हृदय रोगों और स्ट्रोक के लिए 'एस्पिरिन' के प्रयोग पर वैज्ञानिकों की चेतावनी, ब्रेन से हो सकती है ब्लीडिंग

अगर आप भी हार्ट और स्ट्रोक के मरीज हैं और हार्ट अटैक को रोकने के लिए एस्पिरिन की गोली रोजाना खाते हैं, तो सावधान हो जाएं। पढ़ें नया अध्ययन।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavUpdated at: Dec 11, 2019 08:39 IST
हृदय रोगों और स्ट्रोक के लिए 'एस्पिरिन' के प्रयोग पर वैज्ञानिकों की चेतावनी, ब्रेन से हो सकती है ब्लीडिंग

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एस्पिरिन एक आम दवा है, जिसे लोग दर्द और बुखार से राहत पाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। एस्पिरिन की गोली में एंटीइंफ्लेमेट्री गुण होते हैं और ये खून को पतला करती है, इसलिए बहुत सारे लोग हार्ट के रोगों और स्ट्रोक से बचने के लिए भी इन दवाओं का प्रयोग करते हैं। पिछले काफी समय से हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी स्थिति में एस्पिरिन को सुरक्षित समझा जाता था। मगर हाल में वैज्ञानिकों ने इसके प्रयोग के लेकर चेतावनी दी है। वैज्ञानिकों के अनुसार हार्ट और स्ट्रोक की समस्या में एस्पिरिन के प्रयोग से मस्तिष्क में खून निकलने (ब्रेन ब्लीडिंग) की समस्या बढ़ सकती है।

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'अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन' ने भी दी है चेतावनी

इस नई स्टडी के सामने आने के बाद अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी ने इसके प्रयोग को लेकर गाइडलाइन्स बदल दी हैं। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की वेबसाइट पर इस बात को बोल्ड लेटर्स में लिखा गया है कि, "आपको बिना डॉक्टर की सलाह के रोजाना एस्पिरिन की डोज नहीं लेनी चाहिए।" इसके अलावा इसी वेबसाइट के एक लेख में यह चेतावनी भी लिखी गई है कि, "आपको अपने आप एस्पिरिन का प्रयोग नहीं शुरू करना चाहिए।"

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क्या कहती है स्टडी?

इस स्टडी के मुताबिक, हार्ट अटैक और स्ट्रोक को रोकने के लिए रोजाना एस्पिरिन की गोली खाने से मस्तिष्क में खतरनाक स्तर तक ब्लीडिंग की समस्या बढ़ सकती है। इसके पहले भी 42 से 74 साल के 130,000 लोगों पर किए गए एक विश्लेषण में यह बात सामने आई थी कि जो लोग एस्पिरिन की बिल्कुल कम डोज का भी रोजाना इस्तेमाल करते हैं, उनमें भी मस्तिष्क में ब्लीडिंग की समस्या 0.63% तक बढ़ जाती है।

मोटे लोगों को ज्यादा खतरा

हार्ट के जो मरीज मोटापे का शिकार हैं, उनमें एस्पिरिन के प्रयोग से ऐसी समस्या बढ़ सकती है। शोध के अनुसार एशियन लोगों जिनका बीएमआई 25 या इससे ज्यादा है, उनमें ब्लीडिंग की समस्या सबसे ज्यादा होती है। हालांकि डॉक्टरों की सलाह के बाद आप एस्पिरिन का प्रयोग कर सकते हैं। उम्रदराज लोगों में ब्लड क्लॉटिंग (रक्त का थक्का जमने) की समस्या ज्यादा होती है, इसलिए डॉक्टर उन्हें एस्पिरिन के प्रयोग की सलाह दे सकते हैं।

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एस्पिरिन के प्रयोग में बरतें सावधानी

इस नए अध्ययन के सामने आने के बाद शोधकर्ताओं ने लोगों को यह हिदायत दी है कि जो नौजवान और अधेड़ उम्र के लोग हार्ट के मरीज हैं या जिन्हें भविष्य में हार्ट की बीमारी होने की संभावना है, उन्हें एस्पिरिन के प्रयोग में सावधानी बरतनी चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के इस दवा का प्रयोग खतरनाक हो सकता है। ब्रेन ब्लीडिंग गंभीर स्थिति होती है, जो आमतौर पर जानलेवा साबित होती है।

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