गर्भपात के बाद गर्भवती

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 04, 2011
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Quick Bites

  • गर्भपात के फिर से गर्भवती होने पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
  • गर्भधारण के छह महीने बाद ही महिलाएं गर्भधारण कर सकती हैं।
  • दोबारा से गर्भवती होने पर अपनी दिनचर्या डॉक्टर की सलाह से व्यतीत करें।
  • गर्भावस्था के दौरान तनावमुक्त रहें व खुश रहें।

Prenant womanजब गर्भवती स्त्रियों में किसी तनाव या शारीरिक समस्या के कारण भ्रूण की क्षति होती है, तो यह स्थिति ही गर्भपात है। इस अवस्था में संतान तो जीवित नहीं रहती साथ ही गर्भपात होने पर महिला की जान को जोखिम भी रहता है। यदि किसी कारण से एक बार गर्भपात हो जाए तो बार-बार गर्भपात होने का भय रहता है। ऐसे खतरों से बचने के‍ लिए गर्भवती महिला को गर्भपात के लक्षण प्रकट होने पर तुरंत ही उपचार करा लेना चाहिए। गर्भपात के दौरान महिला के कमर तथा पेट में तेज दर्द होता है। इन लक्षणों के साथ ही कुछ जटिल लक्षण भी प्रदर्शित हो सकते हैं।

 

  • डॉक्टर्स की मानें तो हर पाँच में से लगभग एक गर्भावस्था में 24 हफ़्तों से पहले ही गर्भपात होने की आशंका होती है और ये ख़तरा उम्र के साथ-साथ धीरे-धीरे बढ़ता जाता है और गर्भपात की संभावनाएं भी। अधिक उम्र में गर्भवस्था के सफल होने की उम्मी़दें घटती जाती है क्योंकि आमतौर पर कहा जाता है कि समय के साथ महिलाओं में प्रजनन की क्षमता कम होती जाती है। लेकिन यह जरूरी नहीं कि हर किसी के साथ ऐसा ही हो। इसके लिए परिस्थितियां, खान-पान व अन्य चीजें भी निर्भर करती हैं।
  • कई शोधों के मुताबिक गर्भपात होने के छह महीने के अंदर दोबारा गर्भ धारण करने से गर्भावस्था में सुरक्षित रहने की संभावनाएं बढ़ जाती है। डॉक्टर्स की मानें तो उस समय गर्भधारण नहीं करना चाहिए जबकि महिला को कोई रोग हो या फिर डॉक्ट़र ने मना किया हो । इतना ही नहीं गर्भपात के बाद दोबारा गर्भवती होने में छह महीने से अधिक अंतराल सही नहीं माना जाता।

 

 

गर्भपात होने के कारण


  • महिला के शरीर हार्मोंस की गड़बड़ी
  • गिरने या चोट लगने से
  • किसी तरह के तनाव या सदमे से
  • कोई भयंकर रोग होने के कारण
  • असुरक्षित सेक्स करने के कारण
  • इन्फेक्शन होना या दवाओं और खान-पान का ठीक से ध्यान रखने के कारण
  • गर्भाशय की कमजोरी के कारण
  • गर्भावस्था में कसे हुए कपड़े पहनने से
  • जरूरत से ज्यादा भार उठाने या अधिक मेहनत करने से
  • बहुत ज्यादा ट्रैवल करने से या फिर अधिक व्यायाम करने से
  • अधिक उम्र होने के कारण
  • सही समय पर चिकित्सा न देने के कारण


ये तमाम ऐसे कारण है जिनसे गर्भपात का खतरा बना रहता है। लेकिन थोड़ी सी सावधानी महिलाओं को गर्भपात से बचा सकती है।

 

गर्भपात होने के बाद सावधानी

 

  • गर्भपात के लक्षण दिखाई देने या फिर उसके अहसास होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
  • पहली बार गर्भपात के बाद गर्भावस्था में बहुत सावधानी रखने की आवश्यकता होती है। ऐसे में लगातार डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए।
  • गर्भपात के दोबारा होने पर गर्भावस्था के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए डॉक्टर्स के आदेशानुसार दवाईयों का सेवन करना चाहिए।
  • गर्भावस्था के दौरान तनावमुक्त रहकर सकारात्मक सोच रखनी चाहिए।

 

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