दर्द निवारक गोलियां खाने से पहले जान लें ये सच्‍चाई, भरोसा नहीं कर पाएंगे!

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 23, 2018
Quick Bites

  • दर्द निवारक गोलियां शरीर में जाते ही दर्द वाले केमिकल को बंद कर देते हैं।
  • आइबूप्रोफेन और नैप्रोक्सेन नॉन-स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी दवाएं हैं। 
  • नॉन-स्‍टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी दवाओं के अधिक सेवन से हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है। 

सिर दर्द, बदन दर्द और दांत दर्द होने पर हर किसी का ध्‍यान दर्द निवारक गोलियों पर जाता है। पेन किलर खाने के बाद दर्द मिनटों में दूर हो जाता है। पेन किलर खाना सही है या गलत, आज हम इस बात पर चर्चा नहीं करेंगे। हम आपको इस प्रकार की दवाओं से जुड़ी सच्‍चाई के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में शायद ही आपको पता होगा।

 

कैसे काम करती हैं दर्द निवारक गोलियां?

दर्द निवारक गोलियां शरीर में जाते ही दर्द वाले केमिकल को बंद कर देते हैं। आइबूप्रोफेन और नैप्रोक्सेन नॉन-स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी दवाएं हैं। यह आपके शरीर को प्रोस्टाग्लैंडिन बनाने से रोकते हैं, जो दर्द और सूजन दोनों से जुड़े होते हैं। इन गोलियों का उपयोग सिरदर्द और पीठ दर्द से लेकर गठिया और ल्‍यूपस तक विभिन्न प्रकार की समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। 

आइबुप्रोफेन का संभावित साइडइफेक्ट क्‍या है?

नॉन-स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी दवाओं (आइबूप्रोफेन और नैप्रोक्सेन) का सबसे बड़ा साइ‍ड इफेक्‍ट त्‍वचा पर लाल चकत्‍ते और फफोले पड़ना है। इसके अलावा आंतों में खून आना एक बड़ी समस्‍या है। यदि आप इन दर्द निवारक दवाओं का सेवन अक्सर करते हैं और आपकी उम्र 65 से अधिक है, आपको अल्सर की शिकायत रही है तो आपको यह अधिक होने की संभावना हो सकती है। यदि आपको स्किन प्रॉब्‍लम होती है तो आप तुरंत डॉक्‍टर की सलाह ले सकते हैं।  

एसिटामिनोफेन के क्‍या हैं साइडइफेक्‍ट्स? 

एसिटामिनोफेन सिरदर्द, गठिया, आदि के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली एक एनाल्जेसिक दवा है। इसके अलावा बुखार को कम करने के लिए अक्सर एस्पिरिन के विकल्प के रूप में दी जाती है। हालांकि अधिकांश लोगों के लिए यह सही है, खासकर जब यह सही ढंग से उपयोग किया जाता है। हालांकि इस दवा का अधिक सेवन करना लिवर की विफलता का सबसे आम कारण है। अगर आप इसका सेवन कर रहे हैं तो डॉक्‍टर की सलाह जरूर लें। 

इसे भी पढ़ें: नाखूनों का कमजोर होकर जल्दी टूटना भी है कई बीमारियों का लक्षण

हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाता?

कई अध्ययनों में ये बात सामने आई है कि नॉन-स्‍टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी दवाओं के अधिक सेवन से हार्ट अटैक की संभावनाएं बढ़ जाती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि आप इसका कभी भी उपयोग नहीं कर सकते हैं। यह आपकी जानकारी से लिए बताया जा रहा है। आप जब भी इसका सेवन करें डॉक्‍टर की सलाह जरूर लें।

इसे भी पढ़ें: लिवर के दुश्मन हैं बैक्टीरिया या वायरस, खराब होने पर दिखते हैं ये लक्षण

आमतौर पर NSAIDs को बिना पर्चे पर लेना है सही 

आप नॉन-स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी दवाओं (NSAIDs) को बिना पर्चे के उन्हें खरीद सकते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि इसके जोखिम नहीं हैं। लंबे समय तक उनका उपयोग करने से होने वाले स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के बारे में आपको अपने डॉक्टर से बताना चाहिए। अगर पेनकिलर लेने पर आपको तुरंत आराम मिलता है तो इस बारे में सोचने की जरूरत है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Other Diseases In Hindi 

 
Loading...
Is it Helpful Article?YES987 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK