अष्टांग नमस्कार योग के फायदे और करने का तरीका

Ashtanga Namaskara Yoga benefit : अष्टांग नमस्कार योग करने से आपके शरीर में लचीलापन बढ़ता है। आइए इसके फायदे और करने के तरीके के बारे में विस्तार से।

Dipti Kumari
Written by: Dipti KumariPublished at: Jul 24, 2022Updated at: Jul 24, 2022
अष्टांग नमस्कार योग के फायदे और करने का तरीका

स्वस्थ और खुश रहने के लिए योग करने के कई फायदे है। इससे आप न केवल स्वस्थ रहते हैं बल्कि तनाव को दूर करने में मददगार साबित हो सकता है। रोज सुबह उठकर योग करने से आपको दिनभर अपना काम करने में मन लगता है। ऐसा ही एक योग है अष्टांग नमस्कार योग। इस योगासन को करते समय शरीर के कुल आठ अंग भूमि को स्पर्श करते हैं। इसलिए इस आसन को अष्टांग या आठ अंगों से किया जाने वाला नमस्कार भी कहा जाता है। इससे आपके पूरे शरीर में लचीलापन बना रहता है और साथ ही ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रहता है। इसके अलावा अष्टांग नमस्कार योग करने से आपका पाचन तंत्र भी सही रहता है। आइए अष्टांग नमस्कार योग के फायदे और करने के सही तरीके के बारे में जानते हैं। 

अष्टांग नमस्कार योग के फायदे (Ashtanga Namaskara Yoga benefit)

1. अष्टांग नमस्कार योग का अभ्यास करने से आपके शरीर का लचीलापन बढ़ता है और साथ ही रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। इससे शरीर की मांसपेशियों में संतुलन बना रहता है। साथ ही इससे मसल्स एक्टिव रहती है। इसके अलावा यह मसल्स को टोन बनाता है।

2. अष्टांग नमस्कार योग आपके अंगों को मजबूत बनाता है। साथ ही इसे हाथ, पैर, घुटने, हिप्स और कमर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। इस आसन का नियमित अभ्यास करने से आपका इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। साथ ही आपकी बॉडी सुडौल होती है। 

3. इस योगासन के अभ्यास से आपकी मानसिक क्षमता बढ़ती है और साथ ही एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद मिलती है। 

4. शारीरिक संतुलन के लिए भी आप अष्टांग नमस्कार योग का अभ्यास कर सकते हैं। 

5. इस योगासन का अभ्यास करने से आपका पाचन तंत्र ठीक रहता है और साथ ही इससे पेट की मांसपेशियां मजबूत होती है। 

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अष्टांग नमस्कार योग करने का सही तरीका 

1. सबसे पहले योग मैट पर पेट के बल लेट जाएं। फिर दोनों हाथ कमर के पास ले आएं। 

2. हाथों को पसलियों के पास ले आएं और गहरी सांस बाहर की तरफ छोड़ें। 

3. इसके बाद हथेलियों के बल ऊपर उठाने की कोशिश करें। 

4. इस दौरान कोशिश करें कि आपके दोनों पैर, घुटने, हथेलियां, सीना और ठोड़ी जमीन को छूते रहें। 

5. योगासन करते समय आपके सभी अंग हवा में रहेंगे।  

6. अपने हिप्स और पेट वाले हिस्से को हल्का सा उठाकर रखने की कोशिश करें।

7. अभ्यास के दौरान सांस को रोककर रखेंगे और फिर सांस को खींचते हुए सामान्य हो जाएंगे। 

8.  फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं। 

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सावधानियां 

1. अगर आपकी रीढ़ की हड्डी में दर्द की समस्या है, तो इस योगासन का अभ्यास न करें।

2. किसी तरह की गंभीर बीमारी या समस्या होने पर भी इस आसन को बिल्कुल न करें।  

3. गर्दन में दर्द होने पर भी आपको अष्टांग नमस्कार योग नहीं करना चाहिए।

4. हाई ब्लड प्रेशर या हृदय समस्याओं में भी आपको इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए। 

5. घुटने में दर्द  होने पर दीवार के सहारे ही अभ्यास करें।

6. इसके अलावा बिना ट्रेनर के अष्टांग नमस्कार योग का अभ्यास न करें।

(All Image Credit- Freepik.com)

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