35 की उम्र के बाद सामान्य हो गए हैं ये 3 रोग, सेहतमंद रहना है तो करें ये बदलाव

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 25, 2018

उम्र बढ़ने पर शरीर का कमजोर होना प्राकृतिक है। मगर आजकल की लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण कम उम्र में ही लोग कई तरह की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। हड्डियों की कमजोरी, डायबिटीज, दिल की बीमारियां, ब्लड प्रेशर आदि ऐसी समस्याएं हैं, जो 35-40 की उम्र के बाद सामान्य हो गई हैं। इन बीमारियों से बचाव के लिए समय रहते आपको कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। जीवनशैली में थोड़े से बदलाव से न सिर्फ आपका स्वास्थ्य अच्छा रहता है बल्कि आप लंबा जीवन जीते हैं।

हड्डियों की कमजोरी

आजकल लोगों में हड्डियों की कमजोरी की समस्या बहुत बढ़ रही है। 30-35 साल की उम्र में जोड़ों में दर्द और 45-50 साल की उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस, अर्थराइटिस जैसी बीमारियों का शिकार 60% से ज्यादा लोग हो रहे हैं। हड्डियों के कमजोर होने के कारण चलना-फिरना भी मुश्लिक हो सकता है। ऐसे में जब आप 40 की उम्र पार कर जाते हैं तब हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है। इसलिए आपको इस उम्र से पहले ही हड्डियों पर ध्यान देने की जरूरत है। मेनोपॉज के बाद महिलाओं की स्थिति में अधिक बदलाव होता है इसलिए पुरुषों की तुलना में उनको अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। इस दौरान हड्डियों की बीमारियां खासकर अर्थराइटिस होने की संभावना बढ़ जाती है।

इसे भी पढ़ें:- आखिर क्यों होती हैं किडनी की बीमारियां और कैसे काम करती है आपकी किडनी?

क्या करें-

अपने आहार में ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां और रंगीन सब्जियों को शामिल करें। सब्जियों में अलग-अलग रंग अलग-अलग एंटीऑक्सिडेंट्स के कारण होते हैं इसलिए सभी रंगीन सब्जियों का सेवन बहुत जरूरी है। इसके अलावा कैल्शियम का मुख्य स्रोत डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे- दूध, दही, छाछ, पनीर, चीज़, मक्खन, घी आदि हैं। आपको हर रोज 1200 मिग्रा कैल्शियम लेना चाहिए। इसके साथ ही कोशिश करें कि आपका वजन बढ़ने न पाये। इसके लिए वजन घटाने वाले व्यायाम नियमित रूप से करें।

दिल की बीमारी

दिल हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है लेकिन हम बचपन से ही इसके स्वास्थ्य के प्रति गंभीर नहीं होते हैं। यही कारण है कि आजकल नौजवान लोगों, यहां तक कि बच्चों में भी दिल की बीमारियों से मौत की खबरें आए दिन आती रहती हैं। दिल बहुत नाजुक होता है और इसकी धड़कन आपकी जिंदगी है। बचपन से तेल और वसा वाली चीजों के ज्यादा सेवन से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता जाता है और धमनियां ब्लॉक हो जाती हैं। कई रिसर्च में पता चला है कि 45 साल के बाद महिलाओं में मौत की सबसे अधिक जिम्मेदार दिल की बीमारियां हैं। कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने, वजन बढ़ने और शारीरिक गतिविधियां कम करने से दिल कमजोर होने लगता है। और सबसे खास बात आप अपने डायट का ध्यान नहीं देते। इसलिए उम्र के इस पड़ाव पर कमजोर हो रहे दिल का ध्यान अधिक रखें।

क्या करें-

दिल को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपने खानपान का ध्यान रखें और अपना कोलेस्ट्रॉल 35 की उम्र के बाद साल में 2 बार जरूर चेक करवाएं।  खाने में मछली, सोया, फाइबर, ताजे फलों का अधिक से अधिक सेवन करें। नियमित रूप से कम से कम 30 मिनट व्यायाम जरूर करें। कोलेस्ट्रॉल का स्तर न बढ़ने दें, और शारीरिक रूप से एक्टिव रहें। धूम्रपान बिलकुल न करें, एल्कोहल का अधिक सेवन न करें।

इसे भी पढ़ें:- कब्ज और गैस बन सकते हैं खून की कमी का कारण, जानें क्यों

डायबिटीज

डायबिटीज दुनिया की सबसे बड़ी बीमारियों में से एक है। केवल भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या 6.2 करोड़ से ज्यादा है। डायबिटीज अनुवांशिक बीमारी है लेकिन गलत लाइफस्टाइल के कारण भी लोग इस बीमारी का तेजी से शिकार हो रहे हैं। डायबिटीज होने पर ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है। शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाये तो दिल की बीमारी, किडनी की बीमारी, याद्दाश्त कमजोर होना, रक्त वाहिकाओं की क्षति के साथ असमय मौत जैसे ढेर सारे खतरों की संभावना होती है।

क्या करें-

ब्लड शुगर सामान्य रखने के लिए अपने खानपान का ख्याल रखें। चीनी, नमक, तेल का सेवन बहुत सीमित मात्रा में करें। खाने में सब्जी, फलों, दाल और ड्राई फ्रूट्स का सेवन ज्यादा करें। इसके साथ ही अपना वजन न बढ़ने दें। नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। अगर एक्सरसाइज नहीं भी कर सकते हैं, तो कम से कम मेहनत वाले काम करें। इसके अलावा समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच करते रहें।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Other Diseases

Loading...
Is it Helpful Article?YES814 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK