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इंसुलिन की कमी से डायबिटीज के मरीज हो सकते हैं डायबिटिक कीटोएसिडोसिस के शिकार, जानें इसके बारे में

What Is Diabetic Ketoacidosis: डायबिटिक कीटोएसिडोसिस एक गंभीर और जानलेवा कंडीशन है, जानें इसके बारे में। 

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghUpdated at: Dec 06, 2022 14:41 IST
इंसुलिन की कमी से डायबिटीज के मरीज हो सकते हैं डायबिटिक कीटोएसिडोसिस के शिकार, जानें इसके बारे में

What Is Diabetic Ketoacidosis: डायबिटीज खानपान और जीवनशैली की वजह से होने वाली एक गंभीर समस्या है। डायबिटीज में खानपान का सही ध्यान न रखने से मरीज की परेशानी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। इसकी वजह से मरीज की जान भी जा सकती है। डायबिटीज की समस्या में शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ती है। इस स्थिति में एक ऐसा स्टेज भी आता है जब मरीज के शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है, इस स्थिति को डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (Diabetic Ketoacidosis) कहते हैं। इस कंडीशन को बहुत जानलेवा माना जाता है। मरीज के शरीर में इंसुलिन प्रोडक्शन कम होने से इस समस्या का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। 

डायबिटिक कीटोएसिडोसिस क्या है?-  What Is Diabetic Ketoacidosis in Hindi 

डायबिटीज के मरीजों में जब शरीर में इंसुलिन का निर्माण कम होने लगता है और इसकी वजह से शरीर में हानिकारक कीटोन्स जमा होने लगते हैं, तब डायबिटिक कीटोएसिडोसिस का खतरा शुरू होता है। इस समस्या में सही समय पर इलाज न लेने से मरीज की जान भी जा सकती है। मेडिकल साइंस में इस स्थिति को इमरजेंसी माना जाता है और मरीज को तत्काल उपचार की सलाह दी जाती है। बाबू ईश्वर शरण हॉस्पिटल के सीनियर फिजिशियन डॉ. समीर कहते हैं कि यह स्थिति सबसे पहले टाइप 1 डायबिटीज वाले लोगों में विकसित होती है। बाद में डायबिटिक कीटोएसिडोसिस की समस्या टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों में भी हो सकती है। 

 What Is Diabetic Ketoacidosis in Hindi

डायबिटिक कीटोएसिडोसिस के कारण- What Causes Diabetic Ketoacidosis in Hindi

डायबिटिक कीटोएसिडोसिस की समस्या मुख्य रूप से टाइप 1 डायबिटीज के मरीजों में देखने को मिलती है। शरीर में कीटोन्स नमक एसिड के बहुत ज्यादा बनने की वजह से ये हानिकारक एसिड खून और पेशाब में फैल जाते हैं। इसकी वजह से मरीज को डायबिटिक कीटोएसिडोसिस की समस्या का खतरा रहता है। जिन लोगों का ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण में नहीं रहता है, उन्हें डायबिटिक कीटोएसिडोसिस का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। डायबिटिक कीटोएसिडोसिस के मुख्य कारण इस तरह से हैं-

  • ब्लड शुगर बहुत ज्यादा होना
  • पुरानी चोट और सर्जरी के कारण
  • टाइप 1 डायबिटीज में इंसुलिन न लेने के कारण
  • दिल का दौरा या स्ट्रोक
  • प्रेगनेंसी के कारण
  • शराब और नशीली दवाओं का सेवन

डायबिटिक कीटोएसिडोसिस के लक्षण- Diabetic Ketoacidosis Symptoms

डायबिटिक कीटोएसिडोसिस की समस्या में दिखने वाले लक्षण आमतौर पर डायबिटीज के लक्षण जैसे ही होते हैं। इस समस्या में मरीज को कई गंभीर परेशानियां भी हो सकती हैं। डायबिटिक कीटोएसिडोसिस के प्रमुख लक्षण इस तरह से हैं-

  • थकान और मुंह सूखना
  • लगातार पेशाब आना
  • पेशाब में कीटोन्स का लेवल बढ़ना
  • स्किन का रूखा होना
  • उल्टी, मतली और पेट में दर्द 

डायबिटिक कीटोएसिडोसिस का इलाज- Diabetic Ketoacidosis Treatment in Hindi

डायबिटिक कीटोएसिडोसिस की समस्या में मरीज का इलाज करने से पहले डॉक्टर ब्लड और यूरिन टेस्ट करते हैं। इस टेस्ट के बाद मरीज को इलाज दिया जाता है। आमतौर पर दवाओं के साथ मरीज को तरल पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है और इंसुलिन भी दिया जाता है। डायबिटिक कीटोएसिडोसिस में मरीज की स्थिति के हिसाब से डॉक्टर इलाज करते हैं।

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डायबिटिक कीटोएसिडोसिस की समस्या एक गंभीर और जानलेवा समस्या मानी जाती है। इस समस्या से बचने के लिए डॉक्टर मरीज को समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच की सलाह देते हैं और इसके बाद खानपान और जीवनशैली से जुड़ी सावधानियों का ध्यान रखने की सलाह देते हैं। अगर आपको भी डायबिटिक कीटोएसिडोसिस के लक्षण दिखाई देते हैं तो सबसे पहले डॉक्टर की सलाह लेकर जांच कराएं और समय पर इलाज लें।

(Image Courtesy: Freepik.com)

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