सिजेरियन डिलीवरी के बाद क्यों होता है पीठ में दर्द, जानें इसके मुख्य कारण

सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं को कमर में दर्द होना एक आम समस्या है। लेकिन आपको समझना होगा कि आपको ऐसा क्यों हो रहा है। 

Vikas Arya
Written by: Vikas AryaUpdated at: Dec 05, 2022 17:54 IST
सिजेरियन डिलीवरी के बाद क्यों होता है पीठ में दर्द, जानें इसके मुख्य कारण

सिजेरियन डिलीवरी के बाद भी महिलाओं को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अक्सर महिलाओं को सिजेरियन डिलीवरी के बाद कमर में दर्द होने लगता है। ये परेशानी अधिकतर महिलाओं को झेलनी पड़ती है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद ऐसा कुछ घंटों, दिनों या महीनों तक हो सकता है। अगर सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं को ये परेशानी लगातार हो रही है और इसकी वजह से वह अपने काम भी नहीं कर पा रही हैं तो उनको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

सिजेरियन डिलीवरी के बाद कमर में दर्द कब होता है?

सिजेरियन डिलीवरी के समय डॉक्टर महिलाओं को उनकी रीढ़ की हड्डी के पास एनस्थीसिया का इंजेक्शन देते हैं। जब इस इंजेक्शन का असर कम होता है तब महिलाओं को पीठ में दर्द होने लगता है। ऐसा महिलाओं को डिलीवरी के तीन से छह घंटों में महसूस होने लगता है। कई बार महिलाओं को एनेस्थीसिया के इंजेक्शन की वजह से गले और सिरदर्द की समस्या का भी सामना करना पड़ता है। 

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सिजेरियन डिलीवरी के बाद कमर में दर्द क्यों होता है?

सिजेरियन डिलीवरी के बाद पीठ में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं। कई बार देखा जाता है सर्जरी ठीक होते समय ऐसा होता है। इसके अलावा टांकों की वजह से भी आपको दर्द महसूस हो सकता है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद पीठ में दर्द होने के कई अन्य कारण भी होते हैं। 

वजन का बढ़ना

महिलाओं का प्रेगनेंसी के समय वजन बढ़ जाता है। डिलीवरी के बाद भी महिलाओं के हार्मोन में बदलाव सामान्य आने में समय लगता है। बढ़ते वजन से कमर दर्द हो सकता है। 

हार्मोन्स में बदलाव होना

गर्भवती होने के दौरान आपके शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जिसके प्रभाव डिलीवरी के बाद भी देखने को मिलते हैं। प्रेगनेंसी के समय और बच्चे के जन्म के बाद भी हार्मोन में कई तरह के बदलाव होते हैं। इस समय हार्मोन्स डिलीवरी की स्थिति को बेहतर बनाते हैं। 

स्तनपान करना

डिलीवरी के बाद बच्चे की भूख को शांत करने के लिए स्तनपान कराया जाता है। इससे मां और बच्चे के बीच एक विशेष रिश्ता बनता है। लंबे समय तक बच्चे के स्तनपान कराने से गर्दन और पीठ में दर्द हो सकता है। इससे बचने के लिए आपको बच्चे को लेटाकर दूध पिलाना चाहिए और अपने हाथ के नीचे तकिया का सहारा लेना चाहिए, ताकि आपकी गर्दन पर जोर न पड़े। 

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बच्चे को गोद में उठाना 

जन्म के बाद बच्चा मां के ही पास ज्यादा समय बिताता है। इस समय बच्चे को गोद में उठाने की वजह से ही मां को पीठ में भी दर्द हो सकता है। इस समय अपने बैठने की आदतों और बच्चे को गोद में उठाने की आदतों पर ध्यान देने से आप अपनी कमर के दर्द को कम कर सकती हैं।

 

एनेस्थीसिया का असर 

सिजेरियन डिलीवरी के समय एनेस्थीसिया के असर की वजह से पीठ में दर्द कुछ हफ्तों तक रहता है। ये इंजेक्शन रीढ़ की हड्डी पर दिया जाता है। रीढ़ की हड्डी में इंजेक्शन दिये जाने की वजह से पेट का निचला हिस्सा तेजी से सुन्न किया जा सकता है। इस इंजेक्शन की वजह से पीठ में दर्द एक सप्ताह या महीने तक रह सकता है। 

अगर सी सेक्शन के बाद महिला को पीठ पर लगातार दर्द हो रहा है तो उन्हें इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। तेज दर्द होने पर आपको डॉक्टर से संपर्क कर उचित सलाह लेनी चाहिए। 

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