ज्यादा स्ट्रेस आपको बना सकता है पार्किंसंस रोग का शिकार, लगातार हाथ-पैर कांपना है इस बीमारी का संकेत

Parkinson’s Disease: स्ट्रेस कई रोगों का कारण बनता है। लेकिन क्या स्ट्रेस और एंग्जाइटी पार्किंसंस रोग का भी कारण बनता है। 

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Apr 19, 2022Updated at: Apr 19, 2022
ज्यादा स्ट्रेस आपको बना सकता है पार्किंसंस रोग का शिकार, लगातार हाथ-पैर कांपना है इस बीमारी का संकेत

Can Stress Trigger Parkinson’s Disease: पार्किंसंस रोग नर्वस सिस्टम में होने वाला एक रोग है। यह रोग कई शारीरिक गतिविधियों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है। पार्किंसंस रोग होने पर हाथों में कंपकंपी, शरीर में अकड़न, मूवमेंट का धीमा होना जैसे लक्षण नजर आते हैं। व्यक्ति में इसके लक्षण धीरे-धीरे पैदा होते है, इससे व्यक्ति की दिनचर्या प्रभावित होती है। समय के साथ इसके लक्षण भी बढ़ते जाते हैं। जैसे-जैसे इसके लक्षण बढ़ते हैं, पार्किंसन रोगियों में चिंता, अवसाद और पागलपन जैसे लक्षण अधिक देखने को मिलते हैं। लेकिन क्या चिंता, स्ट्रेस पार्किंसन रोग आपको पार्किंसन रोग का भी शिकार बना सकता है। साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर रुचि शर्मा से जानें-

पार्किंसंस रोग के लक्षण (Parkinson's Disease Symptoms)

  • गति धीमी होना
  • मांसपेशियों का कठोर होना
  • संतुलन में परेशानी
  • बोली में बदलाव
  • लिखावट में बदलाव
  • तनाव
  • पसीना आना
  • निगलने में कठिनाई
 

क्या स्ट्रेस पार्किंसंस रोग का कारण बनता है? (Can Anxiety Cause Parkinson's Disease in Hindi)

वैसे तो तनाव तरह-तरह की बीमारियों का कारण बनता है। जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक तनाव या चिंता में रहता है, तो वह सामान्य से लेकर गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकता है। मानसिक रूप से पीड़ित होने का तनाव से गहरा संबंध होता है। तनाव न सिर्फ आपको मानसिक रूप से परेशान करता है, बल्कि तनाव का असर शारीरिक रूप से भी देखने को मिलता है। पार्किंसंस रोग और तनाव में भी गहरा संबंध होता है। जब पार्किंसंस रोगी अधिक पीड़ा महसूस करते हैं, तो उन्हें तनाव भी महसूस होता है। तनाव या चिंता बढ़ने पर पार्किंसंस रोग के लक्षणों में भी वृद्धि देखने को मिलती है।  
पार्किंसंस रोगी का तनाव या चिंता में रहना मस्तिष्क में रासायनिक असंतुलन का कारण होता है। चिंता पार्किंसंस रोग में होना एक बहुत ही सामान्य स्थिति है, इसमें अवसाद भी पैदा हो सकता है। पार्किंसंस रोगियों को कभी कम तो कभी अधिक तनाव पैदा हो सकता है। पार्किंसंस रोगियों के लिए तनाव चिंता को अलग करना मुश्किल होता है। पार्किंसंस रोग में चिंता होने से अनिद्रा जैसा लक्षण नजर आ सकता है। इसके अलावा तेज हृदय गति, सांस लेने में परेशानी, पसीना आना और सिरदर्द होना भी इसी के लक्षणों में शामिल हैं। 
 

पार्किंसंस रोग में तनाव से बचने के उपाय

पार्किंसंस के कुछ लोगों को तनाव या चिंता कम करने के लिए दवाइयों की जरूरत पड़ती है, लेकिन सभी को दवा की जरूरत नहीं होती है। ऐसे में आप अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करके तनाव का प्रबंधन करने में मदद कर सकते हैं। 
  • भविष्य का सोचना, अपने लक्ष्य निर्धारित करना और उसे पूरा करने के लिए कार्य करना।
  • शांति और सकारात्मक माहौल के लिए संगीत सुनना। इससे तनाव से काफी आराम मिलेगा। 
  • पॉजिटिव लोगों के साथ बातें करना, उनसे मिलना आदि। नेगेटिव लोगों से दूरी बनाए रखें।
  • जो भी आपके सभी जरूरी कार्य हैं, उनमें खुद को शामिल करना। सभी कार्यों में अपना योगदान देने की कोशिश करना।
  • ऐसे लोगों के साथ समय बिताना, जो आपका साथ दें। आपको समझने की कोशिश करें।
  • खुद को शांत रखने के लिए मेडिटेशन और योगाभ्यास करना।
अगर आपको भी पार्किंसंस रोग का कोई लक्षण नजर आता है, तो इससे खुद को बचाए रखें। वही लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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