बच्‍चों की उम्र के आधार पर अलग हो सकता है टाइप 1 डायबिटीज, अध्‍ययन में हुआ खुलासा

हाल में हुए एक अध्‍ययन के अनुसार, टाइप 1 डायबिटीज बच्‍चों में उनकी उम्र के आधार पर अलग होता है। 

Sheetal Bisht
Written by: Sheetal BishtPublished at: Mar 16, 2020Updated at: Mar 16, 2020
बच्‍चों की उम्र के आधार पर अलग हो सकता है टाइप 1 डायबिटीज, अध्‍ययन में हुआ खुलासा

हाल में हुए एक्सेटर विश्वविद्यालय में किए गए एक शोध में पाया गया है कि सात वर्ष से कम उम्र के बच्चे, जिन्हें टाइप 1 डायबिटीज का पता चलता है, उनमें 13 वर्ष या उससे अधिक उम्र में इलाज की तुलना में स्थिति का एक अलग रूप होता है। 

टाइप 1 डायबिटीज क्‍या है ?

टाइप 1 डायबिटीज वह स्थिति है, जब शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली अग्नाशय में इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं पर अटैक करती है और उन्हें नष्ट कर देती है। जिसका मतलब होता है कि वे अब प्रभावी रूप से ब्‍लड शुगर लेवल को नियंत्रित नहीं करती हैं। ऐसे में टाइप 1 डायबिटीज स्थिति से प्रभावित लोगों को दिन में कई बार इंसुलिन इंजेक्ट करने की आवश्यकता होती है।

Type 1 Diabetes in Children

क्‍या कहती है रिसर्च? 

डायबेटोलोजिया- यूरोपीय एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज (EASD) जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, जिसमें यह पाया गया कि कैसे 7 साल से कम उम्र के बच्चों का इलाज में इंसुलिन प्रक्रिया ठीक ढंग से प्रोसेस नहीं कर पाती है क्‍योंकि इसे बनाने वाली कोशिकाएं जल्दी से नष्ट हो जाती हैं। हैरानी की बात यह है कि बड़े बच्‍चों यानि 13 वर्ष या अधिक आयु के हैं, उनके इलाज में वे अक्सर सामान्य इंसुलिन का उत्पादन जारी रखते हैं।

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एक्सेटर टीम ने दो अलग-अलग एंडोटाइप्स के लिए नए नामों का सुझाव दिया- टाइप 1 डायबिटीज एंडोटाइप 1 (T1DE1), जो सबसे कम उम्र के बच्चों में इलाज के लिए है, और बड़े बच्‍चों के लिए यह टाइप 1 डायबिटीज एंडोटाइप 2 (T1DE2) है।

Type 1 Diabetes

यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर मेडिकल स्कूल के प्रोफेसर नोएल मॉर्गन ने कहा, "हम इस बात का प्रमाण पाकर बेहद उत्साहित हैं कि टाइप 1 डायबिटीज दो अलग-अलग स्थितियां हैं।  T1DE 1 और T1DE 2, इसका महत्व हमें यह समझने में मदद कर सकता है कि इसका क्या कारण है। इसके अलावा, बीमारी और भविष्य की पीढ़ियों को टाइप 1 डायबिटीज से बचाने के लिए नए रास्तों को अनलॉक करने में मदद करेगा। इससे नए उपचार भी हो सकते हैं, यदि हम बढ़ती उम्र में निष्क्रिय इंसुलिन उत्पादक कोशिकाओं को पुन: सक्रिय करने के तरीके खोज सकते हैं। यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा, जो कुछ लोगों के लिए एक इलाज खोजने के लिए सहायक होगा। "

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130 सैंपल के साथ निकाला परिणाम 

एक्सेटर टीम 130 से अधिक सैंपल वाले एक्सेटर अग्नाशय बायोबैंक सहित दो बायोरिर्सोसेस का विश्लेषण करके, अपने निष्कर्ष पर पहुंची। जिनमें से कई बच्चे और युवा लोग हैं, जो टाइप 1 डायबिटीज के इलाज के तुरंत बाद मर गए।

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