Year Ender 2022: कोरोना के अलावा 2022 में इन बीमारियों ने दुनियाभर में मचाई तबाही

viruses that impacted the world in 2022: कोरोना के बाद 2022 में कई वायरस ने दुनियाभर में तबाही मचाई है।

Ashu Kumar Das
Written by: Ashu Kumar DasUpdated at: Jan 02, 2023 14:42 IST
Year Ender 2022: कोरोना के अलावा 2022 में इन बीमारियों ने दुनियाभर में मचाई तबाही

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Viruses That Impacted the World in 2022: 2019 में कोविड के बाद पूरी दुनिया हर साल सिर्फ इस चिंता में डूबी रहती है कहीं कोई और वायरस न दस्तक दे दे और वो एक बार फिर से अपने-अपने घरों में कैद हो जाएं। कोरोना वायरस ने न सिर्फ लोगों को जीना दूभर किया बल्कि लोगों को अपने घरों की चारदीवारी में भी कैद होने पर मजबूर कर दिया। 2019 में आए इस वायरस को लेकर वैज्ञानिक लगातार चेतावनी दे रहे हैं। 2 साल के बाद भी दुनिया को कोरोना वायरस से निजात नहीं मिली है। साल 2022 में कोरोना के अलावा कई ऐसे वायरस सामने आए जिसने दुनिया के लोगों को जीना दुश्वार कर दिया। आज इस लेख में हम आपको बताएंगे उन वायरसों के बारे में जिसने दुनियाभर में तबाही मचाई। 

दुनियाभर में 2022 में इन बीमारियों ने मचाई तबाही 

जीका वायरस- Zika Virus

जीका वायरस मुख्य रूप से मच्छरों के काटने से फैलता है। पिछले दिनों जीका वायरस के मामले दुनिया के कई हिस्सों में देखने को मिले थे, लेकिन महज 2 दिन पहले जीका वायरस का मामला भारत के कर्नाटक राज्य में भी देखने को मिला। मायो क्लिनिक की रिपोर्ट के मुताबिक जीका वायरस एडीज मच्छर में पाया जाता है जिसके काटने से यह बीमारी होती है। अगर कोई लक्षण दिखता है तो यह संक्रमण के 2-14 दिनों के बीच दिखता है। जीका वायरस का संक्रमण होने के बाद मरीज में हल्का बुखार, स्किन पर रैशेज, जोड़ों में दर्द, खासकर हाथ और पैर के ज्वांट में दर्द और आंखों में लालीपन जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। 

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Tomato flu

टोमैटो फ्लू - Tomato flu

केरल के बाद दुनिया के कई हिस्सों में बच्चों को अपना शिकार बनाने वाला टोमैटो फ्लू एक दुर्लभ बीमारी है। 2022 के अंत तक भारत में टोमैटो फ्लू से 80 से ज्यादा बच्चे संक्रमित पाए गए थे। टोमैटो फ्लू के लक्षणों की बात करें तो इसमें थकान, उल्टी, दस्त, बच्चों को लगातार बुखार रहना, जोड़ों में दर्द हो सकता है। विश्व स्वास्थ संगठन (WHO) द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार जिन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है टोमैटो फ्लू उन्हें तेजी से अपनी चपेट में लेता है। किसी बच्चे के टोमैटो फ्लू की चपेट में आने से इसके लक्षण 7 से 10 दिन तक रह सकते हैं।

मंकी पॉक्स वायरस - Monkeypox Virus

मंकीपाक्स वायरस (monkeypox Virus) एक एक दुर्लभ वायरल संक्रमण है। 1958 में यह पहली बार बंदरों में पाया गया था। इस वायरस का पहला मामला 1970 में सामने आया था। मंकी पॉक्स वायरस जानवरों से इंसानों में फैलता है। इस बीमारी को महामारी घोषित (Pandemic has been declared) किया जा गया है। WHO ने इस बीमारी का नाम बदलकर ‘एमपॉक्स’ (mpox) नाम दिया है। मंकीपॉक्स चेचक की तरह होता है। इसकी पहली स्टेज में संक्रम‍ित व्यक्त‍ि में लक्षण दिखने लगते हैं। इसमें संक्रामित व्यक्ति को बुखार, सिर दर्द और थकान महसूस होती है। धीरे-धीरे बॉडी पर चकत्ते आने लगते हैं और ये चकत्ते दाने बनने लगते हैं। साल 2022 में इस वायरस ने लोगों पर खौफ का साया पैदा कर दिया था।

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जॉम्बी वायरस- Zombie Virus

शोधकर्ताओं की मानें तो, जॉम्‍बी वायरस,अमीबा जैसे परजीवी से जुड़ा हुआ वायरस हो सकता है। ये वायरस इंसानों के लिए संक्रामक वायरस की श्रेणी में नहीं रखा जाता। ये वायरस अमीबा में संक्रमण का कारण बन सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये वायरस कभी जानवरों (Animals) और पेड़-पौधों में संक्रमण का कारण रहा होगा। इंसानों को इस वायरस को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये इंसानों के लिए सीधे तौर पर संक्रामक नहीं है। कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वायरस स्‍मॉलपाक्‍स (smallpox) के एक जेनेटिक स्‍ट्रक्‍चर जैसा है। एक्सपर्ट का अनुमान है कि ये बर्फ में दबा हुआ था, बर्फ के मेल्ट होने पर ये बाहर आ रहा है। ये पेड़-पौधों, जानवरों व पक्षियों में फैल सकता है और आगे चल कर संक्रमण का कारण भी बन सकता है।

वायरस से बचने के लिए क्या करें?

कोरोना वायरस, मंकी पॉक्स वायरस या किसी भी अन्य तरह के वायरस से बचाव करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। जहां तक संभव हो खाना खाने से पहले अपने हाथों को साबुन और पानी से धोएं। छोटे बच्चों को खाना खिलाने से पहले और खाना खिलाने के बाद उसके कपड़े और बर्तनों की स्वच्छता का ध्यान रखें।

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