बवासीर और भगंदर के दर्द को कम करने के लिए फायदेमंद है नहाने का ये खास तरीका, जानें पूरी प्रक्रिया

सिट्ज बाथ नहाने का एक खास तरीका है, जिससे बवासीर और भगंदर जैसी समस्याओं के दर्द में आराम मिलता है। जानें इसमें कैसे नहाया जाता है।

Monika Agarwal
घरेलू नुस्‍खWritten by: Monika AgarwalPublished at: Aug 30, 2021Updated at: Aug 30, 2021
बवासीर और भगंदर के दर्द को कम करने के लिए फायदेमंद है नहाने का ये खास तरीका, जानें पूरी प्रक्रिया

बवासीर एक दर्दनाक स्थिति जिसमें मल त्याग के समय अत्याधिक दर्द महसूस होता है। यही नहीं मल त्याग लगभग असंभव हो जाता है। यदि आप बवासीर या भगंदर जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं और उन्हें खत्म करना चाहते हैं, तो  सिट्ज़ बाथ बवासीर के कारण हुई सूजन और दर्द को कम करने के लिए बहुत अच्छा रहता है। यह आपके स्फिंक्टर मांसपेशी से दर्दनाक ऐंठन को कम कर, आपको बवासीर में आराम पहुंचा सकता है। पहले जानिए कि क्या है सिट्ज बाथ। दरअसल यह एक गर्म पानी से नहाने की प्रक्रिया होती है। जिसके कारण आपके जेनिटल और पेल्विक एरिया में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलती है। वहां का दर्द भी कम होता है। सिटज शब्द जर्मनी के शब्द से बना है जिसका अर्थ होता है बैठना। यह आम तौर पर गर्म पानी में नमक डाल कर तैयार किया गया पानी होता है।

इसका प्रयोग कब और क्यों होता है (When To Take Sitz Bath?)

  • पर्सनल हाइजीन को मेंटेन करने के लिए।
  • डिलीवरी के बाद।
  • जेनिटल इंफेक्शन को ठीक करने के लिए।
  • बवासीर के दर्द से राहत पाने के लिए।
  • पेरिनियल भाग में कोई सर्जरी हुई हो उस समय।
  • इस भाग में खुजली होने के समय।
  • कब्ज के समय।

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इस बाथ से आपको क्या क्या लाभ मिलते हैं (Benefits Of Sitz Bath)

  1. गर्म पानी से आपके जननांगों का ब्लड फ्लो सही होता है। जिससे सूजन या इंफ्लेमेशन ठीक होने में मदद मिलती है।
  2. इसके सूदिंग गुण दर्द और खुजली को कम करते हैं।
  3. बवासीर के दौरान होने वाली असहजता को कम करने में सहायक होता है।
  4. यही नहीं डिलीवरी के बाद (बच्चा पैदा होने के बाद) की होने में मदद मिलती है।
  5. पेरिनियम को साफ करने में मदद करता है। जिस कारण इंफेक्शन का रिस्क कम होता है।
  6. पेल्विक भाग की दर्द होने वाली मसल्स को आराम पहुंचाता है।

 

बाथटब में सिट्ज बाथ कैसे लें (How To Take Sitz Bath)

  1. सबसे पहले एक स्क्रब की मदद से बात टब को अच्छे से धोकर साफ कर लें।
  2. अब 2 से 3 इंच तक पानी भर लें।
  3. पानी आपकी क्षमता के अनुसार गर्म होना चाहिए। अब पानी में बैठ जाएं।
  4. उसमें अपने घुटनों को मोड़ लें।
  5. अपनी टांगों को टब के दोनों साइड में रख लें।
  6. पानी में आधा कप बेकिंग सोडा , और एक चौथाई कप नमक डाल लें।
  7. 15 से 20 मिनट तक ऐसे ही बैठे रहें।
  8. फिर बाहर निकल आएं।
  9. एक तौलिया की मदद से पौऔछें।
  10. नहाने के बाद टब को अच्छी तरह से साफ कर दें।

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अन्य समस्याएं, जिसमें है ये फायदेमंद (Sitz Bath Other Benefits)

बवासीर और भगंदर जैसी परेशानियों के अलावा भी आप सिट्ज बाथ ले सकते हैं। खासकर प्रसवोत्तर, एनल फिशर की समस्या, डायरिया और प्रोस्टेटाइटिस से पीड़ित भी सिट्ज बाथ ले सकते हैं। यही नहीं यदि महिलाओं को वेजाइनल यीस्ट इनफेक्शन होता है तब भी वह इस बात का फायदा उठा सकते हैं वैसे एक्सपर्ट के हिसाब से बवासीर और पोस्टमार्टम की समस्या से निपटने के लिए सिट्ज बाथ बेस्ट है।

नोट - अगर आपको ऊपर लिखित कोई भी समस्या है तो आपको एक बार इस प्रकार से नहा कर जरूर ट्राई करना चाहिए। आपको बहुत फायदा मिलेगा। अगर आपके पास बाथ टब नहीं है तो आप सिट्ज किट का भी प्रयोग कर सकते हैं। लेकिन अगर आपको तीन-चार दिनों में फायदा महसूस नहीं होता और आपको दर्द भी बहुत अधिक है। तो आप तुरंत डॉक्टर से मिलें।

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