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World Stroke Day: स्ट्रोक क्या है? जानें इसके लक्षण और बचाव का तरीका

World Stroke Day 2022: हार्ट, कैंसर के बाद भारत में सबसे ज्यादा मौतें स्ट्रोक के कारण होती है।

Ashu Kumar Das
Written by: Ashu Kumar DasUpdated at: Oct 29, 2022 14:07 IST
World Stroke Day: स्ट्रोक क्या है? जानें इसके लक्षण और बचाव का तरीका

World Stroke Day 2022: स्ट्रोक (Brain Stroke) भारत में मौत के प्रमुख कारणों में से एक बन गया है। यह एक खतरनाक बीमारी है, जिसके लिए तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता होती है। इसलिए इस भयंकर बीमारी के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए हर साल 29 अक्टूबर को वर्ल्ड स्ट्रोक डे मनाया जाता है। वर्ल्ड स्ट्रोक डे को हिंदी में विश्व स्ट्रोक दिवस (World Stroke Day 2022) भी कहा जाता है।

कैंसर, हार्ट फेट के बाद भारत में सबसे ज्यादा मौत स्ट्रोक के कारण होती है। स्ट्रोक एक खतरनाक बीमारी है, जिसके लिए तत्काल डॉक्टरी सलाह और इलाज की जरूरत होती है। इस भयंकर बीमारी के बारे में दुनियाभर के लोगों को बताने और जागरुकता फैलाने के लिए हर साल 29 अक्टूबर को विश्व स्ट्रोक दिवस (World Stroke Day 2022) मनाया जाता है। एक आंकड़े के मुताबिक भारत में हर साल 18 लाख से ज्यादा स्ट्रोक के मामले सामने आते हैं। इनमें से लगभग 15 प्रतिशत मामले 30 और 40 वर्ष से ऊपर के लोगों को प्रभावित करते हैं। मैक्स अस्पताल गुरुग्राम के न्यूरोलॉजी विभाग की सलाहकार डॉ. साहिल कोहली के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति में स्ट्रोक के वॉर्निंग साइन की पहचान कर ली जाए तो समय रहते उसकी जान बचाई जा सकती है। आइए वर्ल्ड स्ट्रोक डे के मौके पर आपको बताते हैं कि आखिर इस बीमारी वॉर्निंग साइन और लक्षण क्या हैं?

World Stroke Day 2022

स्ट्रोक क्या है? - What is stroke?

मैक्स अस्पताल गुरुग्राम के न्यूरोलॉजी विभाग की सलाहकार डॉ. साहिल कोहली के मुताबिक स्ट्रोक को संक्षिप्त भाषा में'FAST' कहा जाता है।

F यानी की फेस ड्रूपिंग- यदि किसी व्यक्ति के चेहरे पर हंसने के दौरान चेहरा सुन्न पड़ा जाता है तो ये स्ट्रोक का एक लक्षण है।

A यानी की आर्म वीकनेस- किसी व्यक्ति से दोनों हाथ को उठाने के लिए कहें और अगर आपको हाथ कमजोर या सुन्न लग रहे हैं तो ये स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं।

S यानी स्पीच डिफिकल्टी- यदि किसी व्यक्ति को बोलने में दिक्कत या परेशानी हो रही है। शब्दों का उच्चारण करने में कोई दिक्कत हो रही है तो ये भी स्ट्रोक का एक लक्षण माना जाता है।

T यानी की टाइम टू कॉल - यदि किसी व्यक्ति में ऊपर दिए गए किसी तरह के लक्षण नजर आते हां, तो उससे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉ. साहिल कोहली का कहना है कि किसी भी व्यक्ति में स्ट्रोक का एक भी लक्षण नजर आता है, तो उसे 4 से 4.5 घंटे के भीतर इलाज की जरूरत होती है। अगर रोगी को वक्त रहते इलाज नहीं मिलता है तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं।

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स्ट्रोक न हो इसके लिए क्या करें? - What to do to avoid stroke?

डॉक्टर का कहना है कि लाइफस्टाइल में बदलाव करके स्ट्रोक के 80% से ज्यादा मामलों को रोका जा सकता है। स्ट्रोक जैसी बीमारी से बचने के लिए आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रथना चाहिए।

1. रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रण में रखें, 40 वर्ष से अधिक उम्र के किसी भी व्यक्ति को समय-समय रक्तचाप और मधुमेह की जांच करवानी चाहिए।

2. धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।

3.  स्ट्रोक वाले लोगों को न्यूरोलॉजिस्ट परामर्श के बिना दवा को छोड़ना या बंद नहीं करना चाहिए।

4. शारीरिक रूप से सक्रिय रहना और वजन पर नियंत्रण रखना। सप्ताह में पांच दिन 30 मिनट का मध्यम व्यायाम जैसे पैदल चलना, साइकिल चलाना, एरोबिक्स और योग करना स्ट्रोक की संभावना को कम कर सकता है।

What to do to avoid stroke

ऐसे कर सकते हैं स्ट्रोक को कंट्रोल?

हेल्दी रहने के लिए हेल्दी डाइट को अपने लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं क्योंकि अगर खराब खान-पान होगा तो स्ट्रोक होने का खतरा भी बना रहेगा।

उच्च सोडियम वाला आहार रक्तचाप बढ़ा सकता है, एक दिन में लगभग आधा चम्मच नमक का सेवन कम करें।

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उच्च कैलोरी आहार से बर्गर, पनीर, आइसक्रीम जैसी चीजों को अपनी डेली डाइट में लेने से बचना चाहिए।

फलों और सब्जियों के 5 या अधिक सर्विंग वाले आहार से स्ट्रोक का खतरा कम हो सकता है।

 

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