क्‍या है चुम्‍बकीय चिकित्‍सा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 19, 2010
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Quick Bites

  • प्राकृतिक रूप से दर्द से राहत पाने में मददगार।
  • चुम्बकों में भी रोगों के उपचार की क्षमता है।
  • चुम्बकीय चिकित्सा का इतिहास बहुत पुराना है।
  • चुम्बकीय चिकित्सा स्वस्थ रखने में मदद करती है।

संतुलन ही स्‍वास्‍थ्‍य का मूलाधार है और रोगों की रोकथाम के लिए आवश्‍यक है। शरीर में जमे अनावश्‍यक तत्‍वों को बाहर निकालने एवं शरीर के सभी अंगों को संतुलित कर शारीरिक क्रियाओं के नियंत्रित रखना जरूरी होता है। चुम्‍बकीय चिकित्‍सा इन सभी कार्यों को करने में प्रभावशाली होता है। शरीर में चुम्बकीय ऊर्जा का असंतुलन और कमी अनेक रोगों का मुख्य कारण होती है। यदि इस असंतुलन को दूर करके अन्य माध्यम से पुन चुम्बकीय ऊर्जा उपलब्ध हो जाये तो रोग दूर हो सकते हैं। चुम्बकीय चिकित्सा का यहीं सिद्धान्त है।

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हजारों सालों से प्राकृतिक और प्रभावी रूप से दर्द से राहत पाने के लिए चुंबकीय चिकित्‍सा का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। चुम्‍बकीय चिकित्‍सा, शारीरिक दर्द को कम करने के साथ सर्कुलेशन को बढ़ाने, एलर्जी और हार्मोन संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के लिए भी इस्‍तेमाल की जा सकती है। काफी संख्‍या में चिकित्‍सक, फिजियोथेरेपिस्ट, वैद्य, पशु चिकित्सक और खेल से जुड़े लोग इसका इस्‍तेमाल करते है।

चुम्बकीय चिकित्सा के लाभ

एक्यूपंचर, एक्यूप्रेशर जैसी चिकित्‍सा विभिन्न रोगों के इलाज के लिए इस्‍तेमाल की जाती है। चुम्बकों में भी रोगों के उपचार की क्षमता है। चुम्बकीय चिकित्सा के इस्‍तेमाल का इतिहास बहुत पुराना है। यूनानी लोग चुम्बक मस्तिष्‍क पर लगाकर सिरदर्द ठीक किया करते थे। मसल्स की सूजन कम करने के लिए उस पर चुम्बक रखा जाता था। आज भी चुम्बकीय चिकित्‍सा के गुणों के कारण इसका प्रयोग से जोड़ों के दर्द, अर्थराइटिस और बढ़ी हुई यूरिक एसिड का इलाज किया जाता है।

आज भी लोग चुम्बकीय चिकित्सा से इलाज के लिए चुम्बकीय पेटी, चुम्बकीय जूते, चुम्बकीय ब्रेसलेट्स और नेकलेस का प्रयोग करते हैं, जिससे अदृश्य चुम्बकीय रेखाएं परोक्ष रूप से हमारे शरीर पर पॉजिटिव प्रभाव डालकर बिना आपरेशन दर्द और बीमारियां को ठीक कर देती हैं। यूनिवर्सिटी आफ वर्जिनिया के बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर थामस एवं स्कैलक ने चूहों पर चुम्बकीय प्रयोग करके निष्कर्ष निकाले कि चोट लगने पर जो टिशु सूज जाते हैं। अगर उनपर चुम्‍बक रख दिया जायें तो सूजन को कम किया जा सकता है। अधिक शक्ति वाले चुम्बकों का प्रयोग चोट को जल्दी ठीक करने में सक्षम होता है। इस प्रकार चुम्बकीय चिकित्सा हमें स्वस्थ रखने में मदद करती है।

इस तरह से चुंबकीय चिकित्‍सा एक जीवित शरीर पर लागू होता है। यह कई हजार वर्षों से प्रयोग में लाया जाता है। एक प्रोफेशनल चुंबकीय चिकित्‍सक एकविद्युत चुंबकीय क्षेत्र में स्पंदित उपकरण का उपयोग करते हैं। जब स्थैतिक चुंबकीय क्षेत्र की तुलना इससे की जाती है तो यह प्रौद्योगिकी शायद ही बेहतर परिणाम प्रदान करती है, यह थेरेपी दर्द के निवारण के लिए प्रभावी होती है और प्राकृतिक चिकित्सा की प्रक्रिया तेज हो जाती है। यह कई सारी परिस्थितियों के उपचार के लिए उपयुक्त होती है। हालांकि, चुंबकीय चिकित्‍सा सभी परिस्थितियों के लिए सहायता नही कर सकती है।

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टिप्पणियाँ
  • surjit soin04 Jan 2012

    i believe in ayurvedic and i always use ayurvedeic. i enjoy to read these artical.

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