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साइलेंट हार्ट अटैक के मामले क्‍यों बढ़ रहे हैं? डॉक्‍टर से जानें ऐसे 5 अहम सवालों के जवाब

हाल ही में साइलेंट हार्ट के कई मामले देखने को म‍िले। आख‍िर क्‍यों ऐसे मामले बढ़ते जा रहे हैं। जानते हैं कारण।

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Dec 05, 2022 13:31 IST
साइलेंट हार्ट अटैक के मामले क्‍यों बढ़ रहे हैं? डॉक्‍टर से जानें ऐसे 5 अहम सवालों के जवाब

साइलेंट हार्ट अटैक के बढ़ते मामले च‍िंता का व‍िषय बन चुके हैं। हाल ही में बरेली शहर में एक 23 वर्षीय अध्‍यापक की मौत, सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान हो गई। कटनी शहर में भी ऐसा मामला सामने आया। सीसीटीवी फूटेज में एक हादसा कैद हुआ ज‍िसमें एक आदमी की मौत मंद‍िर में पूजा के दौरान हुई। वाराणसी में हुए एक हादसे की बात करें, तो शादी के दौरान नाचते हुए 40 वर्षीय व्‍यक्‍त‍ि की मौत हो गई। यूपी के ही एक और शहर मेरठ में एक आदमी अपने दोस्‍तों के साथ घर लौट रहा था और चलते समय उसकी मौत हार्ट से हो गई। इन सभी मामलों में एक चीज कॉमन है वो है अचानक से हार्ट अटैक आना। हार्ट अटैक से पहले कई लक्षण नजर आते हैं लेक‍िन साइलेंट हार्ट अटैक की स्‍थ‍ित‍ि डरावनी है क्‍योंक‍ि व्‍यक्‍त‍ि को अचानक से अटैक आता है और उसकी मौत हो जाती है। आख‍िर साइलेंट हार्ट अटैक के मामले क्‍यों बढ़ रहे हैं इसका जवाब जानना जरूरी है। इस लेख में हम हार्ट अटैक से जुड़े 5 अहम सवालों पर डॉक्‍टर की राय लेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के पल्‍स हॉर्ट सेंटर के कॉर्ड‍ियोलॉज‍िस्‍ट डॉ अभ‍िषेक शुक्‍ला से बात की।

silent heart attack

1. सवाल: क्‍यों बढ़ रहे हैं साइलेंट हार्ट अटैक के मामले?

जवाब: लोग सेहत को लेकर लापरवाह हो गए हैं। कोव‍िड के केस कम हो जाने पर लोगों ने मास्‍क लगाना छोड़ द‍िया है। ये उदाहरण इस बात का गवाह है क‍ि लोग सेहत को हल्‍के में लेते हैं। कसरत न करना, बाहर का खाना ज्‍यादा खाना, धूम्रपान या नशीली चीजों का सेवन करना आद‍ि आदतों के कारण साइलेंट हार्ट अटैक आ सकता है। वहीं जो लोग अच्‍छी जीवनशैली जीते हैं, उन्‍हें समय-समय पर रूटीन जांच करवाती रहनी चाह‍िए ताक‍ि बीमार‍ियों का पता लगाया जा सके।  

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2. सवाल: क‍िन लोगों को ज्‍यादा होता है साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा?  

जवाब: डायब‍िटीज, मोटापा, हाई बीपी, हाई कोलेस्‍ट्रॉल, हार्ट से जुड़ी बीमारी आद‍ि होने पर व्‍यक्‍त‍ि को साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा ज्‍यादा होता है। अनुवांश‍िक कारणों से भी साइलेंट हार्ट अटैक आ सकता है।    

3. सवाल: साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण क्‍या हैं?

जवाब: साइलेंट हार्ट अटैक आने पर चेस्‍ट के बीच में अड़चन या दर्द, शरीर में प्रेशर महसूस होना आद‍ि साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण हैं। अगर आपको लग रहा है क‍ि बि‍ना ज्‍यादा चले ही हार्ट रेट तेज हो गया है, तो समझ जाएं क‍ि ये हार्ट अटैक का लक्षण है। साइलेंट हार्ट अटैक आने पर आपको अचानक पसीना, उल्‍टी, जी म‍िचलाने जैसे लक्षण नजर आते हैं। सांस लेने में भी समस्‍या होने लगती है। 

4. सवाल: साइलेंट हार्ट अटैक आने पर क्‍या करना चाह‍िए?

जवाब: साइलेंट हार्ट अटैक आने पर सबसे पहले व्‍यक्‍त‍ि को न‍िकट में मौजूद च‍िक‍ित्‍सा केंद्र लेकर जाएं। डॉक्‍टर चेकअप के बाद बता पाएंगे क‍ि व्‍यक्‍त‍ि को हार्ट अटैक आया है या नहीं। साइलेंट हार्ट अटैक में डॉक्‍टर एलेक्ट्रोकार्डियोग्राम और इकोकार्डियोग्राम जैसी जांच करते हैं। मरीज का इलाज एंजियोप्लास्टी, हार्ट ट्रांसप्लांट या बाईपास सर्जरी से क‍िया जाता है।

5. सवाल: क्‍या साइलेंट हार्ट अटैक के बाद व्‍यक्‍त‍ि की मौत हो जाती है?

जवाब: नहीं ऐसा नहीं है। हालांक‍ि साइलेंट हार्ट अटैक के कारण मौत होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। लेक‍िन व्‍यक्‍त‍ि को समय पर मेड‍िकल सहायता म‍िल जाए, तो उसे बचाया जा सकता है। हार्ट में रक्‍त के प्रवाह को पूरी तरह से बंद होने में डॉकरीब 12 से 15 म‍िनटों का समय लगता है। लेक‍िन करीब 20 म‍िनट बाद नुकसान को रोक पाना नामुमक‍िन हो जाता है। अगर अटैक आने के छंद म‍िनटों में इलाज म‍िल जाए, तो व्‍यक्‍त‍ि की जान बच सकती है।

साइलेंट हार्ट अटैक से बचने के ल‍िए धूम्रपान से बचें। रोजाना कसरत करें। बीपी और कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर कंट्रोल में रखें।     

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