछ कारण। 

हार्मोन का असंतुलन (Imbalance of Hormones)

शरीर में हार्मोन का असंतुलन कई रोगों का कारण बन सकता है। इसलिए मसल्स के लिए भी हार्मोन का संतुलित रहना बेहद जरूरी है। हार्मोन का असंतुलन आपके मसल बनने से लेकर स्पर्म (Sperm) बनने तक को भी प्रभावित कर सकता है। हार्मोन का संतुलन मसल्स को बनाने में काफी मददगार माना जाता है। यह आपके मसल की उपरी परत को भी कोई नुकसान नहीं होने देता है, जिससे आपकी मसल्स की स्ट्रेंथ (Muscle Strength) बनी रहती है। खासकर पुरुषों में मौजूद टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन (Testosterone Hormone) के असंतुलित होने पर शरीर में मसल्स कम होने लगती हैं साथ ही मास में भी कमी आने लगती है। इसलिए पुरुषों में इस हार्मोन का संतुलित रहना बेहद जरूरी है। 

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सही तरह से एक्सरसाइज न करना (Not Exercising Properly)

मसल लॉस का मुख्य कारण ठीक तरह से एक्सरसाइज नहीं करना भी है। अमूमन लोग जिम मे लंबे समय तक गलत तरीके से एक्सरसाइज करते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें ओल्ड एज में मसल लॉस के तौर पर भी भुगतना पड़ सकता है। गलत एक्सरसाइज करने से आप मांसपेशियों को जरूरत के अनुसार तनाव नहीं दे पाते जिस कारण मसल स्ट्रेंथ में कमी रह जाती है। 

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प्रोटीन की कमी (Lack of Protein)

प्रोटीन को मसल बिल्डिंग (Muscle Building) के लिए रामबाण माना जाता है। बॉडी बिल्डिंग के लिए तो खासतौर पर प्रोटीन युक्त आहार (Protein Diet) का सेवन करने की सलाह दी जाती है। अंडा चिकन, फिश, दाल आदि प्रोटीन का बहुत अच्छा स्त्रोत हैं। प्रोटीन आपकी मांसपेशियों के विकास में काफी मददगार हैं। इसलिए एक्सपर्ट्स द्वारा भी बेहतर मसल्स के लिए एथलीटों और जिम जाने वालों को प्रोटीन का सेवन करने की सलाह दी जाती है। लेकिन ज्यादा मात्रा में लीन प्रोटीन का सेवन करकर कैलरी कंज्यूम करना भी आपकी मसल लॉस का कारण बन सकता है। पर्याप्त मात्रा में ही इसका सेवन किया जाए तो यह मसल्स के लिए अच्छा है। कई लोग कम उम्र में ही प्रोटीन की कमी का शिकार हो जाते हैं, जिस कारण ओल्ड एज में उन्हें मसल लॉस की समस्या का सामना करना पड़ता है। 

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असंतुलित डायट (Imbalanced Diet)

यह बात तो साफ है कि वेट लॉस का मसल लॉस से सीधा संबंध है। यदि आप ऐसी डाइट ले रहे हैं, जिससे आपका वजन गिरने की अधिक संभावना है तो उतनी ही संभावना आपके मसल के गिरने की भी है। बाहर का खाना, प्रोसेस्ड फूड (Processed Food), समुचित मात्रा में न खाना आदि जैसे तमाम कारण हैं, जिनका प्रभाव भले ही आपको कम उम्र में न पड़े, लेकिन बुढ़ापे में ये आपको जरूर हानि पहुंचा सकता है। इसलिए जरूरी है कि अपनी डाइट में न्यूट्रीशन की मात्रा बढ़ाएं।

शारीरिक श्रम का अभाव (Lack of Physical Activity)

शारीरिक श्रम का अभाव आपको कई बीमारियों के घेरे में ला सकता है। यह मसल लॉस का भी एक मुख्य कारण है। ज्यादातर बैठे रहने या व्य़ायाम न करने से आपकी मांसपेशियां सक्रियता से कार्य करने में असमर्थ हो जाती हैं। जो आगे चलकर आपके मसल ग्रोथ में बाधा बन सकती हैं। वहीं व्यायाम को अपनी दैनिक गतिविधियों में शामिल कर लेने से आपकी बोन डेंसिटी भी बढ़ती है। साथ ही आपको मसल ग्रोथ में काफी मदद मिलती है। 

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कैसे पहचानें मसल लॉस (How To Identify Muscle Loss)

मसल लॉस को पहचानना थोड़ा मुश्किल कार्य है। मसल पर लगी उपरी परत से मसल लॉस की आसानी से नहीं पहचानी जा सकती है, लेकिन मसल लॉस होने पर आपको अंदर से ही कुछ संकेत मिलने लगते हैं।

  • चक्कर आना और कमजोरी महसूस होना 
  • हल्की चीजें उठाने में भी दर्द महसूस होना
  • मसल्स का लगातार आकार बदलना
  • मसल्स पर झुर्रियां आना 

मसल लॉस में बचाव (Prevention from Muscle Loss)

  • नियमित रूप से व्यायाम 
  • पोषक तत्वों को डाइट में करें शामिल
  • मसल्स बढ़ाने के लिए खाने में कैलरी और प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं
  • पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें
  • नियमितता को बनाए रखें

मसल लॉस ऐसी समस्या है, जिसमें शरीर की देखभाल और दिनचर्या में बदलाव लाकर इसे ठीक भी किया जा सकता है। यदि कम उम्र में ही खुद में बदलावा ला लिया जाए तो मसल लॉस की समस्य़ा तल प्रतिशत तक कम हो सकती है।

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