Asthma Diet Plan: अस्थमा रोगी अपनी डाइट में बदलाव कर कम सकते हैं बीमारी का जोखिम, जानें क्या खाएं और क्या नहीं

अस्थमा (दमा) फेफड़ों की एक बीमारी है जिसके कारण सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। अस्थमा होने पर श्वास नलियों में सूजन आ जाती है जिस कारण श्वसन मार्ग सिकुड़ जाता है। श्वसन नली में सिकुड़न के चलते रोगी को सांस लेने में परेशानी होती है।

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Aug 16, 2019
Asthma Diet Plan: अस्थमा रोगी अपनी डाइट में बदलाव कर कम सकते हैं बीमारी का जोखिम, जानें क्या खाएं और क्या नहीं

अस्थमा (दमा) फेफड़ों की एक बीमारी है जिसके कारण सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। अस्थमा होने पर श्वास नलियों में सूजन आ जाती है जिस कारण श्वसन मार्ग सिकुड़ जाता है। श्वसन नली में सिकुड़न के चलते रोगी को सांस लेने में परेशानी, सांस लेते समय आवाज आना, सीने में जकड़न, खांसी आदि समस्‍याएं होने लगती हैं। अस्थमा के मरीजों को अक्सर ये दिक्कत रहती हैं वह ऐसा क्या खाएं या ऐसा नहीं खाएं  ताकि वह इस बीमारी को कम कर सकें और स्वस्थ जीवन बिता सकें। अक्सर होता यह है कि मरीज गलत खान-पान के कारण इस बीमारी का अधिक शिकार हो जाते हैं और उन्हें और भी कई प्रकार की समस्याएं हो जाती हैं। अगर आप अस्थमा के शिकार हैं तो हम आपको बताने जा रहे हैं कि आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।

फल और सब्जियां देते हैं फायदा

अस्थमा के उपचार में कोई विशिष्ट आहार नहीं है, जो आपकी श्वास संबंधी परेशानियों से छुटकारा दिला सके। लेकिन कुछ खाद्य पदार्थों से आपकी सेहत में सुधार हो सकता है। फल और सब्जी खाना शुरुआत करने के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। फल और  सब्जियां बीटा कैरोटीन और विटामिन ई व सी जैसे एंटीऑक्सिडेंट नामक रसायनों से भरे हुए होते हैं। ये "फ्री रेडिकल्स" नामक कणों को रोकने में मदद करते हैं जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और आपके फेफड़ों को जलन और परेशानी पैदा कर सकते हैं।

विटामिन डी से अस्थमा रोग करें कम

आप इसे धूप से भी प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन यह कुछ खाद्य पदार्थों में भी मिलता है। सैल्मन और स्वोर्डफ़िश,  दूध, अंडे और संतरे के रस, जो विटामिन डी से भरपूर होते हैं, आप इसे प्राप्त कर सकते हैं । ये पोषक तत्व आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, जिससे आपके शरीर को कीटाणुओं से लड़ने में मदद मिलती है और आपके वायुमार्ग में सूजन कम हो सकती है। विटामिन डी का कम स्तर होने से अस्थमा का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।

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नट्स और सीड्स अस्थमा रोगियों के लिए फायदेमंद

नट्स और सीड्स में बहुत सारी अच्छे पोषक तत्व पाए जाते हैं, लेकिन विशेष रूप से जो अस्थमा रोगियों के लिए सबसे फायदेमंद हो सकता है वह है विटामिन ई। बादाम, हेज़लनट्स, और कच्चे बीज विटामिन ई के अच्छे स्रोत हैं। इसके साथ ही ब्रोकोली और केल में भी विटामिन ई भरपूर मात्रा में पाया जाता है। विटामिन ई में टोकोफेरॉल पाया जाता है। ये एक ऐसा रसायन है, जो  अस्थमा होने पर खांसी और घरघराहट को कम कर सकता है।

ड्राई फ्रूट पहुंचा सकते हैं नुकसान

अस्थमा होने पर कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनसे आपको बचना चाहिए और ड्राई फ्रूट उनमें से एक है। हालांकि ताजे फल, विशेष रूप से संतरे और सेब अस्थमा को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं, जबकि ड्राई फ्रूट को संरक्षित करने में मदद करने वाले सल्फाइट कुछ लोगों के लिए हालात को बदतर बना सकते हैं। शराब (विशेष रूप से रेड वाइन), झींगा, मसालेदार सब्जियां, मार्शचिनो चेरी और बोतलबंद नींबू के रस में भी अक्सर सल्फाइट होता है।

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बीन्स से अस्थमा रोगी रहें दूर

बीन्स के सेवन से पेट में गैस बनने की समस्या रहती है, जिससे मौजूदा दौर के अधिकतर लोग परेशान रहते हैं। यह आपके पेट को फुला सकते हैं और सांस लेने में मुश्किल कर सकते हैं। इससे अस्थमा का दौरा भी पड़ सकता है। इसके प्रभाव को कम करने के लिए उन्हें कुछ घंटों के लिए भिगोएं और एक या दो बार पानी बदलें। लहसुन, प्याज, तले हुए खाद्य पदार्थ और कार्बोनेटेड पेय पदार्थ अन्य चीजें है, जिनसे गैस बनती है।

अस्थमा को बढ़ा सकती है कॉफी

सैलिसिलेट्स नाम का रसायन प्राकृतिक रूप से कॉफी, चाय, जड़ी-बूटियों, मसालों और यहां तक कि एंटी-इंफ्लेमेटरी गोलियों (एस्पिरिन) में पाया जाता है। हालांकि ज्यादातर लोगों को इनसे दिक्कत नहीं होती लेकिन ये सांस लेने में मुश्किल जरूर पैदा कर सकते हैं, खासकर अगर आपको पहले से ही अस्थमा हो तो। अगर आप अपने आहार से जितना हो सके उतना कम कर दें तो आप अस्थमा के लक्षणों में सुधार कर सकते हैं।

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