किन कारणों से होता है गर्भपात, जानें कारण और बचाव के तरीके

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 09, 2018
Quick Bites

  • पहले तीन महीनों में मिसकैरेज होने के ज्यादा चांस रहते हैं।
  • कभी-कभी कमजोर सर्विक्स गर्भपात का कारण बन सकती है
  • मधुमेह, किडनी रोग या थायराइड रोग भी गर्भपात के कारण बन सकते हैं।

जब भी कोई महिला गर्भवती होती है तो पहले दिन से ही अपने आने वाले बच्चे के लिए सपने बुनने लगती है। लेकिन जब पता चलता है कि मिसकैरेज हो गया है या किसी वजह से गर्भपात हो गया है तो लगता है मानो दुनिया ही खत्म हो गई है। वैसे आमतौर पर देखा गया है कि महिलाओं की बच्चेदानी में दोष होने के कारण भ्रूण पूरी तरह से विकास नहीं कर पाता है जिसके कारण गर्भपात होता है। आज हम आपको गर्भपात होने के कारण और बचाव के तरीके बता रहे हैं।

गर्भपात होने के कारण

  • पहले तीन महीनों में मिसकैरेज के कारणों में कई बार जहरीली गैस, कीटनाशक के संर्पक में आना, या किसी रेडियेशन के कारण भी मिसकैरेज होता है। एक बार मिसकैरेज होने पर तीन महीने बाद ही गर्भधारण करें।
  • हार्मोनल समस्या, संक्रमण या मां को स्वास्थ्य समस्या होने के कारण भ्रूण के विकास पर गंभीर प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं।
  • दोषपूर्ण जीवनशैली जैसे धूम्रपान, दवा का प्रयोग, अत्यधिक कैफीन के प्रयोग से गर्भपात होने की संभावाना बढ़ जाती है।
  • किसी प्रकार की शारीरिक कमी के कारण गर्भधारण करने की क्षमता में कमी भी कई बार मिसकैरेज का कारण बनती है।
  • यदि पहले एक से अधिक बार गर्भपात हो चुका है तो गर्भपात की संभावना दुगनी हो जाती है।
  • मधुमेह, किडनी रोग या थायराइड रोग भी गर्भपात के कारण बन सकते हैं।
  • पहले तीन महीनों में मिसकैरेज होने का सबसे बड़ा कारण है बच्चेदानी में खराबी। 30 से 35 प्रतिशत मामलों में महिलाओं की बच्चेदानी मे समस्या होने के कारण गर्भपात हो जाता है।
  • शुरूआती गर्भावस्था में संक्रमण जैसे रूबेला, लिस्टेरिया या क्लेमाइडिया है।
  • आरएच फैक्टर जो पति के साथ संगत नहीं है। अगर पुरुष का आरएच फैक्टर पॉजिटिव हो व महिला का आरएच फैक्टर निगेटिव हो तो होने वाले बच्चे में अनेक विकृतियां होती हैं।
  • मां की आयु का गर्भपात से गहरा संबंध है। 30 के बाद गर्भपात की दर बढ़ जाती है तथा 35 के बाद और वृद्धि होती है।

बचाव के तरीके

  • अगर आप व आपके पति धूम्रपान करते हैं तो इस आदत को गर्भवती होने से पहले छोड़ दें। इससे गर्भपात का जोखिम निश्चित तौर पर कम होगा।
  • यदि आपका पहले भी गर्भपात हुआ है तो आप डाक्टर की सलाह के अनुसार ही चलें।
  • गर्भावस्था के शुरुआती कुछ महीनों में ज्यादा से ज्यादा आराम करें व गर्भावस्था के दौरान संबंध बनाने से बचें।
  • कभी-कभी कमजोर सर्विक्स गर्भपात का कारण बन सकती है। जैसे-जैसे शिशु बढ़ता है, कमजोर सर्विक्स खुल सकती है और गर्भपात का कारण बन सकती है। कमजोर सर्विक्स जन्मजात हो सकता है या पिछली गर्भावस्था के दौरान सर्विक्स के चीरे या चोट के कारण हो सकती है। शिशु के पैदा होने तक तैयार होने के लिए डॉक्टर ग्रीवा के चारों ओर विशेष टांके लगाकर इसको बंद रख सकती हैं।

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