बच्चों का आंख खोलकर सोना सही है या गलत? एक्सपर्ट से जानें इसके कारण और उपचार

शिशु या बच्चों का आंख खोलकर सोना एक आम समस्या है। लेकिन इसके कारण आंखों से संबंधित कई समस्याओं का सामना बच्चों को करना पड़ सकता है।

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Jul 28, 2021Updated at: Jul 28, 2021
बच्चों का आंख खोलकर सोना सही है या गलत? एक्सपर्ट से जानें इसके कारण और उपचार

आपने देखा होगा कि बच्चे कभी-कभी अपनी आंख खोलकर सोते हैं। हालांकि ये एक आम समस्या है लेकिन इसके कारण बच्चों की आंखों को नुकसान भी हो सकता है। बता दें कि बहुत कम ऐसे बच्चे होते हैं जो आंख खोल कर सोते हैं। इस समस्या को मेडिकल भाषा में नोकटर्नल लैगोफथाल्मोस (Nocturnal Lagophthalmos) के नाम से जाना जाता है। आजम का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे की बच्चे की आंखों ने खोल कर सोने के क्या कारण हैं। साथ ही इस आदत के कारण बच्चे की आंखों को कई नुकसान भी हो सकते हैं। इसके लिए हमने किडजेनिक्स चाइल्ड क्लीनिक के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर निखिल मेहरोत्रा (Kidgenix Child Clinic, Child Expert, Dr. Nikhil Mehrotra) से बात की है।  पढ़ते हैं आगे...

 

आंख खोलकर सोने से बच्चे को होने वाले नुकसान

1 - जब बच्चे आंखों को खोलकर सोते हैं तो उन्हें धुंधला दिखने की समस्या हो सकती है। ऐसे बच्चों को साफ देखने में परेशानी महसूस हो सकती है।

2 - जो बच्चे या शिशु आंख खोलकर सोते हैं वह आंखों में थकान महसूस कर सकते हैं। जब उनकी आंखों को अच्छी तरह आराम नहीं मिलता है तो आंखें थकी हुई नजर आ सकती हैं।

3 - जो बच्चे आंखों को खोलकर सोते हैं उनकी आंखों में तेज दर्द के साथ भारीपन भी हो सकता है।

4 - जो बच्चे आंखें खोलकर सोते हैं उनमें नींद की कमी की संभावना भी हो सकती है। वे गहरी नींद नहीं ले पाते, जिसके कारण वे उलझन और चिड़चिड़ापन महसूस करते हैं।

5 - जो बच्चे आंखें खोलकर सोते हैं उनकी आंखें लाल हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी आंखों को आराम सही से नहीं मिल पाता है।

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बच्चों का आंख खोलकर सोने के कारण

1 - बता दें कि आंख खोलकर सोने की समस्या जेनेटिक भी हो सकती है। जब माता-पिता दोनों में से कोई एक भी आंख खोल कर सोता है तो वही आदत बच्चों में भी आ सकती है।

2 - शरीर की जो कोशिकाएं होती है अगर उनमें पानी की कमी हो जाती है तो पलके सूखने लगती हैं, जिसकी वजह से आंख को बंद करने में काफी परिश्रम करना पड़ता है। यही कारण होता है कि सोते बच्चों की आंखें खुली नजर आ सकती हैं।

3 - यदि कोई बच्चा यूरोफेशियल सिंड्रोम का शिकार हो जाता है तब भी इस प्रकार की समस्या देखी जा सकती है।

4 - बेल्स पाल्सी के कारण भी बच्चों की आंखें खुली रह सकती हैं। बता दें कि इस स्थिति में जो चेहरे की मांसपेशियां होती हैं वह कमजोर हो जाती हैं। ऐसे में आंखों की पलकों को खोलने में दिक्कत महसूस हो सकती है।

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बच्चों का आंख खोलकर सोने का इलाज

जैसा कि हमने पहले भी बताया बच्चों का आंख खुल कर सोना एक आम समस्या है ऐसे में यह समस्या खुद -ब-खुद ठीक भी हो जाती है। लेकिन कुछ मामलों में डॉक्टर निम्न सलाह दे सकते हैं-

1 - वे कभी-कभी स्थिति गंभीर देखने पर सर्जरी की सलाह देते हैं।

2 - वे आंखों को नमी देने के लिए कुछ आई ड्रॉप्स की मदद से भी यह समस्या दूर कर सकते हैं।

3 - आंखों को बंद करने के लिए वे सर्जिकल टेप लगाने की भी सलाह दे सकते हैं।

4 - आर्टिफिशियल टियर्स के माध्यम से भी समस्या को रोका जा सकता है।

आमतौर पर डॉक्टर के पास तब जाना चाहिए जब माताओं को अपने बच्चे की आंख लाल नजर आए या बच्चा आंखों को रगड़ हुए उठें। इससे अलग जब आपको दिखे की बच्चों की आंखों में थकान है या उसकी उम्र 1 साल से ज्यादा है और तब भी वह बच्चा खोल कर सो रहा है तब डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि बच्चों का आंखों के सोने का आम समस्या है। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ यह समस्या कम ना हो तो हो सकता है कि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो। ऐसे में समय रहते सतर्कता बरतनी जरूरी है और डॉक्टर से परामर्श करना भी जरूरी है।

इस लेख में इस्तेमाल की जानें वाली फोटोज़ Freepik से ली गई हैं।

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