शरीर में फॉलेट की कमी हो जाते हैं ये 5 रोग, जानिए क्या हैं इसके स्रोत

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 22, 2018
Quick Bites

  • फॉलेट या फॉलिक एसिड विटामिन बी-9 के दूसरे नाम हैं।
  • फॉलेट की कमी से आपको एनीमिया हो सकता है।
  • पानी में घुलनशील ये विटामिन बी-9 शरीर के लिए बहुत जरूरी है।

फॉलेट को ही फॉलिक एसिड कहते हैं। ये विटामिन बी का ही एक टाइप है। क्या आप जानते हैं फॉलेट शरीर के लिए कितना महत्वपूर्ण है? फॉलेट की कमी से आपको एनीमिया हो सकता है क्योंकि ये आपके शरीर में रेड ब्लड सेल्स को बनाने में मदद करता है। इसके अलावा डीएनए को बनाने और उसे रिपेयर करने का काम भी फॉलेट करता है। पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित करने के लिए ये जरूरी है। फॉलिक एसिड ब्रेन, नर्वस सिस्‍टम और रीढ़ की हड्डी में तरल पदार्थ के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। आइये आपको बताते हैं कि फॉलेट शरीर की कमी से क्या खतरे हैं और किन आहारों से आपको मिल सकता है फॉलेट।

फॉलेट के कमी के लक्षण

  • एनीमिया  
  • सही विकास न होना
  • थकान एवं कमजोरी
  • दस्त
  • भूख न लगना
  • वजन में कमी
  • जीभ का कड़वापन,
  • सिरदर्द
  • घबराहट और चिड़चिड़ापन आदि

क्यों होती है फॉलेट की कमी

फॉलेट या फॉलिक एसिड विटामिन बी-9 के दूसरे नाम हैं। पानी में घुलनशील ये विटामिन बी-9 शरीर के लिए बहुत जरूरी है। पानी में घुल जाने के कारण शरीर इसे स्टोर करके नहीं रख पाता है। इसलिए आपको अपने रोज के आहार में फॉलिक एसिड से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए क्योंकि शरीर को इसकी जरूरत हर दिन होती है मगर शरीर इसे सेल्स में स्टोर नहीं कर पाता है। आमतौर पर शरीर में फॉलेट की कमी के ये कारण होते हैं।

  • फॉलेट यानि फॉलिक एसिड वाले आहारों का कम सेवन करना
  • कई तरह के रोगों जैसे क्रोंस डिजीज, सीलियक डिजीज, किडनी रोग और कैंसर आदि के कारण शरीर फॉलिक एसिड को एब्जार्ब नहीं कर पाता है।
  • कई लोगों में अनुवांशिक कारणों से भी इसकी कमी होती है।
  • कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण भी शरीर में फॉलेट की कमी हो सकती है।
  • ज्यादा एल्कोहल का सेवन भी फॉलेट की कमी का कारण हो सकता है।

प्रेगनेंसी में फॉलेट कितना जरूरी है

गर्भावस्था में फॉलिक एसिड की कमी जैसी समस्या आम होती है। इसकी वजह से बच्चे की रीढ़ की हड्डी में विकार उत्पन्न हो सकते हैं। साथ ही मस्तिष्क के सामान्य विकास पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए गर्भावस्‍था में शिशु के विकास के लिए फॉलिक एसिड की जरूरत होती है। लेकिन एक गर्भवती के लिए केवल संतुलित आहार का सेवन करके पर्याप्त फॉलिक एसिड पाना कठिन होता है क्‍योंकि आहार में फॉलिक एसिड की कमी होती है और इस विटामिन से प्रचुर मात्रा में युक्त भोजन खाना मुश्किल होता है। इसलिए डॉक्‍टर गर्भावस्‍था में फॉलिक एसिड के सप्लीमेंट लेने की सलाह देते है।

इसे भी पढ़ें:- जानिये क्या हैं पानी पीने के 7 सबसे सही समय

क्या हैं फॉलेट के स्रोत

फॉलिक एसिड सप्लीमेंट्स के अलावा उन विभिन्न तरह के व्यंजनों को अपने आहार में शामिल करें ताकि इसकी पूरी मात्रा मिल सकें। इन खाद्य पदार्थों में अन्य पोषक तत्व भी हैं जो आपको और आपके बच्चे के लिए ज़रूरी हैं। फॉलिक एसिड के प्रमुख प्राकृति स्रोतों में हरी पत्‍तेदार सब्जियां, फलियां, बीज, अंडा, अनाज और खट्टे फल शामिल है। हरी पत्‍तेदार सब्जियों में पालक, शलजम का साग, अजमोद और शतावरी शामिल है। दाल, बींस और फलियां में पिंटो सेम, काले सेम, राजमा और किडनी बींस शामिल है। इसके अलावा फूलगोभी, ब्रोकली, पपीता और स्‍ट्रॉबेरी भी फोलिक एसिड का स्रोत है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Healthy Living In Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES619 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK