क्या होती है कोविड-19 के आरटी-पीसीआर रिपोर्ट में मौजूद सीटी वैल्यू? डॉक्टर से जानें इसके बारे में

अगर आप कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं, तो आपने आरटी-पीसीआर टेस्ट में सीटी वैल्यू जरूरी देखी होगी। क्या है सीटी वैल्यू जानें

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: May 05, 2021Updated at: May 05, 2021
क्या होती है कोविड-19 के आरटी-पीसीआर रिपोर्ट में मौजूद सीटी वैल्यू? डॉक्टर से जानें इसके बारे में

क्या आपने कभी सीटी वैल्यू के बारे में सुना है? इसकी वैल्यू कोरोना के आरटी-पीसीआर टेस्ट में दिखाई जाती है (CT Value in RT-PCR Report of Covid)। सीटी वैल्यू यानी ‘साइकिल थ्रैशहोल्ड’ (Cycle Threshold) होता है। यह संक्रमित व्यक्ति में वायरस के लोड को दर्शाता है। अगर आरटी-पीसीआर रिपोर्ट में सीटी वैल्यू ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि मरीज में कोरोना वायरस का संक्रमण कम है और अगर सीटी वैल्यू कम है, तो इसका मतलब है कि मरीज में कोरोना वायरस का संक्रमण गंभीर बना हुआ है। सीटी वैल्यू विशेष नमूने में वायरल लोड को निर्धारित करता है। यह बीमारी या सूजन की गंभीरता को निर्धारित नहीं करता है। सीटी वैल्यू व्यक्ति के शरीर और मौजूदा कॉमरेडिटी द्वारा निर्धारित किया जाता है। आइए इस बारे में नानावटी मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की सीनियर कंसल्टेंट और इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर हेमलता अरोड़ा से जानते हैं।

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क्या है सीटी वैल्यू (What is CT Value)

कोरोना के आरटी-पीसीआर टेस्ट में सीटी वैल्यू का मतलब साइकिल थ्रैशहोल्ड होता है। इसका मतलब है कि व्यक्ति में वायरस को डिटेक्ट करने के लिए साइकिल की कितनी बार जरूरत पड़ी है। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति में संक्रमण का पता लगाने के लिए कम बार साइकिल की जरूरत पड़ी हो तो, इसका मतलब है कि उसमें वायरस का लोड ज्यादा है। इसके विपरीत अगर व्यक्ति में संक्रमण का पता लगाने के लिए ज्यादा बार साइकिल की जरूरत पड़ी हो तो, इसका मतलब है कि उसमें वायरस का लोड कम है यानी मरीज में वायरस की संख्या कम है। अगर किसी व्यक्ति की सीटी वैल्यू 35 से ज्यादा होती है, तो उसे कोरोना संक्रमित नहीं माना जाता है। 

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कैसे निकाली जाती है सीटी वैल्यू (How is The CT Value Calculated?)

आरटी-पीसीआर टेस्ट का मतलब है रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पोलीमरेज चेन रिएक्शन टेस्ट (Reverse Transcription Polymerase Chain Reaction Test)। कोरोना वायरस एक आरएनए वायरस है। आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए इस्तेमाल होने वाला आरएनए व्यक्ति के स्वैब से निकाला जाता है। इस टेस्ट से पहले आरएनए को आर्टिफिशियल तरीके से डीएनए में बदला जाता है। डीएनए में चेन रिएक्शन करवाई जाती है। व्यक्ति संक्रमित है या नहीं इसका पता लगाने के लिए जितनी बार चेन रिएक्शन की साइकिल दोहरानी पड़ती है, वही सीटी वैल्यू होती है।

कब माना जाता है व्यक्ति पॉजिटिव (When is a Person Considered Positive)

अगर किसी व्यक्ति की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट में सीटी वैल्यू 35 से ज्यादा होती है, तो इसका मतलब होता है कि वह कोरोना से संक्रमित नहीं है। लेकिन 35 या 35 से कम सीटी वैल्यू वाले व्यक्ति को संक्रमित माना जाता है। सीटी वैल्यू को 35 से कम नहीं किया जा सकता है, क्योंकि इससे व्यक्ति में संक्रमण का पता नहीं चलेगा और वह दूसरे लोगों तक संक्रमण फैला सकता है। सीटी वैल्यू का कट ऑफ 35-40 के बीच रखा गया है।

सीटी वैल्यू और वायरस में संबंध (Relation Between CT Value and Virus)

सीटी वैल्यू और कोरोना वायरस में सीधा संबंध होता है। व्यक्ति की सीटी वैल्यू ज्यादा होती है, तो व्यक्ति में वायरस का कम लोड है। वहीं अगर व्यक्ति की सीटी वैल्यू कम होती है, तो व्यक्ति में वायरस का अधिक लोड है और वह दूसरों को भी संक्रमित कर सकता है। 

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अगर आप भी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट में मौजूद सीटी वैल्यू का समझना चाहते हैं, तो इसे समझना बहुत ही आसान है। अगर आपकी सीटी वैल्यू 35 से कम होती है, तो इसका मतलब है कि आप कोरोना पॉजिटिव है। लेकिन 35 से ज्यादा होने पर इसे नेगेटिव माना जाता है। सीटी वैल्यू जितनी कम होती है, व्यक्ति में कोरोना वायरस की संख्या उतनी ही अधिक होती है।

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