नीली पड़ती नसों को नजरअंदाज न करें, हो सकता है वैरिकोज वेन्स

सामान्य रूप से देखें तो वैरिकोज वेन्स पैरों की नसों में सूजन को कहते हैं लेकिन असल में ये एक खतरनाक बीमारी है। वैरिकोज वेन्स को वैरिकोसेस और वैरिकोसिटिज भी कहते हैं। इस रोग में पैरों की नसें फैली हुई, बढ़ी हुई और फूली हुई नजर आती हैं।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavUpdated at: Jan 22, 2018 13:53 IST
नीली पड़ती नसों को नजरअंदाज न करें, हो सकता है वैरिकोज वेन्स

सामान्य रूप से देखें तो वैरिकोज वेन्स पैरों की नसों में सूजन को कहते हैं लेकिन असल में ये एक खतरनाक बीमारी है। वैरिकोज वेन्स को वैरिकोसेस और वैरिकोसिटिज भी कहते हैं। इस रोग में पैरों की नसें फैली हुई, बढ़ी हुई और फूली हुई नजर आती हैं। कई बार तो इन नसों में इतनी सूजन आ जाती है कि ये पैरों से बाहर उभर आती हैं। वैरिकोज वेन्स में अमूमन नसों में बहने वाले ब्लड का रंग बदला दिखाई देता है। इस दौरान ये गहरी नीली, बैंगनी और लाल रंग की नजर आ सकती हैं। वैरिकोज वेन्स में पैरों में खूब दर्द होता है। युवावस्था के समय या इसके बाद लगभग 25 प्रतिशत लोगों को ये समस्या आमतौर पर होती है। वैरिकोज वेन्स की समस्या पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को प्रभावित करती है।

कैसे होता है वैरिकोज वेन्स

वैरिकोज वेन्स तब होता है जब नसें ठीक से काम नहीं कर पाती हैं। पैरों से ब्लड को नीचे से ऊपर हार्ट तक ले जाने के लिए पैरों की नसों में वाल्‍व होते हैं, इन्हीं की सहायता से ब्लड ग्रेविटेशन के बावजूद हार्ट तक पहुंच पाता है। लेकिन अगर ये वाल्व खराब हो जाए या पैरों में कोई समस्या आ जाए, तो ब्लड ठीक से ऊपर चढ़ नहीं पाता और पैरों में ही जमने लगता है। ब्लड के जमने की वजह से पैरों की नसें कमजोर हो जाती हैं और फैलने लगती हैं। कभी-कभी नसें अपनी जगह से हट जाती हैं और मुड़ने लगती हैं। इसी समस्या को वैरिकोज वेन्स कहते हैं।

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क्यों दिखती हैं नसें नीली

दरअसल हमारे ब्लड में हीमोग्लोबिन नाम का तत्व पाया जाता है, जिसके कारण इसका रंग लाल दिखता है। हीमोग्लोबिन की विशेषता ये है कि ये कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन दोनों ही इसके साथ अच्छे से घुल-मिल जाते हैं। अगर हमारे टिशूज में कार्बन डाइऑक्साइड आ जाए, तो ये हीमोग्लोबिन के साथ रिएक्शन करके कार्बोक्सी हीमोग्लोबिन बना लेता है। कार्बोक्सी हीमोग्लोबिन वाले खून को ही हम खराब खून या अशुद्ध खून कहते हैं। इस अशुद्ध खून का रंग नीला या बैंगनी हो जाता है। हमारी नसों के ऊपर की स्किन बेहद पतली होती है इसी लिए नसें ऊपर से दिखाई देती हैं। अगर इन्हीं नसों में ये अशुद्ध खून भर जाता है, तो हमें बाहर से नसें गहरे नीले रंग की दिखने लगती हैं।

वैरिकोज वेन्स के लक्षण

  • वैरिकोज वेन्स सबसे ज्यादा पैरों को प्रभावित करते हैं।
  • नसों का त्वचा से बाहर उभर आना
  • नसों में सूजन आना
  • नसों में तेज दर्द होना
  • नसों का रंग नीला या बैंगनी हो जाना
  • नसों का रंग अचानक से बदलने लगना
  • नसों का फैलने लगना
  • नसों में छाले जैसा उभार आ जाना
  • नसें में दबाव महसूस होना या ज्यादा ब्लड फ्लो होने लगना
  • कई बार रक्त के दबाव के कारण नसें फट भी जाती हैं और खून निकलने लगता है।

किन कारणों से होता है वैरिकोज वेन्स

इस रोग की सबसे बड़ी वजह जीवनशैली और अनहेल्दी खान-पान है। कई बार प्रेगनेंसी की वजह से भी वैरिकोज वेन्स हो जाता है। ऐसी स्थिति में तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और उनसे राय लेनी चाहिए क्योंकि इससे आपके बच्चे को भी खतरा हो सकता है। वैरिकोज वेन्स का खतरा पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को होता है क्योंकि इसकी एक वजह मासिक धर्म भी है। इसके अलावा ज्यादा देर तक खड़े रहने से, बढ़ती उम्र के कारण, और कई बार अनुवांशिक कारणों से भी वैरिकोज वेन्स हो सकता है। मोटापा भी इस रोग की एक बड़ी वजह है।

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