क्या फर्टिलाइजर के कारण हरी सब्जियों और अनाजों से बढ़ रहा है कैंसर का खतरा, जानें सच्चाई

भारतीय लोगों में पिछले कुछ समय में कैंसर रोग बहुत तेजी से बढ़ा है। इसके कई कारण हैं जिनमें से एक कारण सब्जियों और अनाजों की पैदावार बढ़ाने के लिए बहुत ज्यादा मात्रा में खाद का प्रयोग करना भी है। हम सभी जानते और मानते हैं कि हरी सब्जियां, ताजे फल औ

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Jan 10, 2019
क्या फर्टिलाइजर के कारण हरी सब्जियों और अनाजों से बढ़ रहा है कैंसर का खतरा, जानें सच्चाई

भारतीय लोगों में पिछले कुछ समय में कैंसर रोग बहुत तेजी से बढ़ा है। इसके कई कारण हैं जिनमें से एक कारण सब्जियों और अनाजों की पैदावार बढ़ाने के लिए बहुत ज्यादा मात्रा में खाद का प्रयोग करना भी है। हम सभी जानते और मानते हैं कि हरी सब्जियां, ताजे फल और मोटे अनाज खाने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। मगर यदि इन सब्जियों को उगाने के लिए बहुत अधिक मात्रा में उर्वरक (फर्टिलाइजर) का प्रयोग किया जाता है, तो ये आपकी सेहत के लिए खतरनाक भी साबित हो सकते हैं। सिर्फ कैंसर ही नहीं, इससे आपकी किडनी और लिवर पूरी तरह खराब हो सकते हैं और कई दिमागी बीमारियों का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।

कैंसर का कारण बन सकती हैं खाद और यूरिया वाली सब्जियां

फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए फर्टिलाइजर यानी खाद का प्रयोग बहुत अधिक मात्रा में किया जा रहा है। जब आप हर रोज फर्टिलाइज़र युक्त अनाज और सब्जियां खाते हैं, तो धीरे-धीरे आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म कमजोर होने लगता है। इसमें से कुछ फर्टिलाइज़र इतने ज़हरीले होते हैं कि शोधकर्ताओं के अनुसार यह मानव शरीर में कैंसर जैसी भयावह बीमारी को जन्म दे सकते हैं।

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पेस्टिसाइड्स का प्रयोग भी खतरनाक

फसल जब खेत में होती है, तो इसकी पत्तियों, फलों और दूसरे भागों को कीड़ों से खतरा होता है। ये कीड़े धीरे-धीरे फसल को खराब कर देते हैं। फसलों को कीड़ों से बचाने के लिए इन पर दवाइयों (पेस्टिसाइड्स) का छिड़काव किया जाता है। पेस्टिसाइड नुकसानदायी रासायन हैं जिनका उपयोग सिर्फ पेस्ट्स को मारने के लिए किया जाता है। ज्यादा पेस्टिसाइड्स के प्रयोग वाली सब्जियां भी स्वस्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं।

सब्जियों को अच्छी तरह धोना और पकाना है जरूरी

फलों और सब्जियों से होने वाले नुकसान से बचने के लिए इन्हें खाने से पहले अच्छी तरह धोना और पकाना बहुत जरूरी होता है। जब भी आप घर में ताजे फल और सब्जियां लाएं इन बातों का ध्यान रखें-

  • फलों को अच्छी तरह 2-3 पानी में पूरा डुबाकर धोएं
  • सब्जियों को ठंडे और गर्म पानी से धोएं ताकि इन पर लगे पेस्टिसाइड्स निकल जाएं।
  • हमेशा मौसमी फल और सब्जियां ही खाएं। हो सकता है बेमौसम की फलों और सब्जियों को अप्राकृतिक तरीके से उगाया गया हो।
  • सस्ते के चक्कर में खराब और गंदी सब्जियां या फल न खरीदें।
  • पत्ते वाली सब्जियों को अच्छी तरह जांच कर देखें, फिर सादे पानी से धोएं और फिर गर्म पानी से धोने के बाद ही प्रयोग करें।
  • सब्जियों को खाने से पहले अच्छी तरह पकाएं।

ऑर्गेनिक सब्जियां हो सकती हैं विकल्प

आर्गेनिक फार्मिंग के लिए उन पदार्थों का इस्तेमाल होता है जो कि इनार्गेनिक मूल के होते हैं। ऐसे इनार्गेनिक पदार्थों को पूरी तरह से प्राकृतिक और सुरक्षित माना जाता है। उनमें नाइट्रेट की मात्रा अधिक हो सकती है जो फसल के लिए अच्छे होते हैं लेकिन अगर नाइट्रेट की मात्रा अधिक होती है तो यह प्राकृतिक रूप से नाइट्राइट में बदल दिया जाता है जो बहुत नुकसानदायी होता है। जैसे प्रोटीन की अधिक मात्रा से शरीर को नुकसान पहुंचता है उसी प्रकार नाइट्राइट की अधिक मात्रा से पौधों को नुकसान पहुंचता है।

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