Sawan 2021: शुरू हुआ सावन का पावन महीना, जानें व्रत खोलने के लिए खानपान का सही तरीका

भारतीय संस्कृति में सावन महीने की शुरुआत को व्रत और तीज-त्योहारों के आगमन से जोड़ा गया है। ऐसे में व्रत के दौरान अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Jul 26, 2021 14:07 IST
Sawan 2021: शुरू हुआ सावन का पावन महीना, जानें व्रत खोलने के लिए खानपान का सही तरीका

सावन का पवित्र महीना शुरू हो गया है। इस पावन महीने में भगवान शिव के भक्त पूरे माह उनकी भक्ति और उपवास में डूबे रहते हैं। हर सोमवार, लोग पूरे दिन व्रत रखते हैं और शाम को सूरज डूबने के बाद पूजा पाठ करके अपना व्रत खोलते हैं। व्रत करने की खास बात ये होती है कि इससे शरीर के हर अंग को एक दिन आराम करने का वक्त मिलता है और शरीर डिटॉक्स मोड में रहता है। हालांकि, हम सभी को व्रत करने का हमेशा एक सही और हेल्दी तरीका ही अपनाना चाहिए ताकि इससे हमारे स्वास्थ्य को कोई नुकसान न पहुंचे। चूंकि व्रत में आप लंबे समय तक भोजन का सेवन सीमित करते हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। वहीं लोग ये तो जानते हैं कि व्रत कैसे रखा जाता है लेकिन वे व्रत तोड़ने के सही तरीकों के बारे में नहीं जानते हैं। तो, आज हम आपको स्वास्थ्य को बिगाड़े बिना सावन के इस पावन महीने में व्रत रखने पर इसे खोलने का हेल्दी तरीका बताएंगे।

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व्रत खोलने का हेल्दी तरीका-Healthy ways to break your fast in hindi

7-8 घंटे के भीतर अपना उपवास तोड़ें

अधिक समय तक उपवास न करें क्योंकि इससे आपके शरीर के समग्र सामंजस्य में बाधा आ सकती है। यह स्वास्थ्य जटिलताओं को ट्रिगर कर सकता है, जो फास्टिंग के बाद आपको परेशान कर सकते है। जैसे कि चिड़चिड़ापन, मनोदशा में बदलाव, निर्जलीकरण, ऊर्जा की कमी कुछ ऐसे शुरुआती लक्षण हैं, जो आप सही तरीके से उपवास करने पर महसूस कर सकते हैं। ये भविष्य में स्वास्थ्य के गंभीर मुद्दों को बढ़ावा दे सकते हैं। इसलिए, 7-8 घंटों के भीतर उपवास तोड़ना ही व्रत करने का हेल्दी तरीका है।

व्रत खालने के दौरान छोटे हिस्सो में खाएं

अक्सर व्रत करने के बाद हमें बहुत तेज भूख लगी रहती है और हम महसूस करते हैं कि व्रत खोलते ही हम बहुत सारा खाना खाएंगे। पर ऐसा करना सही नहीं है। व्रत खोलने के दौरान केवल नियंत्रित मात्रा में भोजन करें ताकि आप अपना पेट भर सकें। जो लोग आम तौर पर अपने उपवास को तोड़ने के दौरान लापरवाही से खाते हैं, उन्हें गैस औप पेट से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए व्रत खोलते ही बहुत ज्यादा न खाएं

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पहले ढेर सारा पानी पिएं और फिर कुछ ठोस आहार लें

व्रत के बाद अपने भोजन को तुरंत शुरू न करें। डॉक्टरों का सुझाव है कि शरीर की जलयोजन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पहले पानी पीना चाहिए। यह आपको अनावश्यक रूप से ज्यादा खाने से भी रोकेगा। इसलिए पहले पानी पिएं फिर खाना शुरू करें।

उपवास के बाद भारी भोजन से बचें

असामान्य रूप से बड़े और भारी भोजन आपके पेट को परेशान कर सकते हैं। हम बहुत से लोग देखते हैं जो पूरे दिन उपवास रखने के बाद शाम को भारी भोजन करते हैं। यह प्रथा पूरी तरह से गलत है। या तो अपनी सामान्य दिनचर्या की तरह खाएं या उससे कम लेकिन कभी भी इसका अधिक सेवन न करें। यह आपको अगले दिन फूला हुआ महसूस करवा सकता है और गैस व पेट से जुड़ी परेशानियों को महसूस कर सकते हैं।

तेल या गहरे तले हुए खाद्य पदार्थ खाने से बचें

उपवास एक स्वस्थ तरीके से किया जाना चाहिए अन्यथा यह अच्छा नहीं होगा। व्रत करने के बाद अपने भोजन से तेल या तली हुई वस्तुओं को छोड़ दें। अगर आप अपने खाने में कुछ कुट्टू की पकौड़ी जोड़ने की योजना बना रहे थे तो ठहर जाएं। इसकी जगह सूखे मेवे खाएं। ये पोषक तत्वों की जरूरत के साथ ही पर्याप्त होगा। वहीं फलों का सेवन करने की ज्यादा से ज्यादा कोशिश करें, ये हल्का महसूस करवाएंगे और एनर्जेटिक भी।

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उपवास रखने के फायदे

ये उपवास देखने के कुछ अद्भुत स्वास्थ्य लाभ हैं। हालांकि आपको इन फायदों का आनंद लेने के लिए इसे सही तरीके से करना होगा। जैसे कि व्रत करना बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा देकर सूजन को नियंत्रित करता है।

इसके अलावा व्रत रखना ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रण में रखने के लिए इंसुलिन के रिलीज को बेहतर करता है। साथ ही आपके दिल को स्वस्थ रखने के लिए कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है और वजन घटाने में मदद करता है। तो इन तमाम फायदे के लिए व्रत रखें।

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