बवासीर का इलाज: पाइल्स का लेजर ऑपरेशन कराने के 5 फायदे, डॉक्टर से जानें इस एडवांस ऑपरेशन के बारे में

ऑपरेशन कोई भी क्यों न हो जटिलताएं होती है। बवासीर के लेजर तकनीक के जरिए ऑपरेशन किए जाने से जटिलताएं कम होती हैं। अधिक जानने के लिए पढ़ें यह आर्टिकल।

Satish Singh
Written by: Satish SinghPublished at: Oct 07, 2021
बवासीर का इलाज: पाइल्स का लेजर ऑपरेशन कराने के 5 फायदे, डॉक्टर से जानें इस एडवांस ऑपरेशन के बारे में

पाइल्स की बीमारी में लोग सर्जरी कराने से काफी डरते हैं। लोग सर्जरी नहीं कराना चाहते हैं और अन्य विकल्पों की तलाश करते हैं। क्योंकि आम पाइल्स की सर्जरी होने के कई दिन के बाद शरीर में असहनीय दर्द होता है और ज्यादातर सर्जरी सक्सेस नहीं होती हैं। या फिर सर्जरी के कुछ माह या साल बाद फिर से पाइल्स की समस्या शुरू हो जाती है। इसलिए लोग अन्य मेडिकल ट्रीटमेंट के विकल्प को तलाशते हैं। आज हम आपको पाइल्स की लेजर सर्जरी के बारे में बताएंगे, जो बिल्कुल सेफ है। इसमें ज्यादा कट नहीं लगता है। सर्जरी के बाद पेशेंट को बैठने इत्यादि में परेशानी नहीं होती है। दर्द भी नहीं होता है। जमशेदपुर के डिमना में प्रैक्टिस करने वाले जनरल सर्जन डॉ. एन सिंह से बात कर जानेंगे कि लेजर ऑपरेशन के क्या फायदे हैं, जैसे 24 घंटे बाद ही अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है और कुछ दिन में फिर से व्यक्ति नॉर्मल लाइफ में लौट जाता है। अधिक जानने के लिए पढ़ें ये आर्टिकल।  

लेजर सर्जरी क्या है, पुरानी सर्जरी से कितनी है आधुनिक

जनरल सर्जन बताते हैं कि लेजर एक मेडिकल सर्जरी की नई तकनीक है। लेजर एक एनर्जी डिवाइस होती है, इसमें टारगेट एनर्जी वायर के माध्यम से डाला जाता है। इससे पाइल्स के मस्से छोटे हो या बड़े हो, उनके खून की नसों को लेजर से बर्न किया जाता है। इस सर्जरी को करने से पेन नहीं होता है। लेजर एनर्जी दूसरे एनर्जी से अलग है। लेजर उसी एरिया को बर्न करती है, जिसे डॉक्टर टारगेट करते हैं। अगर आप लेजर सर्जरी कराने सुबह अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं तो आप सर्जरी कराकर शाम तक घर जा सकते हैं। इससे कई फायदे होते हैं जैसे

  • बर्न में किसी तरह से अंग में काला नहीं पड़ता है
  • इससे किसी प्रकार की हानि नहीं होती है
  • मरीज की रिकवरी भी तुरंत होती है
  • मसल्स की भी प्रॉब्लम नहीं होती है
  • किसी प्रकार का कट अंग पर नहीं लगता है, दर्द नहीं होता है
  • शरीर के मोशन में दिक्कत नहीं होती है
  • पाइल्स में शुरुआती स्टेज की सर्जरी लेजर से बहुत ही अच्छे से होती है
  • ग्रेड 4 और ग्रेड 5 स्टेज के पाइल्स की भी सर्जरी लेजर से बहुत अच्छे ढंग से हो जाती है
Laser Surgery

लेजर सर्जरी से पाइल्स का ऑपरेशन कराने के 5 फायदे

1. अस्पताल से 24 घंटे में मिलती है छुट्टी, दो दिन आप काम पर लौट सकते हैं

डॉक्टर बताते हैं कि पाइल्स की ओपेन सर्जरी में कई दिनों तक हमें अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है। वहीं घर में भी कई दिनों तक बेड रेस्ट करना होता है। लेकिन पाइल्स की लेजर सर्जरी में हमें ऑपरेशन के 24 घंटे के अंदर अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है। एक दिन रेस्ट के बाद हम अपने कामकाज में वापस लौट जाते हैं। इसके कारण इस ट्रीटमेंट से अस्पताल का ज्यादा बिल नहीं बनता है और अपनी जॉब को वापस ज्वाइन जल्दी कर लेते हैं, इससे पैसे की बचत होती है। वहीं पाइल्स की ओपन सर्जरी में मरीज को सात दिन तक अस्पताल में ही रहना पड़ता है। पाइल्स की लेजर सर्जरी के बाद मल त्यागने में दर्द या दिक्कत नहीं होती है। वहीं ओपन सर्जरी के बाद कई दिनों तक मल त्यागने में परेशानी होती है।    

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2. खून ज्यादा नहीं बहता है

डॉक्टर बताते हैं कि पाइल्स की ओपेन सर्जरी की तुलना में लेजर ऑपरेशन में खून नहीं बहता है। लेजर ट्रीटमेंट में गुदा को बर्न किया जाता है, जिस कारण ब्लीडिंग न के बराबर होती है। इस सर्जरी में पिन प्वाइंट लेजर का इस्तेमाल होता है। लेजर सर्जरी में कट और चीरा भी नहीं लगाया जाता है, जिससे खून नहीं बहता है।

3. कोई कट नहीं दिया जाता है

एक्सपर्ट बताते हैं कि लेजर डिवाइस की किरण बहुत ही पतली होती है। यह सीधे मस्से की नसों को बर्न करती है। यह नसे मस्सों को रक्त पहुंचाती है। लेजर से इसे ब्लॉक कर दिया जाता है। पतली किरण होने के कारण गुदा के आस पास कोई कट नहीं लगता है। वहीं ओपन सर्जरी में कई जगह कट लगता है। इसमें बड़ा कट दिया जाता है, जिससे ऑपरेशन के कई दिन बाद तक असहनीय दर्द होता है। बैठने और शरीर को मूव करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।  

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4. इंफेक्शन का खतरा कम रहता है

एक्सपर्ट बताते हैं कि पाइल्स की ओपन सर्जरी में कई चीरे लगाए जाते हैं, जिससे जख्म बड़ा होता है। इस कारण इस ऑपरेशन में इंफेक्शन का खतरा काफी ज्यादा रहता है। वहीं पाइल्स की लेजर ट्रीटमेंट में कोई चीरा नहीं लगता है और न इससे कोई जख्म होता है। इस कारण इस ऑपरेशन से इंफेक्शन नहीं फैलता है। इसलिए ज्यादातर डॉक्टर पाइल्स में लेजर ट्रीटमेंट की सलाह देते हैं।

5. दर्द रहित ऑपरेशन है लेजर सर्जरी

डॉक्चर बताते हैं के पाइल्स की लेजर सर्जरी में दर्द नहीं होता है। क्योंकि इस ऑपरेशन को करते समय चीरा नहीं लगाया जाता है, न ही इसके लिए कोई कट दिया जाता है। जिस कारण इस ऑपरेशन में दर्द नहीं होता है। लेजर सर्जरी में सर्जिकल टूल्स का इस्तेमाल नहीं होता है, जिसके कारण भी दर्द की समस्या नहीं आती है। इस सर्जरी में पाइल्स के मस्सों को लेजर के माध्यम से बर्न किया जाता है, जिसके कारण दर्द नहीं होता है। वहीं पाइल्स की ओपन सर्जरी में कई जगह कट लगते हैं। पाइल्स के मस्सों को काटा जाता है। जिसके कारण ऑपरेशन के कई दिनों के बाद असहनीय दर्द रहता है।

डॉक्टर की सलाह लें

आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ परामर्श के लिए हैं। अगर आपको पाइल्स की समस्या है तो एक बार डॉक्टरी सलाह लें। उसके बाद ही इन परामर्श का पालन करें। यदि आप लेजर ट्रीटमेंट से पाइल्स का इलाज करवाना चाहते हैं तो आपको जनरल सर्जन की सलाह लेनी चाहिए। 

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