रूमेटॉयड अर्थराइटिस (गठिया) में करें इन 9 फलों का सेवन, दर्द में मिलेगा आराम

रूमेटॉयड अर्थराइटिस की एक वजह सही खानपान का अभाव भी है। लेकिन कुछ मौसमी फूड्स का सेवन स्थिति में राहत दिला सकता है।

Monika Agarwal
स्वस्थ आहारWritten by: Monika AgarwalPublished at: May 16, 2022Updated at: May 16, 2022
रूमेटॉयड अर्थराइटिस (गठिया) में करें इन 9 फलों का सेवन, दर्द में मिलेगा आराम

रूमेटॉयड अर्थराइटिस यानी गठिया जोड़ों से जुड़ी एक ऑटो इम्यून बीमारी है। इसमें घुटने, कलाई, एंकल जैसे जोड़ प्रभावित होते हैं। इसके दर्द और सूजन को कम करने के लिए कई उपाय आजमाए जा सकते हैं। सेंटर फॉर नी एंड हिप केयर,सीनियर हिप एंड नी रिप्लेसमेंट सर्जन डॉक्टर अखिलेश यादव का कहना है कि आजकल गठिया के रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। रूमेटॉयड अर्थराइटिस में सूजन और शारीरिक निष्क्रियता भी एक वजह है जोड़ों के दर्द के बढ़ने की। साथ ही विटामिन डी3 और बी12 समेत अन्य पोषक तत्वों की कमी के कारण भी शरीर के जोड़ों और हड्डियों पर बुरा असर पड़ता है। इसका कारण जंक और फ्रोजन फूड पर बढ़ती निर्भरता है। लेकिन अपने लाइफस्टाइल में बदलाव और कुछ मौसमी फूड्स का सेवन करके भी इस स्थिति से राहत पा सकते हैं। साथ ही समय-समय पर डॉक्टर द्वारा बताए इलाज का पालन करना भी जरूरी होता है। आइए विस्तार से जानते हैं कौन- कौन से फूड्स रूमेटॉयड अर्थराइटिस के दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं।

1. तरबूज

तरबूज में लाइकोपीन और बीटा क्रिप्टो सेंथिन जैसे तत्व होते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट्स गुण होते हैं। तरबूज का सेवन करने से इंफ्लेमेशन कम होता है। इसका सेवन करने से स्वस्थ लोगों में रूमेटॉयड अर्थराइटिस का खतरा कम होता है और यह जोड़ों की सूजन को कम करने में भी सहायक होता है।

2. शिमला मिर्च

शिमला मिर्च में इंफ्लेमेशन रेगुलेटरी गुण और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो जोड़ों से इंफ्लेमेशन कम करने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें कैप्साइसिन नामक तत्व भी होता है, जो जोड़ों से अकड़न कम करने में मदद करता है।

3. शकरकंद 

इसमें विटामिन सी, बीटा कैरोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते है। इसमें एंटी अर्थराइटिक और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो अर्थराइटिस से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं। इसमें ऐसे इन्फ्लेमेटरी फाइटो न्यूट्रिएंट भी होते हैं जो जोड़ों की सूजन को कम करने में काम आते हैं।

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4. चेरीज

यह एंथो साइनिन का एक अच्छा स्रोत होता है। इसमें विटामिन सी और पोटेशियम होता है। यह इंफ्लेमेशन कम करने में मदद करता है। यह जिन सी रिएक्टिव प्रोटीन लेवल के कारण जोड़ों पर इंफ्लेमेशन होती है, उन्हें कम करने में भी काफी सहायक है।

5. चुकंदर

चुकंदर में बीटालेन नामक तत्व होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है और इंफ्लेमेशन कम करने में भी सहायक होता है। इसमें नाइट्रेट भी होते हैं जो शरीर से टॉक्सिक कंपाउंड कम करने में मदद करते हैं। इसलिए इनके सेवन से जोड़ों की सूजन में कम होने में मदद मिलती है।

6. कीवी

कीवी जैसे खट्टे फल विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो रूमेटॉयड अर्थराइटिस से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं। हालांकि विटामिन सी से युक्त फल रूमेटॉयड अर्थराइटिस की दवाइयों का असर कम करते हैं। इसलिए इनका सेवन करने से पहले आपको एक बार अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लेना चाहिए।

7. सेब  

सेब में विटामिन सी, फाइबर, पोली फेनोल और फाइटो न्यूट्रिएंट होते हैं, जो रूमेटॉयड अर्थराइटिस के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं। इनमें एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं जो इस स्थिति में सुधार लाने में सहायक हैं।

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8. अनार 

अनार में पोली फेनोलिक एंटी फ्लेवेनॉइड होते है जो एंटीऑक्सिडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होते हैं। इनमें मौजूद तत्व दर्द और सूजन कम करने में मदद करते हैं। इसमें सिट्रस फ्लेवेनॉइड और ऐंथो सिनिन भी मौजूद होते हैं।

9. गाजर

गाजर में विटामिन ए और बीटा कैरोटीन होते है जो इंफ्लेमेशन से लड़ने में सहायक होते हैं। इसमें एंटी अर्थराइटिक, एंटीऑक्सिडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण भी होते हैं जो इस स्थिति के लक्षणों को नियंत्रित करने में काम आते हैं। 

इसके अलावा आपको जोड़ों पर दबाव बढ़ने वाला काम नहीं करना चाहिए। साथ ही अपना मेडिकल इलाज भी जारी रखना चाहिए। यही नहीं डाइट में किसी भी प्रकार का बदलाव खुद से ना कर पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

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