प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था) में पियें ये 4 हर्बल चाय, एक्सपर्ट से जानें किन समस्याओं को कम करने में फायदेमंद

गर्भावस्था में हर्बल टी पीने से गैस, कब्जियत, एंग्जाइटी सहित अन्य बीमारी से मिलती है राहत। एक्सपर्ट से इसके फायदों के बारे में जानने के लिए पढ़ें।

Satish Singh
Written by: Satish SinghUpdated at: Aug 31, 2021 01:05 IST
प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था) में पियें ये 4 हर्बल चाय, एक्सपर्ट से जानें किन समस्याओं को कम करने में फायदेमंद

बहनजी, हमारे घर आइए कभी चाय पीने..., अरे आंटी कहां जा रहीं हैं आइए चाय पिलाता हूं..., घर से लेकर बाहर में अक्सर आपके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ होगा। इंसान में चाय पीने की आदत बहुत ही ज्यादा रहती है, वहीं भारत में तो बात-बात पर चाय पिलाने की परंपरा सी है। लेकिन गर्भावस्था में नार्मल चाय पीना बच्चे के साथ आपको भी नुकसान पहुंचा सकता है। क्योंकि इसमें काफी ज्यादा मात्रा में कैफीन होती है। जो गर्भावस्था में जच्चा-बच्चा के लिए काफी नुकसानदेह है। इसलिए हमें प्रेग्नेंसी में सामान्य चाय या काफी नहीं पीना चाहिए। इसकी जगह आयुर्वेदिक चाय पिएंगी तो आप हेल्दी रहने के साथ प्रेग्नेंसी में होने वाली विभिन्न प्रकार की समस्याओं और बीमारी से अपना बचाव कर सकेंगी। तो आइए इस आर्टिकल में हम आयुर्वेदिक चिकित्सक वैद्य रत्नाकर मिश्रा से बात कर चार हर्बल चाय और उसे फायदों के बारे में जानेंगे। वहीं जानेंगे कि वो किस बीमारी से बचाव में मददगार है।

हर्बल टी के हैं काफी फायदे

गर्भावस्था में हर्बल टी पीने से अनिद्रा, सर्दी, जुकाम, एंग्जाइटी, उल्टी, मुंह से बदबू, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, पेट में दर्द, पाचन संबंधी समस्या को दूर करती है। इसे पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जो प्रेग्नेंसी में कमजोर शरीर के लिए काफी ज्यादा जरूरी होती है। वैद्य बताते हैं कि अगर आपको ऐसी परेशानी हो रही है तो आयुर्वेदिक हर्बल टी फायदा पहुंचाएगी। हम आपको चार आयुर्वेदिक हर्बल चाय के बारे में बताएंगे जो प्रेग्नेंसी के समय फायदा पहुंचाती है। वहीं कई प्रकार की बीमारी व समस्याओं से निजात दिलाती है।

Herbal Tea

1. कई गुणों से भरी है अदरक वाली चाय

एक्सपर्ट बताते हैं कि अदरक की चाय पीने से प्रेग्नेंसी में महिलाओं को पेट दर्द और लेबर पेन नहीं होती है। इससे गर्भवती का जी मचलना और उल्टी होना भी बंद हो जाता है। दिन में अदरक की चाय कम से कम दो से चार बार पीना चाहिए। इसे बनाने के लिए अदरक को काटकर इसे उबाल लें, इसके बाद इसकी चाय पीएं।

अदरक वाली चाय पीने के फायदे

  • अदरक वाली चाय गर्भावस्था में पीने से ब्लड शुगर कम रहता है। 
  • अदरक में बहुत से खनिज होते हैं जो इसे नियंत्रण में रखते हैं। 
  • खनिज के साथ कोलेस्ट्रॉल को भी कम रखता है।
  • इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
  • अदरक की चाय पीने से हड्डियों को आराम मिलता है। 
  • इससे मांसपेशियों की थकान दूर होती है। 
  • जोड़ों के दर्द भी दूर होते हैं। 
  • ">गर्भवती महिलाओं में थकान की काफी ज्यादा समस्या होती है। अदरक वाली चाय पीने से थकान मिटती है। 
  • इसका सेवन करने से चिंता भी दूर होती है और गला भी साफ होता है।  
  • अदरक वाली चाय पीने से पाचन व श्वासन तंत्र मजबूत रहता है। 
  • प्रेग्नेंसी में उल्टी इत्यादि की समस्या को दूर करता है। 
  • >इससे प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली मॉर्निंग सिकनेस भी होती है।  

अदरक की चाय बनाने की विधि

  1. सबसे पहले अदरक कूच लें
  2. उसके बाद एक बर्तन में पानी गर्म करें
  3. इसमें एक चम्मच अदरक डालें
  4. इसके बाद इसमें मीठे के लिए शहद (ज्यादा स्वास्थ्य लाभ के लिए शहद मिलाएं) या चीनी मिला सकते हैं। 
  5. इसे थोड़ी देर के लिए पकने के लिए छोड़ दें। इसके बाद आपका अदरक की चाय तैयार है
Papermint Tea

2. पुदीने की चाय में है कैल्शियम, थकान को करता है कम

एक्सपर्ट बताते हैं कि पुदीने की चाय को पीने से पाचन शक्ति ठीक होती है। इसके साथ इसमें कैल्शियम पाया जाता है, जिसके कारण यह प्रेग्नेंसी में थकान को कम करती है। पुदीने के पत्ते को 10 मिनट पानी में उबाल कर इसका पानी पीने से जी मचलना और उल्टी होना बंद हो जाता है। गर्भावस्था में जी मचलना और उल्टी होने की काफी ज्यादा समस्या रहती है, जो पुदीने की चाय दूर करती है। सबसे बड़ी बात यह कि इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है। 

पुदीने की चाय प्रेग्नेंसी के इन समस्या को दूर करती है

  • प्रेग्नेंसी में हार्मोन असुंतलित रहता है। पुदीने के पत्ते के क्रेविंग्स होते हैं। जो हार्मोन को संतुलित करता है। 
  • शरीर के तापमान को कम करता है। क्योंकि पुदीने में शरीर को ठंड पहुंचाने वाले गुण होते हैं।
  • इसका सेवन करने से थकान खत्म होती है और दिमाग शांत होता है। इससे अनिद्रा की समस्या भी दूर होती है।
  • प्रेग्नेंसी में मुंह का स्वाद खराब हो जाता है। पुदीने की चाय से मुंह का स्वाद अच्छा होता है। मुंह से बदबू नहीं आती है। 
  • प्रेग्नेंसी में कब्जियत की समस्या भी बड़ी समस्या है। इसका सेवन करने से पाचन शक्ति अच्छी होती है और पेट को आराम मिलता है। 

पुदीने की चाय को कैसे बनाएं

  1. इसे तैयार करने के लिए बर्तन में एक कप से थोड़ा ज्यादा पानी को धीमे आंच पर गर्म करें।
  2. ताजी पुदीने की पत्तियों को उसमें उबलने के समय डालें।
  3. इसके बाद बर्तन को ढंक दें , तीन से चार मिनट तक उबलने दें।
  4. अब इसे छानकर चीनी-शहद (ज्यादा स्वास्थ्य लाभ के लिए शहद मिलाएं) मिला दें, अब इसे पी जाएं।

3. कैमोमाइल टी एंग्जाइटी और थकान होती है दूर

एक्सपर्ट बताते हैं कि कैमोमाइल की चाय में पीने से मन शांत होता है। गर्भवती को प्रेग्नेंसी में नींद अच्छी आती है। गर्भावस्था में होने वाले एंग्जाइटी और थकान खत्म होती है। इसे सीमित मात्रा में पीना चाहिए। दो कप से ज्यादा इसे ना पीएं। इसमें मौजूद सामग्री हानिकारक हो सकती है। इसलिए इसे पीते समय सावधानी बरतनी चाहिए। डॉक्टरी सलाह के बाद ही इसे पीना चाहिए। आप अपने डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद ही इस चाय को पीएं। 

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कैमोमाइल टी प्रेग्नेंसी की इन समस्या को दूर करती है

  • गर्भावस्था में अगर आपको नींद नहीं आती है। अनिद्रा की समस्या है तो रात को सोने से पहले इसे पी लें, आपको अच्छी नींद आएगी। इसे पीने से मन भी शांत होता है।  
  • गर्भावस्था में इसे पीने से सर्दी नहीं होती है। 
  • सामान्य दिनों में मासिक धर्म में क्रैंप नहीं आता है। सिर और मांसपेशियों के दर्द को कम करता है।
  • कैमोमाइल टी पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले इन्फेक्शन को यह रोकती है। मांसपेशियों का दर्द खत्म होता है। नसों को आराम देता है।
Tea For Pregnant Lady

जानें कैमोमाइल टी बनाने का सही तरीके

  1. एक अच्छे स्टोर से कैमोमाइल टी बैग या एक्सट्रेक्ट ले लें। (शहर के बाजार में यह आसानी से उपलब्ध है)
  2. बर्तन में पानी गर्म कर लें।
  3. बर्तन में टी बैग एक्सट्रेक्ट डाल कर उसे ढक दें, थोड़ी देर तक उसे उबलने दें।
  4. अगर एक्सट्रेक्ट डाला है तो उसे छान लें नहीं तो टी बैग को निकाल दें और पीएं।

4. दालचीनी की चाय प्रेग्नेंसी में होने वाले बुखार को कम करता है

>एक्सपर्ट बताते हैं कि दालचीनी की चाय पीने से जी मचलना बंद हो जाता है। दालचीनी में मीठा और मसालेदार महक होती है जो जी मचलना को कम करता है। गर्भावस्था में होने वाली बुखार को भी यह कम करती है। दालचीनी में एंटी बैक्टीरियल तत्व होने के कारण आप प्रेग्नेंसी में बीमार नहीं पड़ते हैं। आप चाहें तो एक्सपर्ट की सलाह लेकर इसे उबालकर पी सकतीं हैं। 

दालचीनी टी प्रेग्नेंसी में इन समस्याओं को करती है दूर 

  • गर्भवस्था में दालचीनी की चाय पीने से शरीर में फंगस, बैक्टीरिया और पैरासाइट्स से होने वाली इन्फेक्शन नहीं होती है।  
  • दालचीनी के एक्टिव इंग्रीडिंएट्स ब्लड में शुगर लेवल को कम करते हैं। इसे खाने से हम बीमार नहीं होते हैं।
  • दालचीनी चाय पीने से ब्लड प्रेशर भी कम होता है, जिसे हाई ब्लड प्रेशर है, उसे दालचीनी वाली चाय पीनी चाहिए। दालचीनी में कई तत्व और एंटी-इंफ्लेमेटरी चीजें पाई जाती हैं, जो गर्भावस्था में शरीर में सूजन की समस्या नहीं होने देती है। 
  • इससे जोड़ों के दर्द भी दूर होती है।

दालचीनी चाय बनाने की विधि

  1. पतीले में एक कप पानी को उबाल लें।
  2. इसमें दालचीनी पाउडर को डाल दें
  3. इसमें गुड़ डालकर चम्मच से चलाएं (दालचीनी पाउडर नहीं है तो मिक्सर में दालचीनी को पीस लें)
  4. इसके साथ ही दालचीनी चाय तैयार

एक्सपर्ट की सलाह लेकर ही करें सेवन

हर्बल टी के उपयोग कई लोगों को नुकसान भी पहुंचाते हैं। आपके शरीर पर कौन सा हर्बल टी शूट कर रहा है, इसे पहले पता कर लें। डॉक्टर के परामर्श के बाद ही हर्बल टी पीएं। यह तमाम बातें सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इसका सेवन करने के पूर्व आप डॉक्टरी सलाह जरूर ले लें। हालांकि कुछ हर्बल टी को छोड़कर अन्य के साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं। ऐसे में यदि आप भी हर्बल टी का सेवन करना चाहतीं हैं तो एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें।

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