Bound Angle Pose/Baddha Konasana: बद्ध कोणासन को करने से सेहत को होते हैं ये 8 फायदे, जानें इसकी विधि

बद्ध कोणासन को करने से कई समस्याएं दूर हो सकती हैं। जानते हैं बद्ध कोणासन को करने की विधि, जरूरी सावधानियां और इससे मिलने वाले फायदे...

Garima Garg
Written by: Garima GargUpdated at: Apr 15, 2021 14:55 IST
Bound Angle Pose/Baddha Konasana: बद्ध कोणासन को करने से सेहत को होते हैं ये 8 फायदे, जानें इसकी विधि

अगर आपको तितली आसन करना आता है तो आप बद्ध कोणासन (baddha konasana) भी बेहद आसानी से कर सकते हैं। लेकिन ध्यान दें कि दोनों आसनों में काफी अंतर है। वहीं दोनों आसनों की विधि और फायदे भी अलग-अलग हैं। आज हम अपने इस लेख के माध्यम से बता रहे हैं बद्ध कोणासन के बारे में। सबसे पहले बात करते हैं बद्ध कोणासन के नाम के अर्थ की, तो बता दें कि कोण का मतलब होता है कोना, जिसे अंग्रेजी में एंगल भी कहा जाता है जबकि बद्ध का अर्थ होता है बंधा हुआ। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि बद्ध कोणासन के फायदे (baddha konasana benefits) क्या हैं? साथ ही बद्ध कोणासन करने की विधि (baddha konasana steps) और जरूरी सावधानियां भी जानेंगे। पढ़ते हैं आगे...

बद्ध कोणासन करने की विधि (baddha konasana steps)

सबसे पहले जमीन पर बैठ जाए और अब अपने पैरों को सीधा करें। अब धीरे-धीरे अपने घुटनों को मोड़ें और दोनों पैरों के तलवों को साथ में लाएं। आप अपने पैरों के दोनों तलवों को छुएं। अभी अपने हाथों की हथेलियों से पैरों को कसकर पकड़ें। अब दोनों पैरों के घुटनों को ऊपर और नीचे की तरफ लेकर जाएं। इस प्रक्रिया को बार-बार दोहराए। ध्यान रखें कि आपके घुटने जमीन पर नहीं छूने चाहिए। अब अपनी पीठ को आगे की तरफ झुकाएं। पर ध्यान रखें कि सिर जमीन पर न छुए। अपना क्षमता के अनुसार ही अपने शरीर को झुकाएं। कुछ समय बाद हाथों को जमीन पर रखें और पैरों को सीधा करके अपने पहले वाली स्थिति में आ जाएं। आप इस आसन को बार-बार कर सकते हैं।

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बद्ध कोणासन करने के फायदे (baddha konasana benefits)

1 - बता दें कि इस आसन से घुटनों में, पीठ में और जांघों में खिंचाव आता है।

2 - मासिक धर्म संबंधित परेशानी दूर होती है।

3 - साइटिका से छुटकारा मिलता है।

4 - हाई बीपी और बांझपन की समस्या दूर होती है।

5 - अस्थमा और फ्लैट पैर के लिए बद्ध कोणासन एक अच्छा आसन है।

6 - गर्भावस्था में बद्ध कोणासन को करने से प्रसव में आसानी होती है।

7 - दिल और शरीर में रक्त परिसंचरण में सुधार आता है।

8 - चिंता, थकान दूर होती है और अवसाद से भी छुटकारा मिलता है।

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बरतने वाली सावधानियां

बता दें कि अगर आपके घुटने में चोट है तो इस आसन को ना करें। वही मासिक धर्म के दौरान भी बद्ध कोणासन को ना करें। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी समस्या आए तो झुकते समय अपनी क्षमता का ध्यान रखें। अपनी क्षमता के अनुसार झुकें, खुद पर ज्यादा जोर ना दें।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदु से पता चलता है कि बद्ध कोणासन सेहत के लिए काफी अच्छा है। इसे करने से अनेक समस्याओं को दूर किया जा सकता है। लेकिन इसके दौरान कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की जरूरत है। आप इस आसन को बिना किसी एक्सपर्ट की देखरेख में भी कर सकते हैं लेकिन अगर इस बद्ध कोणासन को करने से पीठ में समस्या हो या घुटनों में दर्द हो तो एक बार एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

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