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दही या छाछ, क्या है सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद? जानें एक्सपर्ट से

Dahi vs Buttermilk: दही और छाछ दोनों ही सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन दोनों में कुछ बुनियादी अंतर हैं और दोनों के अपने अलग फायदे हैं।

Vineet Kumar
Written by: Vineet KumarPublished at: Mar 15, 2022Updated at: Mar 15, 2022
दही या छाछ, क्या है सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद? जानें एक्सपर्ट से

डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इनमें प्रोटीन, कैल्शियम और कई अन्य जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। दही और छाछ दोनों ही दूध से बने उत्पाद हैं। दोनों में ही लगभग समान पोषक तत्व मौजूद होते हैं। फिर भी अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि दही और छाछ में क्या ज्यादा फायदेमंद है (Dahi vs Buttermilk Health Benefits In Hindi)। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ऐश्वर्या संतोष (बीएएमएस आयुर्वेद) की मानें तो बहुत से लोग सोचते हैं कि जब दही पतला हो जाता है तो वह छाछ बन जाता है, इनमें कुछ खास अंतर नहीं होता है। भले ही दही और छाछ दोनों में लगभग समान पोषक तत्व मौजूद हो सकते हैं, लेकिन जब आप इनके फायदों की बात करते हैं तो इनमें एक बड़ा अंतर है। इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

आइए पहले दही और छाछ में अंतर को समझते हैं (Difference Between Curd and Buttermilk In Hindi)

डॉ. ऐश्वर्या संतोष की मानें तो दही और छाछ के बीच एक बुनियादी अंतर इनमें मौजूद पानी की मात्रा है। दही में पानी कम होता है लेकिन जब दही से छाछ बनाई जाती है तो छाछ को पतला करने के लिए उसमें पानी मिलाया जाता है। लेकिन सिर्फ यही एक अंतर नहीं है। छाछ बनाते समय दही को मथकर उसमें से मक्खन निकाला जाता है। आयुर्वेद के अनुसार जब छाछ बनाने के लिए दही को छाछ में मथा जाता है तो यह छाछ को कुछ अतिरिक्त गुण प्रदान करता है। छाछ को मथने से उसमें मौजूद प्रोटीन शरीर के लिए पचाने में आसान हो जाता है।

दही या छाछ, क्या है ज्यादा फायदेमंद (Dahi vs Buttermilk Health Benefits In Hindi)

दही और छाछ दोनों का ही सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। हालांकि दोनों के अपने अलग-अलग फायदे हैं। आपके लिए क्या ज्यादा फायदेमंद है यह जानने के लिए आपको कुछ बातों पर ध्यान देने की जरूरत है जैसे:

1. इनमें मौजूद पोषक तत्व

छाछ में कैल्शियम, विटामिन बी12, जिंक, राइबोफ्लेविन और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मौजूद होते हैं। यह आपकी हड्डियों को स्वस्थ रखने के साथ ही कोलेस्ट्रोल को कम करने में मददगार है। छाछ कैंसर के जोखिम को कम करने और तनाव से लड़ने में मदद करता है।

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वहीं दही की बात करें तो यह कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन बी12, बी5, बी2, पोटैशियम और प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत है। दही में मौजूद पोषक तत्व हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी रोगों के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही यह तनाव और चिंता को कम करने में भी मददगार है।

2. यह आपके पाचन को कैसे प्रभावित करते हैं

छाछ पचने में बहुत आसान होती है, जबकि दही को पचाने में भारी होती है। आयुर्वेद की मानें तो दही सेहत के लिए बहुत अच्छा है, लेकिन दही के पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए मजबूत पाचन होना बहुत जरूरी है। जबकि छाछ के साथ ऐसा नहीं है।

3. दोनों को खाया जा सकता है

आयुर्वेद के अनुसार रात में दही खाने की सलाह नहीं दी जाती है। क्योंकि दही की तासीर ठंडी होती है। अगर रात में दही का सेवन किया जाता है तो इससे कई समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए दोपहर के भोजन के साथ दही का सेवन करने की सलाह दी जाती है। वहीं, दूसरी ओर छाछ का सेवन आप किसी भी समय कर सकते हैं। हालांकि आयुर्वेद की मानें तो छाछ पीने के लिए नाश्ते से 15 मिनट पहले का समय सबसे अच्छा है। अगर आपको पाचन संबंधी समस्या है तो सुबह खाली पेट छाछ पीने से आपको  फायदा मिलेगा।

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4. यह वजन को कैसे प्रभावित करती हैं

अगर आप वजन घटा रहे हैं तो ऐसे में दही का सेवन करने की सलाह नहीं दी जाती है। छाछ की तुलना में दही में कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है। साथ ही यह पचने में भी भारी होती है। ऐसे में छाछ आपके लिए बेहतर विकल्प है, यह कैलोरी में कम है और पचने में भी आसान है। लेकिन अगर आप वजन बढ़ा रहे हैं या शरीर में पोषण की कमी है तो आप दही का सेवन आपके लिए ज्यादा फायदेमंद है।

आप अपने लक्ष्यों और जरूरतों के अनुसार दोनों में से किसी का भी विकल्प चुन सकते हैं। दोनों ही आपको कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती हैं।

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