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एवस्कुलर नेक्रोसिस: बीमारी जिसमें खून की सप्लाई बंद होने से हड्डियों के टिशूज मरने लगते हैं, जानें इसके लक्षण

कूल्हे के आसपास तेज दर्द होना एवस्कुलर नेक्रोसिस की ओर इशारा कर सकता है। आइए डॉक्टर से जानते हैं इस समस्या के बारे में विस्तार से -

 

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Apr 07, 2022Updated at: Apr 07, 2022
एवस्कुलर नेक्रोसिस: बीमारी जिसमें खून की सप्लाई बंद होने से हड्डियों के टिशूज मरने लगते हैं, जानें इसके लक्षण

हिप्स या कमर के पास दर्द होना, अक्सर हम नजरअंदाज कर देते हैं। खासतौर पर महिलाएं हिप्स और कमर दर्द होने पर यह सोचकर इग्नोर कर देती हैं कि यह थकावट की वजह से हो रही है या फिर कोई छोटी-मोटी समस्या है, लेकिन कभी-कभी यह परिस्थिति काफी गंभीर हो सकती है। कमर के आसपास दर्द होने का कारण एवस्कुलर नेक्रोसिस जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है। वस्कुलर नेक्रोसिस (Avascular necrosis in Hindi) एक ऐसी बीमारी या स्थिति है, जिसमें हड्डियों में अस्थायी या स्थायी रूप से ब्लड का सप्लाई रूक जाता है या फिर कम होने लगता है। जिसकी वजह से हड्डियों के टिश्यूज धीरे-धीरे मरने लगते हैं। हालांकि, जरूरी नहीं है कि एवस्कुलर नेक्रोसिस कमर के आसपास की हड्डियों को ही प्रभावित करे। यह कुल्हों के साथ-साथ घुटनों, कंधों, टखनों इत्यादि को भी प्रभावित कर सकता है। इस विषय की जानकारी के लिए हमने नोएडा स्थित मानस हॉस्पिटल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सचिन भामू से बातचीत की। आइए डॉक्टर से जानते हैं इस विषय के बारे में- 

एवस्कुलर नेक्रोसिस क्या है? (What is Avascular necrosis in Hindi)

एवस्कुलर नेक्रोसिस एक ऐसी बीमारी है, जिसमें हड्डियों में ब्लड सप्लाई रूकने की वजह से हड्डियों के टिश्यूज मरने लगते हैं। इस बीमारी को ऑस्टियोनेक्रोसिस (osteonecrosis,) भी कहा जाता है। इसमें हड्डियां धीरे-धीरे नष्ट होने लगती हैं। 

अधिकतर मामलों में एवस्कुलर नेक्रोसिस की बीमारी स्टेरॉयड दवाओं का अधिक सेवन करने की वजह से हो सकती है। इसके अलावा अत्यधिक शराब का सेवन करने वालों को भी यह बीमारी हो सकती है। 30 से 50 वर्ष की आयु के लोगों को यह बीमारी हो सकती है।

एवस्कुलर नेक्रोसिस के कारण (Avascular necrosis Causes in Hindi)

एवस्कुलर नेक्रोसिस तब होता है, जब हड्डियों में ब्लड सर्कुलेशन बाधित या फिर कम हो जाता है। साधारण शब्दों में हड्डियों में रक्त की आपूर्ति कम होने के कारण यह समस्या हो सकती है। 

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ज्वाइंट या बोन ट्रॉमा (Joint or bone trauma) - ज्वाइंट पर किसी तरह का चोट या फिर अव्यवस्थित ज्वाइंट की वजह से हड्डियों के आसपास की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है, जिसकी वजह से यह बीमारी हो सकती है। खासतौर पर कैंसर के इलाज के दौरान अधिक रेडिएशन के प्रयोग की वजह से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। साथ ही रेडिएशन के कारण ब्लड वेसेल्स को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए अधिकतर मामलों में कैंसर का इलाज के बाद मरीजों में इस तरह की परेशानी देखी गई है। 

ब्लड वेसेल्स में फैट जमा होना - ब्लड वेसेल्स में वसा (लिपिड) जमा होने की वजह से हड्डियों में ब्लड सप्लाई रूक सकता है। जिसकी वजह से हड्डियों को भरपूर पोषण नहीं मिलता है। साथ ही इससे रक्त प्रवाह में कमी आती है। इस कारण से व्यक्ति को एवस्कुलर नेक्रोसिस की परेशानी हो सकती है। 

कुछ अन्य बीमारी - सिकल सेल एनीमिया और गौचर रोग जैसी मेडिकल स्थितियों की वजह से हड्डियों में ब्लड सप्लाई रूक जाता है, जिसकी वजह से व्यक्ति को एवस्कुलर नेक्रोसिस होने की संभावना बढ़ जाती है। 

एवस्कुलर नेक्रोसिस के लक्षण (Avascular necrosis Symptoms in Hindi)

प्रारंभिक अवस्था में एवस्कुलर नेक्रोसिस के लक्षण नजर नहीं आते हैं। हालांकि, कुछ-कुछ स्थितियों में आपको कुल्हे के आसपास दर्द जैसा महसूस होता है। साथ ही मूवमेंट करने में परेशानी आ सकती है। लेकिन गंभीर स्थिति में इस परेशानी से जूझ रहे व्यक्ति को काफी तेज दर्द का सामना करना पड़ता है। 

इस परेशानी से प्रभावित व्यक्ति को हिप्स के आसपास काफी ज्यादा तेज और असहनीय दर्द होता है, जिसकी वजह से बिस्तर से उठना भी मुश्किल हो सकता है। इसलिए कभी भी हिप्स के आसपास हल्का सा भी दर्द महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। इसके साथ ही कुछ अन्य लक्षण दिख सकते हैं जैसे-

  • ज्वाइंट्स में दर्द होना। 
  • दर्द की वजह से चलने और बैठने में परेशानी होना। 
  • दर्द बढ़ने पर हड्डियां टूटने जैसा महसूस होना इत्यादि।

एवस्कुलर नेक्रोसिस के बचाव  (Avascular necrosis Prevention in Hindi

एवस्कुलर नेक्रोसिस के जोखिम को कम करने अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इसके साथ-साथ कुछ बचाव के टिप्स फॉलो करें। जैसे-

शराब का सेवन करें सीमित - शराब का अधिक सेवन करने की वजह से एवस्कुलर नेक्रोसिस होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में अधिक मात्रा में शराब के सेवन से बचें।

कोलेस्ट्रॉल का स्तर रखें कंट्रोल - ब्लड वेसेल्स में वसा छोटे-छोटे टुकड़े में एकत्रित होने लगते हैं, जिसकी वजह से हड्डियों में ब्लड का सप्लाई कम हो सकता है। इसलिए अपने शरीर के कोलेस्ट्रॉल स्तर को संतुलित रखें। 

स्टेरॉयड का उपयोग करें कम-  किसी भी दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सुनिश्चित करें कि आप पहले और वर्तमान समय में कितना स्टेरॉयड ले चुके हैं। वहीं, डॉक्टर को इस बात की जानकारी जरूर लें। दरअसल, स्टेरॉयड का अधिक सेवन करने से हड्डियों को नुकसान पहुंचता है, जिसकी वजह से Avascular necrosis जैसी बीमारी हो सकती है। 

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धूम्रपान के सेवन से दूरी बनाकर रखें। धूम्रपान का अधिक सेवन करने से Avascular necrosis होने का जोखिम बढ़ता है। 

एवस्कुलर नेक्रोसिस एक गंभीर स्थिति है। ऐसे में कूल्हों या फिर ज्वाइंट के आसपास दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। ताकि इस गंभीर स्थिति का समय पर इलाज किया जा सके।

 

 

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