गाउट क्‍या है

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 05, 2013

गाउट को गठिया या अर्थराइटिस भी कहते हैं। जब खून और ऊतकों में यूरिक एसिड की मात्रा बहुत बढ़ जाती है, तब गठिया रोग होता है।
गाउट में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जोड़ों में जमा हो जाते हैं, जो एक प्रकार के अर्थराइटिस को जन्म देते हैं जिसे गाउटी अर्थराइटिस कहा जाता है। यह गुर्दों में भी जमा हो जाते हैं जिससे गुर्दे की पथरी होती है।

 

[इसे भी पढ़ें : गाउट का निदान]

 

यूरिक एसिड के बढ़ने के मुख्‍य कारण हो सकते हैं -

  • प्‍यूरिंस एक प्रकार का रसायन है, यही रसायन यूरिक एसिड को बढ़ता है। खाद्य-पदार्थों के कारण शरीर में इस रसायन की मात्रा बढ़ती है। अंडे और नट्स जैसे खाद्य-पदार्थों में प्‍यूरिंस रसायन पाया जाता है।
  • शरीर के द्वारा यूरिक एसिड का प्रोडक्‍शन ज्‍यादा मात्रा में होता है। यह बिना किसी कारण के कभी भी हो सकता है। यूरिक एसिड का ज्‍यादा निर्माण आनुवांशिक समस्‍या, मेटाबॉलिज्‍म, लयूकीमिया और कैंसर के लिए की गयी कीमोथेरेपी के कारण भी हो सकता है।

 

[इसे भी पढ़ें : गाउट की चिकित्‍सा]

 

  • यह गुर्दे की बीमारी के कारण हो सकता है, भुखमरी , शराब पीने से भी हो सकता है। जो लोग लो ब्‍लड प्रेशर की दवा लेते हैं उनको भी यह समस्‍या हो सकती है।
  • मोटापा या अचानक वजन बढने से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है क्योंकि शरीर के ऊतक ऐसी स्थिति में प्‍यूरिंस को ज्यादा तोड़ते हैं।
  • जिनके घर में पहले भी यह बीमारी हुई हो उनमें इस रोग के होने की ज्‍यादा संभावना होती है।

 

लगभग 90 प्रतिशत गठिया के मरीज 40 साल की उम्र से ज्‍यादा के होते हैं। पुरुषों की तुलना में यह बीमारी लड़कियों को कम होती है, लेकिन रजोनिवृत्ति के बाद यह महिलाओं को यह बीमारी हो सकती है।

 

 

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