HFMD से जूझ रही है सुष्मिता सेन की भतीजी, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

चारू असोपा ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो पोस्ट किया है और बताया है कि उनकी बेटी जियाना एचएफएमडी से पीड़ित है। 

Ashu Kumar Das
Written by: Ashu Kumar DasPublished at: Aug 10, 2022Updated at: Aug 10, 2022
HFMD से जूझ रही है सुष्मिता सेन की भतीजी, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

HFMD Disease Symptoms and Causes: बॉलीवुड एक्ट्रेस सुष्मिता सेन की भतीजी और टीवी एक्ट्रेस चारू असोपा और राजीव की बेटी जियाना इन दिनों एचएफएमडी नामक बीमारी से जूझ रही हैं। चारू असोपा ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो पोस्ट किया है और बताया है कि उनकी बेटी जियाना एचएफएमडी से पीड़ित है। एचएफएमडी के कारण जियाना कुछ खा और पी नहीं पा रही हैं। चारू असोपा ने अपने वीडियो में बताया है कि उनकी बेटी देर रात अचानक बहुत रोने लगी। इसके बाद उन्होंने उसे दवा दी। दवा देने के बाद भी जब बच्ची चुप नहीं हुई, तो वो उसे लेकर अस्पताल गईं। अस्पताल में बच्ची को देखने के बाद डॉक्टरों ने कहा कि वो एचएफएमडी से पीड़ित है। एक्ट्रेस ने अपने वीडियो में आगे कहा, मैं बस धैर्य रखना और जीवन में चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार रखना चाहती हूं। आइए जानते हैं कि बच्चों में होने वाली एचएफएमडी डिजीज क्या है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।

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क्या है एचएफएमडी बीमारी? (What is HFMD Disease)

एचएफएमडी बच्चों में होने वाली एक संक्रामक बीमारी है। बरसात के दिनों में ये बीमारी और भी ज्यादा सक्रिय हो जाती है। ये वायरस एक समूह में बच्चों पर अटैक करते हैं। ये बीमारी हवा के जरिए बच्चों में तेजी से फैलती है। एचएफएमडी संक्रमण होने पर बच्चे के चेहरे, हाथ, पैर, पेट और टॉन्सिल पर बड़े-बड़े दाने निकल जाते हैं। इन दानों के कारण बच्चों को बहुत ज्यादा दर्द और खुजली होती है।

एचएफएमडी बीमारी के लक्षण क्या है? (What are the symptoms of HFMD disease?)

एचएफएमडी एक ऐसी बीमारी है, जिसमें बच्चे को पहले बुखार आता है। शुरुआत में ये बुखार 2 से 3 दिनों तक रहता है। बुखार के साथ ही बच्चे के मुंह के अंदर छाले निकल जाते हैं। मुंह में छाले होने की वजह से बच्चों को खाना-खाने और दूध पानी तक में परेशानी होती है। एचएफएमडी में बच्चों में भूख की कमी, जल्दी थकान होना और चिड़चिड़ापन भी देखा जाता है। आमतौर पर बच्चों में ये लक्षण 7 से 10 दिन तक रह सकते हैं। किसी भी बच्चे में इस संक्रामक बीमारी के लक्षण पाए जाने के बाद डॉक्टर दूसरे बच्चों को उससे दूरी बनाए रखने की सलाह देते हैं। 

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एचएफएमडी बीमारी का इलाज

    • बच्चों को एचएफएमडी बीमारी से बचाने के लिए फिलहाल कोई वैक्सीन मौजूद नहीं है। एचएफएमडी के लक्षण दिखाई देने पर आइस क्यूब लगाकर आप बच्चों को शांत कर सकते हैं।

    • अगर एचएफएमडी के कारण बच्चे के मुंह में छाले ज्यादा हो गए हैं, तो उसे जूस या किसी भी तरह के सोडा वाले ड्रिंक से दूर रखें। 

    • बच्चे के शरीर पर दाने होने पर कैलामाइन एंटी-इच लोशन लगाएं।

    • एचएफएमडी बीमारी से बच्चा सभी संक्रमित न हो इसके लिए उसके डायपर बदलते समय हाथों को पहले अच्छे से साफ करें। 

    • बच्चे के छींकने या खांसने पर अपना मुंह और नाक ढक कर रखें। 

    • ध्यान रहे कि ये बीमारी छूने, खांसने और छींकने से ज्यादा फैलती है। इसलिए हमेशा बच्चों को साफ खिलौना ही खेलने के लिए दें। बच्चों द्वारा छूने वाले सामान को सही तरीके से क्लीन करें।

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