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क्‍या कैंसर से बचाव संभव है? डॉक्‍टर से जानें सही जवाब

Cancer Prevention: खराब जीवनशैली और जानकारी की कमी के कारण कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। कैंसर से बचाव के ल‍िए आप इस लेख में बताए ट‍िप्‍स आजमाएं। 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Jul 19, 2022Updated at: Jul 19, 2022
क्‍या कैंसर से बचाव संभव है? डॉक्‍टर से जानें सही जवाब

क्‍या कैंसर से बचा जा सकता है? लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव ने बताया क‍ि कैंसर के खतरे से बचना मुश्‍क‍िल है पर इसके खतरे को कम जरूर क‍िया जा सकता है। सही जांच और लाइफस्‍टाइल में बदलाव के जर‍िए आप कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं। कैंसर से बचाव के ल‍िए जागरूकता जरूरी है। कैंसर के लक्षणों को नजरअंदाज करने से मरीज स्‍टेज 4 पर पहुंच जाता है। हम ज‍ितना जल्दी कैंसर का पता लगाएंगे उससे बचने में उतनी ज्‍यादा सफलता म‍िलेगा। इस लेख में हम कुछ ब‍िन्‍दुओं पर बात करेंगे ज‍िन्‍हें फॉलो करके आप कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं।

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कैंसर से बचाव के ल‍िए वैक्‍सीन लें- Cancer Vaccine 

कैंसर का खतरा कम करने के ल‍िए एचपीवी वैक्‍सीन (HPV Vaccine) लें। ये वैक्‍सीन आपको सर्व‍िकल कैंसर, वजाइनल कैंसर और एनल कैंसर आद‍ि से बचा सकता है। 13 साल से कम उम्र में बच्‍चों को ये वैक्‍सीन लगाई जाती है। इस वैक्‍सीन की दो खुराक लेना जरूरी होता है। अगर 15 साल से कम उम्र में बच्‍चे को ये वैक्‍सीन नहीं दी गई है, तो 26 साल का होने तक एचपीवी वैक्‍सीन दी जा सकती है। इसके अलावा हेपेटाइट‍िस बी वैक्‍सीन भी लें। इस वैक्‍सीन से ल‍िवर कैंसर का खतरा कम होता है। 

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कैंसर से बचने के ल‍िए जरूरी जांच करवाएं- Cancer Diagnosis

कैंसर के खतरे से बचने के ल‍िए जरूरी जांचें की जाती हैं जैसे- पैप स्‍मीयर टेस्ट, मैमोग्राफी, बायोप्‍सी, सीटी स्‍कैन या छाती का एक्स-रे, ब्‍लड टेस्‍ट और अल्‍ट्रासाउंड आद‍ि। मैमोग्राफी की मदद से ब्रेस्‍ट कैंसर का पता लगाया जाता है। इसके अलावा सर्वाइकल कैंसर के ल‍िए मैमोग्राफी की जाती है। सर्वाइकल कैंसर की जांच के ल‍िए पैप स्‍मीयर टेस्‍ट क‍िया जाता है। पेट के कैंसर का पता लगाने के ल‍िए अल्‍ट्रासाउंड क‍िया जाता है। प्रोस्‍टेट कैंसर के ल‍िए ब्‍लड टेस्‍ट क‍िया जाता है। वहीं फेफड़ों में कैंसर का पता लगाने के ल‍िए सीटी स्‍कैन या एक्‍स-रे क‍िया जा सकता है।    

यूवी रेज से बचें 

कैंसर का खतरा कम करने के ल‍िए आपको यूवी रेज से बचना चाह‍िए। यूवी रेज से बचने के ल‍िए सुबह 10 बजे से शाम‍ 4 बजे तक बाहर जाने से बचें। इस दौरान धूप तेज होती है और आपकी स्‍क‍िन में कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती है। बाहर जाते वक्‍त आप टोपी और सनग्‍लासेज का इस्‍तेमाल करें। हाथ और पैरों को कवर करके बाहर न‍िकलें। इन बातों का ख्‍याल रखकर आप स्‍क‍िन कैंसर की समस्‍या से बच सकते हैं।   

वजन कंट्रोल करें- Weight Management  

वजन बढ़ने के कारण, ब्रेस्‍ट कैंसर और गर्भाशय कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। मलाशय कैंसर, क‍िडनी कैंसर, पैंक्रियाज के कैंसर का खतरा भी वजन बढ़ने के साथ दोगुना हो जाता है। वजन कम करने के ल‍िए आप घर पर बना ताजा खाना खाएं। मीठी चीजों का ज्‍यादा सेवन न करें। रोजाना कसरत करें, पर्याप्‍त नींद लें और तनाव कम करें।    

जरूरी व‍िटाम‍िन्‍स और म‍िनरल्‍स खाएं 

आपको अपने खाने में व‍िटाम‍िन ए, सी, ई को शाम‍िल करना चाह‍िए। आप रोजाना अपनी डाइट में ताजे फल, सब्‍ज‍ियां और होल ग्रेन्‍स को शाम‍िल करें। फाइबर र‍िच फूड्स का सेवन करें। खाने को ज्‍यादा तलने से बचें। हालांक‍ि खाने को अच्‍छी तरह से पकाकर खाएं, तो कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं।   

हफ्ते में 150 म‍िनट कसरत करें- Exercise In Hindi  

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आपको हर द‍िन 40 म‍िनट कसरत के मुताब‍िक हफ्ते में 280 म‍िनट कसरत को देने चाह‍िए। अगर इतना समय नहीं दे सकते, तो कम से कम 150 म‍िनट कसरत प्रत‍ि हफ्ता जरूर करें। आप कसरत में कार्ड‍ियो, वॉक, जॉग‍िंंग, स्‍व‍िम‍िंंग को शाम‍िल कर सकते हैं। कसरत करने से कोलन कैंसर, ब्रेस्‍ट कैंसर, प्रोस्‍टेट व अन्‍य प्रकार के कैंसर का खतरा कम होता है।       

एल्‍कोहल और तंबाकू से बचें 

एल्‍कोहल का सेवन करने से बचें। कैंसर से बचने के ल‍िए आपको तंबाकू या एल्‍कोहल के सेवन से बचना चाह‍िए। एल्‍कोहल का सेवन करने से, मुंह, गले, ल‍िवर, ब्रेस्‍ट, कोलन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। ऐसा नहीं है क‍ि एल्‍कोहल का सेवन न करने से आप कैंसर से बच जाएंगे पर इसके खतरे को काफी हद तक क‍म क‍िया जा सकता है। तंबाकू का सेवन करने से फेफड़ों में कैंसर का खतरा बढ़ता है। तंबाकू का सेवन, ब्‍लैडर, क‍िडनी, स‍िर और गर्दन आद‍ि में भी कैंसर का कारण बन सकता है। शराब, तंबाकू, गुटका, खैनी आद‍ि का सेवन न करें। 

अपनी मेड‍िकल ह‍िस्‍ट्री, जीवनशैली के बारे में डॉक्‍टर को बताएं। उम्र के मुताब‍िक समय-समय पर लक्षणों की जांच करते रहें और डॉक्‍टर की सलाह पर परीक्षण करवाएं। समय पर कैंसर का पता लगने पर इससे जान का जोख‍िम क‍म क‍िया जा सकता है। कैंसर से पूरी तरह से बचना संभव नहीं है पर इसके खतरे को कम क‍ि‍या जा सकता है। 

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