जानिए अभ्यंगा मसाज करने के फायदे और क्या है सेल्फ मसाज करने का सही तरीका

अभ्यंगा मसाज से आप क्या समझते हैं और यह किस प्रकार व इसके क्या फायदे हैं?  जानने के लिए पढ़ें यह लेख।

Monika Agarwal
आयुर्वेदWritten by: Monika AgarwalPublished at: Oct 28, 2020Updated at: Oct 28, 2020
जानिए अभ्यंगा मसाज करने के फायदे और क्या है सेल्फ मसाज करने का सही तरीका

अभ्यंगा मसाज थोड़े गर्म तेल के द्वारा की जाती है। यह आयुर्वेद में सबसे प्रचलित मसाज है। इसको आप के सिर से लेकर पाव तक पूरी बॉडी पर किया जाता है। यह आपकी कार के इंजन को तेल लगाने जैसा है। यदि आप इसे नियमित रूप से करते हैं, तो कार का इंजन सुचारू रूप से कार्य करता है। ठीक इसी प्रकार सेल्फ मसाज यानी अभ्यंगा मसाज के भी बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ  हैं। 

स्वास्थ्य लाभ के साथ साथ यह आप के मन को शांत रखने में भी सहायक है। इसलिए आप को कभी कभार जब सिर भारी हो या जब काम का अधिक प्रेशर हो तो यह मसाज ले लेनी चाहिए। यह वैसे तो थेरेपिस्ट द्वारा की जाती है परन्तु सही तरीके का प्रयोग करके आप स्वयं भी इस मसाज को कर सकते हैं। अभ्यंगा मसाज के अन्य लाभ हैं, आंखों की रोशनी तेज होना, शरीर में अधिक ऊर्जा का संचार होना व सक्रिय रहना, शारीरिक मजबूती बढ़ना, स्किन पर एजिंग साइन का कम होना ।

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मन और शरीर रिलैक्स होगा 

यह मसाज करने के लगभग एक घंटे पहले आप का स्ट्रेस लेवल व आप का हार्ट रेट चैक किया जाता है। ऐसा ही मसाज करने के बाद भी किया जाता है। यदि आप अभ्यंगा मसाज लेते हैं तो अवश्य ही आप का स्ट्रेस लेवल कम होगा और आपका मन और शरीर रिलैक्स  महसूस करेगा। 

हाइपरटेंशन की समस्या में कमी

यह मसाज आप के ब्लड प्रेशर को भी कम करने में सहायक मानी जाती है। असल में इस मसाज को करने से पूरे शरीर में ब्लड सरकुलेशन ठीक प्रकार से कार्य करने लगता है। मसाज के दौरान आप की रक्त वाहिकाएं फैलती हैं जिससे खून का दौरान तेज हो जाता है। जिस वजह से हाइपरटेंशन की समस्या में कमी आती है। 

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त्वचा को पोषण देती है 

सेल्फ मसाज लेने से त्वचा में चमक आती है और अच्छे नतीजे मिलते हैं। मसाज करते समय त्वचा को पोषण देता है। साथ ही मसाज से त्वचा में खून का दौरान बढ़ता है और यह खिली खिली, निखरी,  कोमल व मुलायम लगने लगती है। सभी प्रकार की झुर्रियां कम होती हैं । यही नहीं अभ्यंगा मसाज से हाइपरपिग्मेंटेशन में कमी भी आती है। 

मांसपेशियों को लचीला करना

अभ्यंगा मालिश प्राचीन मालिश पद्धतियों में से एक है। इससे मिलने वाले अन्य लाभों में है, जोड़ों की जकड़न कम करना है।  आप स्ट्रेचिंग करने से पहले एक बार स्वयं ही मसाज कर लेते हैं तो उससे आप के पैरों की स्पीड भी अच्छी हो जाएगी। पूरे शरीर में खून का संचार बढ़ता है जिसके सकारात्मक प्रभाव रहते हैं।

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कैसे करें सेल्फ मसाज?

सबसे पहले आधे कप ऑयल को एक शैंपू की साफ बोतल में डालें। अब इस बोतल को एक गर्म बर्तन में डालें ताकि तेल गर्म हो जाए। फिर इस तेल को अपने पूरे शरीर पर लगाएं ‌ अपने सिर पर गोलाई में मसाज करें। साथ ही गाल व कानों की भी ऐसे ही मसाज करें। छाती और पेट की घड़ी की दिशा में मसाज करना फायदेमंद है। कमर और कूल्हों की मसाज घड़ी की दिशा में करना ठीक रहता है। हाथ पैरों और पंजों की लंबाई में मसाज करें 15 से 20 मिनट के लिए मसाज के बाद शरीर को आराम दें। उसके बाद गुनगुने पानी से नहाएं। एक अच्छे क्लींजर का प्रयोग आपको आराम का अहसास कराएगा।

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