मलेरिया के इलाज के घरेलू नुस्‍खे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 14, 2017
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • मलेरिया एक वाहक-जनित संक्रामक रोग है।
  • मलेरिया में रोगी का लीवर बढ़ जाता है।
  • प्राकृतिक रूप से करें मलेरिया का इलाज।
  • अदरक और तुलसी से करें मलेरिया का इलाज।

मलेरिया एक वाहक-जनित संक्रामक रोग है, जो प्रोटोजोआ परजीवी द्वारा फैलता है। मलेरिया के परजीवी का वाहक मादा एनोफि‍लेज मच्छर है। इसके काटने पर मलेरिया के परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं में प्रवेश करके बढ़ने लगते हैं। इससे एनीमिया के लक्षण उभरने लगते हैं। इसके लक्षणों में चक्कर आना, सांस फूलना इत्यादि शामिल है। इसके अलावा, बुखार, सर्दी, उबकाई, और जुखाम आदि जैसे लक्षण भी परेशान करने लगते हैं। गंभीर मामलों में मरीज को बेहोशी भी आ सकती है। मलेरिया सबसे प्रचलित संक्रामक रोगों में से एक है तथा भंयकर जन स्वास्थ्य समस्या है।

 

malaria in hindi

 

मलेरिया में बुखार होने पर रोगी को बहुत ठंड लगती है। इस बुखार में रोगी के शरीर का ताममान 101 से 105 डिग्री फॉरेनहाइट तक बना रहता है। साथ ही मलेरिया में रोगी का लीवर बढ़ जाता है।
 
हालांकि, मलेरिया से बचने के लिए कुछ घरेलू उपाय कारगर हो सकते हैं। किसी भी घरेलू इलाज का सबसे बड़ा फायदा इसका हानिरहित प्रभाव होता है। अब बहुत से डॉक्टर भी मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों के लिए भी एंटीबायोटिक के अलावा प्राकृतिक उपचार लेने की सलाह देने लगे हैं। लेकिन, तमाम चिकित्‍सीय प्रगति के बावजूद अभी तक हम मलेरिया को जड़ से खत्‍म करने में हम कामयाब नहीं हो पाये हैं। ऐसे में मलेरिया का इलाज कुछ घरेलू नुस्खों से किया जा सकता है। आइए जानें प्राकृतिक रूप से मलेरिया का इलाज कैसे किया जा सकता है।

 

प्राकृतिक रूप से मलेरिया का इलाज

 

तुलसी

भारतीय संस्‍कृति में तुलसी को विशेष स्‍थान दिया जाता है। इसे पूजनीय भी माना जाता है। कई बीमारियों के इलाज में तुलसी का उपयोग किया जाता है। यदि आपके आंगन में या आसपास पेड़-पौधे लगाने की जगह है तो तुलसी का पौधा जरूर लगाएं। मलेरिया के उपचार के लिए 10 ग्राम तुलसी के पत्ते और 7-8 मिर्च को पानी में पीसकर सुबह और शा‍म लेने से बुखार ठीक हो जाता है। इसमें आप शहद भी मिला सकते हैं। अनेक गुणों के साथ ही तुलसी मच्छरों को भगाने में भी मददगार साबित होती है।

fever in malaria

अदरक

अदरक का सेवन भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ मलेरिया के इलाज के लिए भी काफी लाभदायक होता है। थोड़ी सी अदरक लेकर उसमें 2-3 चम्‍मच किशमिश डालकर पानी के साथ उबालें। जब तक पानी आधा नहीं रह जाता इसे उबालते रहें। थोड़ा ठंडा होने पर इसे दिन में दो बार लें। इससे मलेरिया का बुखार कम करने में बहुत मदद मिलती है। इसके अलावा, मलेरिया होने पर हरसिंगार के पत्ते का सेवन अदरक के रस के साथ शक्कर मिलाकर किया जाये तो मलेरिया में लाभ होता है।

नीम

नीम का पेड़ मलेरिया-रोधी के रूप में प्रसिद्ध है। यह वायरस रोधी पेड़ है। मलेरिया मुख्यत: मच्छरों के काटने से होता है। सर्दी, कंपकपाहट, तेज बुखार, बेहोशी, बुखार उतरने पर पसीना छूटना, इसके प्रमुख लक्षण हैं। इस रोग में नीम के तने की छाल का काढ़ा दिन में तीन बार पिलाने से लाभ होता है। इससे बुखार में आराम मिलता है। थोड़े से नीम के हरे पत्ते और चार काली मिर्च एक साथ पीस लें। फिर इसे थोड़े से पानी में मिलाकर उबाल लें। इस पानी को छानकर पीने से लाभ होता है। इसके अलावा नीम तेल में नारियल या सरसों का तेल मिलाकर शरीर पर मालिश करने से भी मच्छरों के कारण उत्पन्न मलेरिया का बुखार उतर जाता है।

 

गिलोय

गिलोय ऐसी आयुर्वेदिक बेल है, जिसमें सभी प्रकार के बुखार विशेषकर मलेरिया रोगों से लड़ने के गुण होते हैं। गिलोय के काढ़े या रस में शहद मिलाकर 40 से 70 मिलीलीटर की मात्रा में नियमित सेवन करने से मलेरिया में लाभ होता है। इस प्रकार के बुखार के लिए लगभग 40 ग्राम गिलोय को कुचलकर मिट्टी के बर्तन में पानी मिलाकर रात भर ढक कर रख दें। सुबह इसे मसल कर छानकर रोगी को अस्सी ग्राम मात्रा दिन में तीन बार पीने से बुखार दूर हो जाता है।

 

giloy in hindi

अमरुद

अमरुद का सेवन मलेरिया में लाभप्रद होता है। यदि किसी को मलेरिया हो जाए तो उसे रोज दिन में तीन बार उसे अमरूद अवश्य खिलाएं। बहुत प्रभावी रहेगा। अमरूद के मुकाबले इसके छिलके में विटामिन ‘सी’ बहुत अधिक होता है। इसलिए अमरूद को छिलका हटाकर कभी न खाएं।

मलेरिया के इलाज के लिए ताजा फल और ताजा के फलों का जूस देना बहुत फायदेमंद रहता है। साथ ही तरल पदार्थों को कुछ-कुछ समय के अंतराल में लेते रहना चाहिए। खासकर नींबू पानी। इसके अलावा, इसके इलाज में हल्का व्यायाम और टहलना भी अच्छा रहता है। लेकिन, याद रखें ये सब कुदरती उपाय चिकित्‍सीय परामर्श का विकल्‍प नहीं हैं। आपको चाहिये कि जरूरी दवाओं का सेवन अवश्‍य करते रहें।


Read More Articles on Home Remedies in Hindi

Image Courtesy : Getty Images  

    





   

 
 

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES17 Votes 18466 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर