बच्चों के लिए जरूरी है 10 से 13 घंटे की नींद, कम नींद लेने से हो सकती हैं कई मानसिक समस्याएं: वैज्ञानिक

क्या आपका बच्चा हर रात अच्छी नींद लेता है? अगर नहीं, तो इस समस्या को पहचानें। रिसर्च के अनुसार बच्चों में नींद की कमी से मानसिक समस्याएं हो सकती हैं।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Mar 19, 2020
बच्चों के लिए जरूरी है 10 से 13 घंटे की नींद, कम नींद लेने से हो सकती हैं कई मानसिक समस्याएं: वैज्ञानिक

नींद हम सभी के लिए जरूरी है। नींद पूरी न होने पर अगले दिन थकान और आलस होना सामान्य बात है। मगर क्या आप जानते हैं कि छोटे बच्चों में नींद की कमी कितनी खतरनाक हो सकती है? हाल में हुए एक शोध के बाद वैज्ञानिकों ने बताया कि जो बच्चे रात में ठीक से नहीं सो पाते हैं और नींद पूरी नहीं लेते हैं, उनमें आगे कई चलकर कई तरह की मानसिक समस्याएं होने की संभावना बढ़ जाती है। इसका अर्थ यह है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए नींद की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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800 बच्चों पर 2 साल तक किया गया शोध

इस शोध के प्रमुख शोधकर्ता Bror M Ranum नॉर्वे की Norwegian University of Science and Technology's (NTNU) के रिसर्चर हैं। उन्होंने कहा, "अगर हम आश्वस्त हो सकें कि हमारे बच्चे अच्छी और पर्याप्त नींद ले रहे हैं, तो ये उन्हें मानसकि बीमारियों और समस्याओं से बचाने में मददगार हो सकता है। हमने (अपने शोध में) देखा है कि नींद के घंटों का इमोशनल और बिहैवरियल डिस्ऑर्डर से गहरा संबंध है।" इस अध्ययन को JAMA Network Open नामक जर्नल में छापा गया है। अध्ययन में लगभग 800 बच्चों को शामिल किया गया।

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एडीएचडी और डिप्रेशन जैसे रोगों का खतरा

वैज्ञानिकों ने बताया कि कम नींद बच्चों की सेहत के लिए सही नहीं है। चूंकि बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास मुख्य रूप से सोते समय होता है, इसलिए बच्चों के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है। 2 साल तक चले इस अध्ययन के बाद वैज्ञानिकों ने पाया कि जो बच्चे दिन में केवल कुछ घंटे ही सोते थे, उन्हें कई तरह की मनोवैज्ञानिक और मानसिक परेशानियों के साथ-साथ एडीएचडी (ADHD), एंग्जायटी और डिप्रेशन आदि का खतरा बढ़ जाता है। 

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कैसे भी सोएं, मगर पर्याप्त नींद लें बच्चे

छपे हुए शोध के अनुसार, जो लड़के कम सोते हैं, उनमें व्यवहार संबंधी समस्याओं का खतरा ज्यादा होता है। जबकि भावनात्मक समस्याओं का खतरा लड़के-लड़कियों सभी को होता है। इस शोध में नींद की गुणवत्ता से ज्यादा सोने के घंटों को महत्व दिया गया है। बच्चों की नींद को मापने के लिए मोशन सेंसर का इस्तेमाल सप्ताह भर तक हर रात किया गया। इसके बाद शोधकर्ताओं ने क्लीनिकल इंटरव्यूज के द्वारा बच्चों की मेंटल हेल्थ को परखा। ये प्रक्रिया प्रत्येक बच्चे के साथ लगभग 2 साल तक की गई। वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि हो सकता है बच्चों में नींद की कमी का कारण उनकी साइकोलॉजिकल समस्याएं हों।

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बच्चों के लिए 10-13 घंटे की नींद जरूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी World Health Organisation (WHO) के अनुसार 3-4 साल की उम्र तक के बच्चों के लिए एक दिन में 10 से 13 घंटे की नींद बेहद जरूरी है। साथ ही इस गाइडलाइन में यह भी जोड़ा गया है कि नींद गहरी और अच्छी होनी चाहिए। यह नहीं कि बच्चा लेटा तो है, मगर वो सो नहीं रहा है। अगर आप अपने बच्चे का मानसिक विकास अच्छा चाहते हैं, तो उनकी नींद पर नजर रखें। अगर वो पर्याप्त नींद नहीं ले रहे हैं, तो कारणों का पता लगाएं और उसे दूर कर बच्चों को पर्याप्त सोने में मदद करें।

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