अभी नहीं रुकेगा कोरोना वायरस, हर्ड इम्यूनिटी विकसित होने के बाद बन सकता है सीजनल बीमारी: रिसर्च

वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि कोरोना वायरस का फैलाव तब तक नहीं रुकेगा जब तक हर्ड इम्यूनिटी विकसित नहीं हो जाती, इसके बाद कोविड सीजनल बीमारी बन जाएगी।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Sep 16, 2020
अभी नहीं रुकेगा कोरोना वायरस, हर्ड इम्यूनिटी विकसित होने के बाद बन सकता है सीजनल बीमारी: रिसर्च

इस समय दुनियाभर का सबसे हॉट टॉपिक यही है कि कोरोना वायरस कब खत्म होगा। हालांकि इस सवाल का सही जवाब किसी के पास नहीं है, लेकिन वैज्ञानिक रिसर्च करके इस बारे में एक अनुमान जरूर लगाते रहे हैं कि कोरोना वायरस कब तक रहने वाला है। वैज्ञानिकों के एक समूह ने हाल में ही रिसर्च के बाद बताया कि कोरोना वायरस तब तक हमारे साथ रहने वाला है, जब तक कि एक बड़ी जनसंख्या में हर्ड इम्यूनिटी नहीं विकसित हो जाती है। हर्ड इम्यूनिटी की चर्चा भी कोरोना वायरस के आने के बाद से ज्यादा हुई है। वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि कोरोना वायरस से फैलने वाली कोविड-19 बीमारी उन देशों में सीजनल बन सकती है, जहां तापमान में बहुत ज्यादा अंतर आता है।

coronavirus herd immunity

हर साल फैलेगा कोरोना वायरस

लेबनान के American University of Beirut के Dr. Hassan Zaraket कहते हैं, "कोविड-19 यहीं रहने वाला है और तब तक हर साल फैलने वाला है, जब तक कि हर्ड इम्यूनिटी विकसित नहीं हो जाती है। इसलिए लोगों को इसके साथ रहना सीखना होगा और इसकी रोकथाम के लिए जरूरी उपायों का अभ्यास जारी रखना होगा, जिसमें मास्क पहना, शारीरिक दूरी, हाथों की सफाई और भीड़ न लगाना आदि शामिल हैं।"
दोहा के Qatar University  के Dr. Hadi Yassine का भी यही कहना है कि जब तक हर्ड इम्यूनिटी नहीं विकसित हो जाती है, तब तक कोरोना वायरस की कई लहरें आएंगी।

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तापमान बढ़ने-घटने वाले इलाकों में ज्यादा खतरा

वैज्ञानिकों ने बताया कि बहुत सारे रेस्पिरेटरी वायरस सीजनल पैटर्न फॉलो करते हैं, खासकर ऐसे इलाकों में जहां तापमान में अंतर देखने को मिलता है। जैसे- एंफ्लुएंजा और दूसरे तरह के कोरोना वायरस जो मौसम ठंडा होते ही फैलना शुरू हो जाते हैं और सर्दियों के मौसम में चरम पर होते हैं। वहीं ट्रॉपिकल रीजन्स में ये वायरस सारे साल बने रहते हैं। इस स्टडी के लेखको ने SARS-CoV-2 का अध्ययन किया और पाया कि इसमें वायरल होने और फैलने के गुण तो पहले से ही मौजूद हैं, साथ ही सीजनलिटी के लिए जो होस्ट फैक्टर चाहिए वह भी है।

बंद जगहों पर भीड़ लगाने से बढ़ेगा खतरा

वैज्ञानिकों ने बताया कि ये वायरस सतह पर तो कई दिनों तक रह ही सकता है, साथ ही हवा में भी कुछ घंटों तक रह सकता है और इसी कारण से लोगों के इस वायरस से संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है। खासकर तापमान में बदलाव वाले समय में और नमी के दिनों में बंद जगहों पर भारी भीड़ से ये वायरस बहुत तेजी से फैल सकता है। इसी कारण कुछ इलाकों में तो ये वायरस साल में कई बार अटैक कर सकता है।

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नैचुरल इंफेक्शन या वैक्सीन से ही रुकेगा वायरस

वैज्ञानिकों ने बताया कि हर्ड इम्यूनिटी 2 तरह से विकसित हो सकती है। पहला तो वायरस की चपेट में नैचुरल रूप से आने के बाद और दूसरा वैक्सीन के प्रयोग से। चूंकि कोविड-19 संक्रमण फ्लू से ज्यादा तेजी से फैलता है इसलिए ये लोगों को ज्यादा संख्या में शिकार बना रहा है। धीरे-धीरे हर्ड इम्यूनिटी विकसित होने के बाद ये वायरस सिर्फ सीजनल बीमारी बनकर रह जाएगा क्योंकि अन्य प्रकार के कोरोना वायरस जैसे- NL63, HKU1 आदि भी हर साल इंफ्लुएंजा की तरह फैलते हैं।

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