माता पिता इन 7 तरीकों से सिखाएं अपने बच्चों को टाइम मैनेजमेंट

बच्चों को टाइम मैनेजमेंट के महत्व के बारे में समझाना भी माता-पिता की जिम्मेदारी है। ऐसे में कुछ तरीके माता-पिता के बेहद काम आ सकते हैं।

Garima Garg
Written by: Garima GargUpdated at: Jul 23, 2021 17:57 IST
माता पिता इन 7 तरीकों से सिखाएं अपने बच्चों को टाइम मैनेजमेंट

बच्चों के लिए टाइम मैनेजमेंट की महत्ता को जानना जरूरी है। लेकिन इसके लिए माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वह बच्चे को इसके महत्व के बारे में समझाएं। वे बच्चों की दिनचर्या में कुछ ऐसी चीजों को जोड़ें, जिससे उन्हें समय की कीमत के बारे में पता चल सके। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि माता-पिता अपने बच्चों को टाइम मैनेजमेंट कैसे सिखा सकते हैं। इसके लिए हमने गेटवे ऑफ हीलिंग साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी (Dr. Chandni Tugnait, M.D (A.M.) Psychotherapist, Lifestyle Coach & Healer) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे...

1 - बच्चों को नुकसान और फायदे के बारे में समझाएं

आपका बच्चा कब सही कर रहा है और कब गलत इसके बारे में बच्चों को समझाना भी आपकी जिम्मेदारी है। बच्चों को नहीं पता कि उनके किस काम से उन्हें फायदा हो सकता है और कौन-सा काम उन्हें मुश्किल में डाल सकता है। ऐसे में बच्चों को नुकसान और फायदे के बारे में समझाएं। इससे अलग टाइम मैनेजमेंट से जुड़ी कुछ संबंधित किताबे लाकर दें. जिससे वे समय की कीमत के बारे में समझ पाएं।

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2 - बच्चों को समय पर सुनाएं समय पर उठाएं

बच्चों का समय पर सोना और समय पर उठना जरूरी है। यह जिम्मेदारी भी माता-पिता की है कि वह बच्चों को समय पर सुनाएं और समय पर उठाएं। इसके लिए वे बच्चों के सोने और रहने का समय निर्धारित करें और उन्हें उसी समय पर सोने और उठने के लिए प्रेरित भी करें।

3 - पढ़ाई और खेल का समय निश्चित करें

बच्चे का पढ़ाई और खेल का समय अलग अलग रखें। जब माता-पिता बच्चे की दिनचर्या निर्धारित करें तो उनके खेलने और पढ़ाई करने का समय अलग अलग रखें। ऐसे में बच्चे पढ़ाई के समय केवल पढ़ाई करेंगे और खेल के समय केवल खेल पर ही ध्यान देंगे। और अगर आपके बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगता है तो वो समस्या भी दूर हो जाएगी।

4 - पढ़ाई का बच्चों में साथ दें

माता-पिता बच्चों की पढ़ाई में भी उनका साथ दे सकते हैं अपने घर और ऑफिस के काम के साथ-साथ थोड़ा समय अपने बच्चे के लिए निकालें और देखें कि उनका बच्चा किस विषय में अच्छा है और किस विषय में उसका परफॉर्मेंस बेकार है। साथ ही उसे उस विषय पर समझाएं। ऐसा करने से बच्चे का तनाव दूर होगा।

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5 - बच्चों के खान-पान का ध्यान रखें

बच्चों को सही समय पर खाना देना जरूरी है। ऐसा करने से न केवल आप स्वस्थ बनेंगे बल्कि भविष्य में भी उसी नियम का पालन करेंगे और उसी समय पर खाना खाने के लिए प्रेरित होंगे। इससे अलग माता-पिता बच्चों को यह भी समझाएं कि लेट नाइट खाना खाना या जंक फूड आदि का सेवन सेहत को नुकसान हो सकता है।

6 - बच्चों के लिए आजादी है जरूरी

टाइम मैनेजमेंट का मतलब केवल काम में व्यस्त होना ही नहीं बल्कि बच्चों को आजादी देना भी है। लेकिन उसके लिए भी बच्चे का समय निर्धारित करें। अगर बच्चा अपने दोस्तों के साथ बाहर खेलने जा रहा है तो उससे कहें कि वह घर तय समय पर लौट कर आए। ऐसा करने से बच्चे को समय पर घर लौटने की चिंता और आजादी के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारी के बारे में भी पता रहेगा।

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7 - बच्चों के लिए लक्ष्य निर्धारित करें

बच्चों को सबसे पहले सिखाएं कि उन्हें अपना लक्ष्य निर्धारित करना है और उस लक्ष्य को समय पर पूरा भी करना है। ऐसा करने से न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा बल्कि वह लक्ष्य को पूरा करने पर खुद को ऊर्जावान भी महसूस करेंगे। इससे बच्चों को लक्ष्य निर्धारित करने और उसे पूरा करने की हिम्मत मिलेगी।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि माता-पिता बच्चों की दिनचर्या में कुछ चीजों को जोड़कर या उनकी दिनचर्या में समय को जोड़कर उन्हें समय की कीमत के बारे में समझा सकते हैं। ऐसा करने से ना केवल बच्चों का भविष्य उज्जवल होगा। बल्कि टाइम मैनेजमेंट की महत्ता के बारे में भी पता चलेगा।

ये लेख गेटवे ऑफ हीलिंग साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी (Dr. Chandni Tugnait, M.D (A.M.) Psychotherapist, Lifestyle Coach & Healer) से बातचीत पर आधारित है।

इस लेख में इस्तेमाल की जानें वाली फोटोज़ Freepik से ली गई हैं।

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