संगीत से सुधरेगी सेहत

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 13, 2011
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Man listen musicम्यूजिक थेरेपी आपकी सेहत के लिए अच्‍छी हो सकती है। आपको वो संगीत अच्छा लगता है जो की आपके मूड को सही लगता है और इसी के विपरीत जिस प्रकार के संगीत को आप सुनते है वह आपके मूड को उसी संगीत के हिसाब से तालमेल बैठ जाता है । यही नहीं संगीत आपको मनोवैज्ञानिक रूप से भी प्रभावित कर सकता है जैसे की यह आपके शवासन, ह्रदय की गति और रक्त के दवाब को भी प्रभावित कर सकता है। संगीत की अपनी एक भाषा होती है। यह मरीजों को उनके अकेलेपन की दुनिया से बहार ला सकता है । तंत्रिका रोग की समस्या का उपचार संगीत के माध्यम से करने को ऐसा मनोरंजन कहा जाता जो की इंसान की प्रेरक प्रतिभा को सही करने के काम आता है। संगीत मरीजों को उनके नकारात्मक अनुभव, अकेलेपन और उनके व्यग्र व्यवहार से भी निजात दिलाने में मदद करता है ।


विज्ञान के नज़रिए से संगीत तनाव, को कम कर सकता है , मूड को बढ़ा सकता है और यह स्ट्रोक से ग्रस्त मरीज और विकलांगो के लिए भी मददगार साबित हो सकता है ।
म्युसिक थेरेपी अलग अलग मरीजों के लिए अलग अलग काम करती हैं ।

 

  • संगीत विकलांगो को भी सुकून देता है ताकि वे अपने आप को सही से व्यक्त कर पाए और इनके उपचार के लिए मेलोडी, लिरिक, बीट्स और रिदम का प्रयोग किया जाता है ताकि इनका उपचार शारीरिक और मानसिक तरीके से किया जा सके ।वो लोग जो की ऑटिस्म और शाय्जोफ्रेनिया से ग्रस्त होते हैं वे लोग अपने जीवन में वापस म्युसिक थेरेपी की वजह से आ सकते हैं ।

 

  • स्ट्रोक के मरीजो के लिए और वो लोग जिनमे की तंत्रिका तंत्र के रोग होते हैं उनमे म्युसिक थेरेपी चमत्कारी काम कर सकती है । क्योंकि आपकी मॉस पेशी बीट्स के हिसाब से हिलती है तो इसलिए यह एक आरामदायक कसरत हो सकती है ।
  • डॉक्टर और शल्य चिकित्सक भी म्यूजिक थेरेपी का उपयोग करते है। म्यूजिक थेरेपी इन लोगो के मरीजों का ध्यान भंग कर देता है जिसकी वजह से दर्द से निजात मिल सकती है ।
  • ऐसा कहा गया है की “फील गुड हार्मोन” शरीर से निकाले जाते है जब भी आप संगीत सुनते हो जिसकी वजह से आपको डिप्रेशन, लंबे समय से चल रहे तनाव और उत्तेजना से आराम मिलता है ।
  • संगीत के कई फायदे रहते हैं । एक बच्चा संगीत के स्रोत की तरफ देखता है जब भी वो इसे सुनता है ।इसका मतलब यह होता है की सिर्फ एक ही नहीं  बल्कि दो संवेदक अंग काम कर रहे होते हैं ।साथ ही यह भी साबित हो गया है की दिमाग के दोनों गोलार्ध संगीत को पहचान सकते हैं ।
  • संगीत में रूचि ले सकते हैं और यह दिमाग को चीजो में अंतर करना बताता है ।बच्चों को शांत करने के लिए लोरियाँ सुनाई जाती हैं ।हमारे शरीर संगीत के प्रति  ली से ली मिलाते है और उसी के प्रति उत्तर में शारीरिक बदलाव लाते है । संगीत उपचार भी कर सकता है क्योंकि यह सीधे हमारी भावनाओं से जुड़ा हुआ रहता है ।
  • संगीत हमारी याददाश्त में आसानी से भर जाता है और इसी की वजह से यह हमारे याद रखने की शक्ति को ही बढ़ा सकता है । शुरूआती ज्ञान दोहों को गा कर फैलाया जाता था जैसा की हमने भक्ति परम्परा में देखा गया है

 

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