फेफड़ों और छाती को मजबूत बनाने के लिए करें अर्ध चक्रासन योग, जानें अभ्यास का तरीका

अर्ध चक्रासन योग करने से आपके शरीर को कई फायदे मिलते हैं। इससे फेफड़े और छाती में मजबूती आती है।

Dipti Kumari
Written by: Dipti KumariPublished at: Mar 28, 2022Updated at: Mar 28, 2022
फेफड़ों और छाती को मजबूत बनाने के लिए करें अर्ध चक्रासन योग, जानें अभ्यास का तरीका

मानव शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई योगासन का निर्माण किया गया है। इन आसनों में ज्यादातर ऐसी चीजें है, जो प्रकृति में पाई जाने वाली चीजों का ही प्रतिरूप है। अर्ध चक्रासन को चक्रासन का ही वेरिएशन माना जाता है। इससे शरीर को लचीला बनाए रखने में मदद मिलती है। साथ ही इस योगासन के दौरान आपको शरीर के दर्द और कमर दर्द में भी आराम मिल सकता है। इस योगासन के दौरान आप कमर के सहारे अपने पीछे की ओर झुकने का प्रयास करते हैं। इससे फेफड़े और पेट की मांसपेशियों में भी मजबूती आती है। आपको इसे सुबह के समय करने का प्रयास करना चाहिए या फिर अगर आप इसे शाम में कर रहे हैं, तो आपका पेट कम से कम 4-5 घंटे के लिए खाली होना चाहिए। 

अर्ध चक्रासन योग के फायदे (Ardha Chakrasana Benefits)

1. अर्ध चक्रासन योग की मदद से आपके कंधे और छाती की मांसपेशियों में खिंचाव आता है। 

2. इस योगासन से पैरों, पेट, रीढ़ की हड्डी और कंधों में ताकत आती है। 

3. ये आसन पीठ के निचले हिस्से में होने वाले दर्द से राहत दिला सकता है। 

4. ये आसन अस्थमा और ऑस्टियोपोरोसिस को ठीक करता है।

5. इसके अभ्यास से तनाव और स्ट्रेस को कम करने में भी सहायता मिलती है। 

6. इससे आप दिनभर एनर्जेटिक और फ्रेश महसूस करते हैं। 

7. कूल्हे और हाथ में भी मजबूती आती है। 

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अर्ध चक्रासन योग करने का तरीका (Ardha Chakrasana Steps)

1. सबसे पहले योग मैट पर प्रणामासन में खड़े हो जाएं।

2. पैरों को सीधा रखने की कोशिश करें और हाथों को शरीर के पास रखें। 

3. अपने वजन को दोनों पैरों पर समान रूप से संतुलित करने का प्रयास करें। 

4. उसके बाद सांस खींचते हुए अपने हाथों को ऊपर की ओर उठाएं। साथ ही हथेलियां एक-दूसरे के सामने हों। 

5. श्वास छोड़ते हुए धीरे से पेल्विस को आगे की ओर मोड़ें।

6. अब पीछे की ओर झुकते हुए हाथों को कान, कोहनी और घुटनों की सीध में रखने का प्रयास करें। 

7. सिर और छाती को ऊपर की तरफ उठाएं। साथ ही सांस लेते और छोड़ते रहें। 

8. वापस सांस भीतर खींचते हुए अपनी प्रारंभिक मुद्रा में वापस आ जाएं।

9. सांस बाहर छोड़ें और हाथों को नीचे लाएं ।

10. साथ ही पहली बार इसे किसी योगा ट्रेनर की मदद से ही करने का प्रयास करें। 

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सावधानियां

1. रीढ़ की हड्डी में दर्द होने पर ये आसन न करें। 

2. कमर या कूल्हों में दर्द होने इसका अभ्यास न करें। 

3. गर्दन में दर्द होने पर अर्ध चक्रासन नहीं करना चाहिए। 

4. कंधे और हाथों में दर्द होने पर इसका अभ्यास बिल्कुल न करें। 

5. घुटने में दर्द या आर्थराइटिस होने पर आप इसे ट्रेनर के सहयोग के बाद ही करें। 

6. दिल और हाई ब्लड प्रेशर की बीमारियों में अर्ध चक्रासन योग न करें। 

7. योग करने से पहले खुद में संतुलन बनाने का प्रयास करें ताकि असुविधा न हो।

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