ये 4 तरह की गलतियां बनती हैं टॉन्सिलाइटिस का कारण, जानें बचाव के तरीके

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 13, 2018
Quick Bites

  • टॉन्सिलाइटिस की समस्या मौसम बदलने पर होती है।
  • अदरक यह एक प्राकृतिक दवा के रूप में प्रयोग की जाती है।
  • टॉन्सिल का निदान डॉक्‍टर शारीरिक परीक्षण के साथ शुरू करते है।

टॉन्सिल या टॉन्सिलाइटिस एक ऐसी समस्या है जो वैसे तो अधिकतर मौसम बदलने पर होती है लेकिन इसके होने के और कई कारण हैं। टॉन्सिल होने पर गले के दोनों ओर सूजन आ जाती है और मुंह में दर्द भी होता है। इस समस्या के चलते व्यक्ति का बुखार चढ़ता-उतरता रहता है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि टॉन्सिल के कारण आपको कई अन्‍य तरह की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं भी घेर सकती है। आज हम आपको टॉन्सिल होने के कारण, लक्षण और इलाज के बारे में बताएंगे। इस तरीकको को जानकर आप इस समस्या के लिए सचेत हो सकते हैं।

टॉन्सिल के लक्षण

  • गले में खराश होना
  • गले में खराश आना
  • गले में दर्द के साथ बुखार आना
  • जबड़ों के निचले हिस्से में सूजन आना
  • सांसों में बदबू होना
  • गले में दर्द होना
  • खाना खाने या पानी पीने में दर्द होना
  • खाने का स्वाद न मिलना या स्वाद बदला-बदला लगना

टॉन्सिल होने के कारण

टॉन्सिलाइटिस होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार होते हैं। टॉन्सिलाइटिस की समस्या अक्सर तब होती है जब टॉन्सिल्स कमजोर हो जाते हैं। इसके अलावा इम्युनिटी कमजोर होने पर, बहुत गर्म और स्पाइसी फूड खाने से, बहुत ठंडा खाने पर और मुंह की सही से सफाई न करने पर टॉन्सिलाइटिस हो जाता है। कई बार पेट खराब होने पर, कब्ज होने पर या प्रदूषण, धूल आदि के कारण भी टॉन्सिलाइटिस हो जाता है।

टॉन्सिल का इलाज

टॉन्सिल का निदान डॉक्‍टर शारीरिक परीक्षण के साथ शुरू करते है, इसके लिए वह उपकरण का उपयोग कर गले और कान को देखता है। इसके साथ ही वह सूजन ग्रंथियों (लिम्फ नोड्स) की जांच करने के लिए धीरे से गर्दन को छूकर महसूस करता है। इसके अलावा सांस की जांच स्‍टेथोस्‍कोप से करता हैं। घर में इसका इलाज करने पर गले को नम करने और डिहाइड्रेशन को रोकने के लिए हर दो घंटे के बाद नमक मिले गर्म पानी से गर्रारे करने चाहिए। अगर टॉन्सिल का कारण बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन हैं तो एंटीबायोटिक का कोर्स निर्धारित किया जाता है। अक्‍सर होने वाला टॉन्सिल, क्रोनिक टॉन्सिल और बैटीरियल टॉन्सिल का उपचार कभी-कभी सर्जरी द्वारा किया जाता है।

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टॉन्सिल के लिए घरेलू नुस्खे

  • अगर आपका बच्चा टॉन्सिल की समस्या से परेशान हो तो उसे तुंरत ही नमक पानी से गरारा कराएं। एक गिलास गर्म पानी में एक टेबलस्पून चम्मच नमक मिलाकर गरारा कराएं। नमक की उच्च साद्रता ज्वलनशील ऊतकों से लिक्विड को निकालने में मदद करती है जिससे सूजन कम हो जाती है।
  • शहद के एंटी बैक्टीरियल होने के साथ इसकी प्रज्वलनरोधी गुण टॉंसिल की सूजन को कम करनें में मदद करते है। एक टेबलस्पून शहद में नींबू के जूस की 2-3 बूंद मिलाकर अपने बच्चे को दिन में तीन बार सेवन कराएं। ये गले के दर्द से राहत देगा। 
  • अदरक यह एक प्राकृतिक दवा के रूप में प्रयोग की जाती है। आप अदरक को शहद के साथ मिला कर चूस सकते हैं, इससे आपको तुरंत राहत मिलेगी। गरम पानी में नींबू का रस और ताजा अदरक पीस कर मिला दें, उसके बाद उस पानी से हर 30 मिनट के बाद गरारा करनें से भी राहत मिलगी। 
  • गरम चावल उबला हुआ चावल मुलायम होता है जिसको निकलने में आसानी होती है। मसालेदार चावल खाने की बजाए हमेशा प्‍लेन राइस खाइये। आप चाहें तो इसमें लौंग डाल कर खा सकते हैं।उबली पालक उबली और भाप में पकाई गई सब्‍जियों का सेवन गले के इंफेक्‍शन को ठीक कर सकता है।
  • उबलते हुए पानी में 4-5 लहसुन डाल दीजिये और जब पानी अच्छे से उबल जाए तब उसे छान लीजिये। इसके बाद इस पानी से गरारा कीजिये। इससे दर्द भी ठीक हो जाएगा और मुंह से बदबू की शिकायत भी दूर हो जाएगी।

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