गर्भावस्‍था में शराब पीने से शिशु के दिमाग पर पड़ता है असर, जानें जच्‍चा-बच्‍चा को होने वाले नुकसान

प्रेग्नेंसी में शराब पीने से होने वाले बच्चे को शारीरिक और मानसिक, दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसी विषय पर 'ऑन्ली माई हेल्थ' ने एक वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ से बातचीत की, जिन्होंने गर्भावस्था के दौरान शराब के सेवन से बच्चे

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Oct 19, 2019 14:10 IST
गर्भावस्‍था में शराब पीने से शिशु के दिमाग पर पड़ता है असर, जानें जच्‍चा-बच्‍चा को होने वाले नुकसान

गर्भावस्था के दौरान शराब पीने से आपके होने वाले बच्चे को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। जब आप गर्भावस्था के दौरान शराब पीती हैं, तो आपके रक्त में मौजूद शराब बड़ी तेजी से आपके बच्चे के नाल और गर्भनाल से गुजरती है। नाल आपके गर्भाशय (गर्भ) में बढ़ता है और गर्भनाल के माध्यम से, बच्चे को मां से खाना और ऑक्सीजन पहुंचता है। गर्भावस्था के दौरान शराब पीने से आपके बच्चे के विकासशील मस्तिष्क को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसी विषय पर 'ऑन्ली माई हेल्थ' ने डॉ. रीता बख्शी से बात की, जो कि अंतर्राष्ट्रीय प्रजनन केंद्र की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ और संस्थापक हैं।

ALCOHOL DURING PREGNANCY

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डॉ. रीता बख्शी ने 'ऑन्ली माई हेल्थ' से बातचीत के दौरान बताया कि कैसे गर्भावस्था में मां द्वारा शराब पीना से बच्चे के दिमाग पर असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान शराब पीने से बच्चे के दिमाग को नुकसान पहुंचता है। ऐसे शिशुओं को आगे चलकर व्यवहार संबंधी परेशानियों के साथ दैनिक दिनचर्या से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं। कम दिमाग होने की वजह से उन्हें पढ़ाई से लेकर व्यवहारिक जीवन तक में कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यहां तक कि दिमागी रूप से कमजोर होने के कारण बच्चों के लिए दिशा-निर्देशों का पालन करना भी मुश्किल हो जाता है। साथ ही उनका मस्तिष्क किसी भी चीज को आसानी से समझ कर, उसे करने में असमर्थ होता है। इसके अलावा डॉ. रीता ने ऐसे बच्चों को होने वाली कई और परेशानियां के बारे में भी बातचीत की और बताया-

  • बच्चे में याद रखने और सीखने की क्षमताओं से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।
  • बच्चे अतिसक्रिय होकर अपना नियंत्रण खो सकते हैं।
  • दैनिक जीवन के काम जैसे बटन लगाना, लेस बांधना, पैसे गिनना आदि में कठिनाई होती हैं।
  • ऐसे बच्चे अपने मस्तिष्क और अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने में असमर्थ होना। 
  • खुद पर अपना नियंत्रण खो देना।
  • बच्चे को पढ़ने में समस्या हो सकती है।
  • वे बिना किसी कारण के गुस्सा और चिड़चिड़ापन से जूझ सकते हैं।
  • बच्चों को बातचीत करने में  भी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • ऐसे बच्चे चीजों पर प्रतिक्रिया यानी कि रिएक्शन्स देने में सामान्य से अधिक समय भी ले सकते हैं।

साथ ही डॉ. रीता ने यह भी बताया कि गर्भावस्था के दौरान शराब पीने से सिर्फ होने वाले बच्चे को ही नुकसान नहीं होता, बल्कि गर्भवती माँ को भी इन खतरों का सामना करना पड़ता है। जैसे-

  • मां की शराब पीने की आदत से उन्हें पेट में दर्द भी हो सकता है। ऐसे मामले में, बच्चा आमतौर पर पूरी तरह से विकसित नहीं होता है और उसे कई स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। 
  • गर्भावस्था के दौरान जब माँ शराब का सेवन करती है, तो अक्सर गर्भपात की संभावना अधिक बढ़ जाती है। ज्यादा खतरा इस बात का होता है कि शराब पीने से माँ अपनी गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण में भी अपने बच्चे को खो सकती है। 
  • कई बार ऐस तरह की स्थितियों में पैदा होने वाले बच्चे जन्मजात विकलांग होते हैं। साथ ही शिशुओं में विकृति, हृदय की समस्याएं, श्वसन संबंधी समस्याएं, गुर्दे और तंत्रिका संबंधी दोषों में जटिलताएं हो सकती हैं। 
  • बच्चे को जन्म देने के बाद मां को स्तनपान कराने में समस्या हो सकती है।  
  • बच्चे के नर्व सेल्स में आई गड़बड़ियों के कारण वह धीमा हो जाता है, इस तरह कि मां उसे सही से स्तनपान नहीं करवा पाती। 
  • ऐसे में बच्चे की उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए माँ को खुद का अतिरिक्त ध्यान रखना चाहिए और पूरी तरह से शराब से दूर रहना चाहिए। 

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