तनाव के कारण हो सकती है थायरॉयड की समस्‍या

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 04, 2011
Quick Bites

  • तितली के आकार की यह ग्रंथि गले के निचले हिस्‍से में होती है।
  • थायराइड ग्रंथि से थायराक्सिन नामक हार्मोन का स्राव होता है।
  • तनाव की वजह से शरीर के हार्मोंस में हो सकता है असंतुलन।
  • तनाव की वजह से प्राइमरी हाइपोथायराइडिज्म हो सकती है।

थायरॉयड आमतौर पर पुरूषों की तुलना में महिलाओं को अधिक होता है। सामान्यतः थायरॉयड उन महिलाओं को होता है, जिनका कद छोटा है या फिर यह समस्या वंशानुगत भी हो सकती है। थायरॉयड ग्रंथि गले में पायी जाती है, इसका आकार तितली के जैसा होता है।

Stress Cause Thyroidहमारा शरीर कितनी जल्दी एनर्जी को बर्न करता है, जिससे प्रोटीन का निर्माण हो इस बात का नियंत्रण थायरॉयड ही करता है। हमारे शरीर की संवेदनशीलता भी थायरॉयड पर ही निर्भर करती है। थायरॉयड ग्रंथि से बनने वाले थायरोक्सिन और टीडोथीरो हार्मोंस शरीर के मेटाबोलिज्म के रेट को बढ़ाते है जो शरीर के अंदरूनी सिस्टम और शरीर के होने वाले विकास और गतिविधियों को प्रभावित करता है। तनाव का अधिक स्तर होने पर थायरॉयड होने की संभावना रहती है। तनाव से पुरूषों में थायरॉयड की संभावना अधिक बढ़ जाती है। आइए जानें तनाव से थायरॉयड बढ़ने की प्रक्रिया के बारे में।

 

तनाव और थायराइड 

  • थायरॉयड हार्मोन के कारण होने वाला असंतुलन है।  थायरॉयड हार्मोंन के अधिक बढ़ने या कम होने का अर्थ है शरीर में किसी बीमारी का होना।
  • थायरॉयड हार्मोन की मात्रा यदि शरीर में अधिक होती है तो मेटोबोजिल्म रेट बढ़ जाता है और यही मात्रा कम होने पर मेटाबोलिज्म रेट कम हो जाता है। मेटाबोलिज्मन रेट अधिक होने से आपकी ऊर्जा जल्दी और अधिक खर्च होगी, जिससे अधिक थकान होने लगती है और सुस्ती छाने लगती है।
  • शोधों में भी ये बात साबित हो चुकी है कि तनाव थायरॉयड ग्रंथि से निकलने वाले थायरॉक्सिन हार्मोन के स्राव को नियंत्रि‍त करने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में अधिक तनाव होने पर इस हार्मोंस पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  • तनाव का स्तर अधिक होने के कारण थायरॉयड ग्रंथि खासा प्रभावित होती है जिससे हार्मोंस का स्तर तेजी से बढ़ने लगता हैं। इतना ही नहीं तनाव के कारण पुरूषों की थायरॉयड ग्रंथि पर अधिक असर होता है।
  • दरअसल, तनाव के कारण पुरुषों में प्राइमरी हाइपोथायराइडिज्म की समस्या होने लगती हैं। इससे रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है और हार्मोनल ग्रंथि काम करना बंद कर देती है।
  • तनाव से ग्रसित लोगों के लिए थायरॉयड होने की संभावना बढ़ जाती है। इस बीमारी का कोई पुख्ता इलाज भी नहीं है। इसके लिए आपको उम्र भर टेबलेट्स खानी पड़ सकती है। यदि किन्हीं कारणों से आप इन टेबलेट्स को कुछ दिनों के लिए छोड़ दो तो आपको अन्य बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • थायरॉयड से मुक्ति पाने के लिए आप तनाव से दूर रहें । इसके साथ ही अपने खान-पान का खास ख्याल रखें।
  • थायरॉयड से बचने के लिए आप प्रतिदिन व्यायाम और योग को भी अपने जीवन में शामिल कर सकते हैं। साथ ही थायरॉयड दूर करने वाले कुछ खास आसन तरीके अपनाकर आप थायरॉयड ग्रंथि से निकलने वाले हार्मोंस के स्राव को नियंत्रि‍त कर सकते हैं।

 

 

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