जानें क्‍या है ओरल कैंसर

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 06, 2013
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Quick Bites

  • मुंह में किसी भी प्रकार का कैंसर ओरल कैंसर कहलाता है।
  • होठ, जीभ, गालों के अंदर की सतह पर या मसूड़ों में गांठ।
  • ओरल कैंसर को स्क्वामस सेल कार्सिनोमा भी कहते हैं।
  • मुंह के सेल्स अनियंत्रित तरीके से बढ़कर विभाजित होते हैं।

मुंह में किसी भी प्रकार का कैंसर मुंह का कैंसर या ओरल कैंसर कहलाता है। यह कैंसर आमतौर पर होठ, जीभ, गालों के अंदर की सतह पर, कड़े तालू पर या मसूड़ों में किसी प्रकार की गांठ की तरह होता हैं। वो कैंसर जो कि मुंह के क्षेत्र में अन्दर की तरफ होता है जैसे कि कोमल तालू में या गले में होने वाले कैंसर को ओरल कैंसर नहीं माना जाता है। सामान्यत: ओरल कैंसर जिसे स्क्‍वामस सेल कार्सिनोमा भी कहते हैं इसमें सतह सेल्स की तरह बढ़ कर अनियंत्रित तरीके से विभाजित होती हैं।

 Oral Cancer

धर्मशिला हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के सर्जिकल ओनकोलॉजिस्ट डॉ. अंशुमन कुमार और डॉ. मुदित अग्रवाल के अनुसार, "ओरल कैंसर यानी मुख का कैंसर, कैंसर के कारणों में आठवां प्रमुख कारण है। इसमें मुंह तो प्रभावित होता ही है, होंठ और जुबान पर भी इसका असर पड़ता है। वैसे तो यह गाल, मुंह के तालु, मसूड़ों और मुंह के ऊपरी हिस्से में होता है और आमतौर पर इसके लक्षण पकड़ में नहीं आते।"

यह कैंसर महिलाओं की तुलना में पुरूषों में अधिक होता है। क्‍योंकि ओरल कैंसर धूम्रपान या तम्बाकू के चबाने से जुड़ा होता है। लगभग 90 प्रतिशत ओरल कैंसर के मरीज़ों में तम्बाकू का सेवन एक आम आदत के रूप में पाया गया है। इसका खतरा तम्बाकू की मात्रा और प्रयोग के समय के साथ बढ़ता जाता है। अल्कोहल का इस्तेमाल और सूरज की रोशनी में अधिक समय तक रहने से भी ओरल कैविटी के कैंसर की सम्भावना बढ़ जाती है।

वो मरीज़ जिनमें ओरल कैंसर होता है उनमें इसोफेगस और फेफड़ों के कैंसर के भी होने की सम्भावना भी रहती है। लगभग 15 प्रतिशत लोग जिनमें कि ओरल कैंसर होता है उनमें इसोफेगस और फेफड़ों का कैंसर भी पाया गया है। 10 से 40 प्रतिशत लोगों में आगे जाकर इस प्रकार का कैंसर हो जाता है या फिर दोबारा मुंह का कैंसर हो जाता है।

 

ओरल कैंसर के विकास के लिए जोखिम कारकों में शामिल हैं।

  • तंबाकू - तंबाकू चबाना ओरल कैंसर का सबसे शक्तिशाली कारण है। तम्बाकू चबाना जैसे गुटका, पान मसाला चबाना मुंह कैंसर के हर भाग के कैंसर के लिए जिम्मेदार होता है।
  • धूम्रपान - धूम्रपान, तंबाकू का अप्रत्यक्ष सेवन है, जो ओरल कैंसर के अलावा शरीर में अन्य किस्म के कैंसर के विकास के लिए जिम्मेदार है।
  • शराब का सेवन - शराब का अधिक सेवन करने वाले लोगों में न पीने वालों की तुलना में ओरल कैंसर के विकास का एक उच्च जोखिम होता है।
  • कैंसर का पारिवारिक इतिहास - कैंसर के इतिहास के साथ उन व्यक्तियों को अपने जीवन में ओरल कैंसर विकसित होने का अधिक खतरा होता है।

 


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